IRGC (सिपाह-ए-पासदारान) की नौसेना ने अमेरिकी आक्रमण और युद्धविराम के उल्लंघन का जवाब दिया इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC)
पार्स टुडे – IRGC के जनसंपर्क विभाग ने शनिवार सुबह एक बयान जारी कर घोषणा की: "IRGC की नौसेना ने अमेरिकी सेना के इस्लामिक गणराज्य ईरान के तटों पर हवाई हमले के जवाब में क्षेत्र में अमेरिकी आतंकवादी सेना के ठिकानों को निशाना बनाया।"
पार्स टुडे के अनुसार IRGC के जनसंपर्क विभाग के बयान का पाठ इस प्रकार है:
"अल्लाह के नाम से जो ज़ालिमों को कुचलने वाला है"
"अतः यदि कोई तुम पर अतिक्रमण करे तो तुम भी उस पर वैसा ही हमला करो, जैसा उसने तुम पर किया है।" (कुरआन, 2:194)
दक्षिणी लेबनान में ज़ायोनी शासन द्वारा युद्धविराम के उल्लंघन के बाद कुछ घंटे पहले अमेरिकी शासन ने भी हमेशा की तरह अपने दायित्वों का उल्लंघन किया, और हुर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक अनाधिकृत मार्ग से एक उल्लंघनकारी जहाज के आवागमन को रोकने के बहाने, इस्लामिक गणराज्य ईरान के तटों पर हवाई हमला किया।
IRGC की नौसेना ने इस आक्रमण के जवाब में क्षेत्र में अमेरिकी आतंकवादी सेना के ठिकानों को निशाना बनाया।
इस्लामाबाद समझौते के खंड 5 के अनुसार हुर्मुज़ जलडमरूमध्य में आवागमन के नियंत्रण की व्यवस्था इस्लामिक गणराज्य ईरान के साथ है; हालाँकि अमेरिका ने विभिन्न माध्यमों से उकसावे के द्वारा इस दायित्व का उल्लंघन करने का प्रयास किया जिसका उचित जवाब दिया गया और भविष्य में भी ऐसा ही होगा। यदि आक्रमण दोहराया गया तो हमारा जवाब इससे भी व्यापक होगा। mm