इस्लामी एकता, साम्राज्यवादियों के रास्ते की रुकावट, पिज़िश्कियानः इस्लामी देश ग़ज़्ज़ा को दोबारा आबाद करेंगे
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इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति से हमास की नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष व सदस्यों की मुलाक़ात
पार्सटुडे- इस्लामी संप्रदायों को एक दूसरे से निकट करने वाले फ़ोरम के महासचिव ने अंतरराष्ट्रीय साम्राज्यवादियों व अहंकारियों के षडयंत्रों के मुक़ाबले में इस्लामी एकता पर बल दिया।
इस्लामी संप्रदायों को एक दूसरे से निकट करने वाले फ़ोरम के महासचिव हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन (हमीद शहरयारी) ने ईरान की इस्लामी क्रांति की उपलब्धियों को बयान किया और और विश्व साम्राज्यवादियों की साज़िषों व षडयंत्रों के मुक़ाबले में एकता पर बल दिया।
पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार शहरयारी ने कहा कि गत 200 साल के दौरान विश्व साम्राज्य ने फ़ूट व मतभेद उत्पन्न करके क्षेत्र में अपनी उपस्थिति का औचित्य दर्शाया। इसी प्रकार दुश्मन न केवल ईरान बल्कि इस्लामी जगत में फ़ूट व मतभेद उत्पन्न करने के प्रयास में है और इस्लामी देशों के विभाजन को उसके स्पष्ट प्रमाण के रूप में देखा जा सकता है।
पिज़िश्कियानः इस्लामी देश दोबारा ग़ज़ा को आबाद कर सकते हैं
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति मसऊद पिज़िश्कियान ने तेहरान में फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास से संबंधित परिषद के नेता से भेंट में ग़ज़ा पट्टी के लोगों की सहायता करने और ग़ज़ा पट्टी के पुनर्निर्माण के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाये जाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि निश्चित रूप से इस्लामी देश एक दूसरे की मदद करके ग़ज़ा पट्टी का दोबारा पुनर्निर्माण और इस क्षेत्र के लोगों के लिए दोबारा ज़िन्दगी बहाल कर सकते हैं।
ईरान के अहले सुन्नत विद्वानों ने इस्लामी क्रांति की सफ़लता के अवसर पर बधाई दी
ईरान के सुन्नी विद्वानों और आलिमों ने अगल- अलग बयान जारी करके ईरान की इस्लामी क्रांति की सफ़लता की 46वीं वर्षगांठ की बधाई के साथ एलान किया है कि ईरान के पास त्यागी, वफ़ादार और एकजुट राष्ट्र है जो पूरी क्षमता के साथ और इस्लामी क्रांति के सर्चोच्च आयतुल्लाह इमाम ख़ामेनेई का अनुसरण करके इस्लाम और क्रांति की रक्षा करेगा। MM