रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा के रोगियों में अंधेपन को रोकने में ईरानी शोधकर्ताओं ने हासिल की सफलता
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संयोजक वायरल वैक्टर का आविष्कार करके, ईरानी शोधकर्ताओं ने वंशानुगत बीमारी रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा के रोगियों में अंधेपन को रोकने में सफलता प्राप्त की है।
(last modified 2025-02-18T08:02:38+00:00 )
Jul २४, २०२४ १८:५५ Asia/Kolkata
  • रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा के रोगियों में अंधेपन को रोकने में ईरानी शोधकर्ताओं ने हासिल की सफलता

संयोजक वायरल वैक्टर का आविष्कार करके, ईरानी शोधकर्ताओं ने वंशानुगत बीमारी रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा के रोगियों में अंधेपन को रोकने में सफलता प्राप्त की है।

Retinitis pigmentosa, रेटिना के अर्ध पतन का एक प्रकार है और वंशानुगत अंधेपन के सबसे सामान्य प्रकारों में से एक है। इसकी दर, लगभग दो हज़ार पांच सौ जन्मों में से एक है, जो रतौंधी और अंततः पूर्ण अंधेपन का कारण बनती है।

पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में एक वरिष्ठ ईरानी शोधकर्ता मरियम हक़शेनास का कहना हैः उपरोक्त बीमारी के इलाज के लिए उठाए जा सकने वाले सबसे प्रभावी उपायों में से एक प्रभावी जीन स्थानांतरण के लिए अनुकूलित पुनः संयोजक वायरल वैक्टर का उत्पादन है।

उनका कहना था कि रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा के इलाज के लिए इस पद्धति का उपयोग करके एक वायरस बनाया गया, जिसमें इस जीन का एक स्वस्थ संस्करण है।

इस ईरानी शोधकर्ता का कहना था कि उत्पादित वायरस को रोगी की आंख में इंजेक्ट करने के बाद, उपरोक्त जीन रेटिना कोशिकाओं के विनाश को रोकता है।

हक़शेनास ने बतायाः इनमें से कोई भी जीन थेरेपी तकनीक अब तक ईरान में उपलब्ध नहीं थी और यह शोध पहली बार ईरान में किया गया है।

बता दें कि प्रतिबंधों के बावजूद, दुनिया के विज्ञान उत्पादन में ईरान का हिस्सा 2 फ़ीसद है, जो इस्लामी देशों में अग्रणी है। msm