बक़ाई: यमन के खिलाफ अमेरिकी हवाई हमले युद्ध अपराध का एक स्पष्ट उदाहरण हैं और संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर का घोर उल्लंघन हैं
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पार्सटुडे - इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यमन की रास ईसा बंदरगाह पर अमेरिका के क्रूर हवाई हमले की निंदा की है जिसके नतीजे में दर्जनों निर्दोष यमनी लोग मारे गए और घायल हुए तथा बंदरगाह पूरी तरह से नष्ट हो गया।
(last modified 2025-05-01T10:13:40+00:00 )
Apr १९, २०२५ १२:१२ Asia/Kolkata
  • ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बक़ाई
    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बक़ाई

पार्सटुडे - इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यमन की रास ईसा बंदरगाह पर अमेरिका के क्रूर हवाई हमले की निंदा की है जिसके नतीजे में दर्जनों निर्दोष यमनी लोग मारे गए और घायल हुए तथा बंदरगाह पूरी तरह से नष्ट हो गया।

पश्चिमी यमन के हुदैदा प्रांत में रासे ईसा तेल बंदरगाह पर गुरुवार शाम को हुए अमेरिकी हवाई हमलों में 38 यमनी सहायताकर्मी, श्रमिक और कर्मचारी मारे गए तथा 80 अन्य घायल हो गए।

पार्सटुडे के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने शुक्रवार को यमन के खिलाफ अमेरिकी हवाई हमलों को युद्ध अपराध का एक स्पष्ट उदाहरण बताया, जो संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय कानून के मौलिक सिद्धांतों और नियमों का घोर उल्लंघन है।

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया: यमन के विरुद्ध अमेरिकी हमले ने जो इस देश द्वारा फिलिस्तीन में ज़ायोनी शासन के क़ब्ज़े और नरसंहार के लिए पूर्ण समर्थन जारी रखती है, अमेरिका को फिलिस्तीन और क्षेत्र में इज़राइल के अपराधों में एक सहयोगी और साझेदार बना दिया है।"

श्री बक़ाई ने चेतावनी दी: यमन के खिलाफ जारी अमेरिकी सैन्य हमले, देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का विनाश और यमन के मुस्लिम लोगों की हत्या ने न केवल ज़ायोनी शासन को ग़ज़ा और पश्चिमी तट में अपने अपराध जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया है, बल्कि यह क्षेत्र में असुरक्षा को बढ़ाने और अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कारक भी है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यमनी नागरिकों की शहादत पर यमनी राष्ट्र और सरकार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए, यमनी राष्ट्र के साथ ईरान की दृढ़ एकजुटता पर बल दिया और अमेरिका द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कानून और यमनी लोगों के मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन के प्रति अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की निष्क्रियता और चुप्पी को समाप्त करने का आह्वान किया और इस संबंध में मुस्लिम देशों और इस्लामिक सहयोग संगठन की ज़िम्मेदारियों को याद दिलाया। (AK)