Feb २६, २०२४ १३:१० Asia/Kolkata

ईरान और पश्चिम एशियाई देशों के चुनावों से काफ़ी अंतर पाया जाता है। ईरान की संसद मजलिसे शूराए इस्लामी का बारहवां चुनाव और विशेषज्ञ परिषद का छठा चुनाव पहली मार्च को पूरे ईरान में आयोजित होगा।

यह चुनाव ऐसी हालत में आयोजित होने वाले हैं कि जब दुश्मनों ने ईरान के चुनावों के ख़िलाफ व्यापक प्रोपेगैंडे शुरु कर दिए हैं और लोगों को उनमें भाग न लेने के लिए प्रोत्साहित किया है।

हक़ीक़त यह है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान चुनाव कराने के मामले में पश्चिम एशियाई क्षेत्र में शीर्ष देशों में है जबकि क्षेत्र के अधिकांश देश चुनाव कराने से इनकार करते हैं और इस्लामी गणतंत्र ईरान में अब तक 39 चुनाव हो चुके हैं और शुक्रवार के चुनाव 40वें और 41वें चुनाव हैं।

इसीलिए मूल रूप से ईरान में राजनीतिक व्यवस्था, चुनाव कराने का स्वागत करती है और इसे अपनी शक्ति के तत्वों में मानती है। चुनाव सही अर्थों में व्यवस्था का मुख्य स्तंभ और निर्णय लेने तथा देश की नियति निर्धारित करने का आधार है।

दूसरा तथ्य यह है कि ईरान में चुनावों में न केवल संसद बल्कि राष्ट्रपति चुनाव, विशेषज्ञ परिषद, शहर और गांव की परिषदें भी शामिल हैं। इसीलिए जनता सांसदों, राष्ट्रपति और शहर और गांव परिषद के सदस्यों और इस्लामी परिषदों के सदस्यों की नियुक्ति करते हैं।

इसीलिए ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में लोगों की प्रमुख भूमिका और स्थान है।

इस्लामी व्यवस्था ने हमेशा जनता की अधिकतम भागीदारी पर ज़ोर दिया है और यह न केवल व्यवस्था के अधिकार के स्तर को बढ़ाने के लिए है बल्कि ईरानी जनता की मानवीय गरिमा का सम्मान और रक्षा करने के लिए भी है।

दूसरा मुद्दा, ईरान के चुनाव में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से जुड़ा है। ईरान में होने वाले चुनावों में व्यक्तियों और गुटों के बीच प्रतिस्पर्धा ज़बरदस्त तरीक़े से होती है और मतपेटियों में प्रत्याशियों के भाग पड़े होते हैं और देश का चुनाव आयोग पारदर्शिता के साथ मतगणना कराता है और जीतने वाले प्रत्याशियों के नामों का एलान करता है। ईरान में व्यक्तियों और दलों के बीच एक वास्तविक प्रतिस्पर्धा का ख़ूबसूरत दृश्य भी नज़र आता है।

यह ऐसी हालत में है कि दुश्मनों ने ईरान के चुनावों के लिए साज़िशें रच रखी हैं और यहां तक ​​कि उनकी खुफिया एजेंसियों ने भी चुनावों पर पूरी तरह से नजर रख रखी है और मीडिया की ताकत का उपयोग करके इसमें हस्तक्षेप करने की कोशिश कर रहे हैं। (AK)

 

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