ईरानी महिलाओं के कपड़ों का मुद्दा और कुछ पश्चिमी देशों द्वारा डाले जा रहे दबाव पर एक नज़र
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पार्सटुडे- ऐसे समाज जो नग्नता में विश्वास रखता है, वह कपड़ों और पहनावे के क़ानून को सीमित्ता वाला मानता है क्योंकि कपड़ों की सीमाएं उस समाज के नैतिक मानदंडों से निर्धारित होती हैं लेकिन ईरान में, पहनावा, छिपाना और नैतिक गोपनीयता, असली हैं।
(last modified 2025-02-18T08:19:00+00:00 )
Sep २३, २०२४ १४:०४ Asia/Kolkata
  • ईरानी महिलाओं के कपड़ों का मुद्दा और कुछ पश्चिमी देशों द्वारा डाले जा रहे दबाव पर एक नज़र
    ईरानी महिलाओं के कपड़ों का मुद्दा और कुछ पश्चिमी देशों द्वारा डाले जा रहे दबाव पर एक नज़र

पार्सटुडे- ऐसे समाज जो नग्नता में विश्वास रखता है, वह कपड़ों और पहनावे के क़ानून को सीमित्ता वाला मानता है क्योंकि कपड़ों की सीमाएं उस समाज के नैतिक मानदंडों से निर्धारित होती हैं लेकिन ईरान में, पहनावा, छिपाना और नैतिक गोपनीयता, असली हैं।

ईरान में महिलाओं के कपड़े हमेशा पश्चिमी मीडिया और संस्थानों द्वारा हमले का शिकार रहे हैं।  यह इस तथ्य के बावजूद है कि हिजाब का मुद्दा, ईरानी संस्कृति और परंपरा में निहित है, और दुनिया के अन्य क्षेत्रों की तरह ईरानी जनता के भी अपने सांस्कृतिक और पारंपरिक मूल्य हैं।

इसलिए, पश्चिमी समाज जैसे समाजों की तुलना में ईरानी समाज में लैंगिक प्राथमिकताओं के मुद्दों के अलग-अलग मानदंड हैं।

बेशक, ईरान में, किसी को भी उसके (व्यक्तिगत गोपनीयता) यानी घर में किए गए कार्यों के लिए दंडित नहीं किया जाता है और ईरान में सज़ाओं के लिए जो महत्वपूर्ण है वह सड़क पर और सामुदायिक स्तर पर किया जाने वाला काम है।

दूसरे शब्दों में, सड़क पर किया जाने वाला बुरा काम  ही मुख्य मुद्दा है न कि निजी जीवन में किया गया कोई काम जहां व्यक्ति पूरी तरह से स्वतंत्र है। मालूम हो कि हर देश का अपना पहनावा और कपड़ों का कानून होता है, जो हमें पसंद भी आ सकता है और नहीं भी आ सकता है।

लेकिन हर समाज के कानूनों के अनुसार उस समाज में रहने वाले लोगों को उस परिधान और उस ड्रेस कोड का सम्मान करना चाहिए।

ईरान में भी यही स्थिति है। बेशक, यहां सबसे अहम, ईरान का कानून है, वैसे, यह कोई परिधान या कपड़े वाला कानून नहीं है, बल्कि, इसे कपड़े उतारे पर रोक लगाने और नग्नता को रोकने के कानून के रूप में देखा जा सकता है।

ऐसे मामले पश्चिम में भी देखने को मिलते हैं। उदाहरण के लिए, कनाडा सहित कुछ समाजों में, यदि कोई सड़क पर नंगा हो जाता है, तो उस पर "सार्वजनिक नग्नता" के अपराध के लिए अदालत द्वारा मुक़द्दमा चलाया जाएगा।

इस देश में आप बिना टी-शर्ट के मैकडॉनल्ड्स रेस्तरां में भी प्रवेश नहीं कर सकते। ये भी एक तरह का कवर क़ानून है.

इसलिए, शायद ऐसे समाज जो नग्नता में विश्वास रखता है, वह कपड़ों और पहनावे के क़ानून को सीमित्ता वाला मानता है क्योंकि कपड़ों की सीमाएं उस समाज के नैतिक मानदंडों से निर्धारित होती हैं लेकिन ईरान में, पहनावा, छिपाना और नैतिक गोपनीयता, असली हैं।

इस मुद्दे के बावजूद, ईरान में पर्दा करना केवल ईरानी महिलाओं तक ही सीमित नहीं है। पुरुष भी बिना शर्ट पहने और नग्न होकर सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ सकते, उन्हें भी पूरे कपड़े पहनने होते हैं।

आख़िर में इस संदर्भ में मीडिया और संस्कृति द्वारा थोपे गए विचारों को जानना ज़रूरी है और समाज की सांस्कृतिक संरचना के आधार पर हमें मीडिया प्रोपेगैंडों के आगे झुकना नहीं चाहिए।

 

कीवर्ड्ज़: ईरानी महिलाओं के कपड़े, हिजाब और ईरानी संस्कृति की पाकीज़गी, विभिन्न समाजों की पोशाक की संस्कृति (AK)

 

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