इराक़ में इस्लामी क्रांति के शहीद नेता के जनाज़े के अवसर पर अरब उपयोगकर्ताओं का उत्साह और शहीद इमाम ख़ामेनेई के लिए तड़प
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पार्स टुडे –इराक़ में इस्लामी क्रांति के शहीद नेता के पार्थिव शरीर के जनाज़े के समय की घोषणा के बाद अरब उपयोगकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर इस आयोजन का व्यापक स्वागत किया।
(last modified 2026-07-05T07:54:53+00:00 )
Jul ०२, २०२६ १३:४९ Asia/Kolkata
  • इराक़ में इस्लामी क्रांति के शहीद नेता के जनाज़े के अवसर पर अरब उपयोगकर्ताओं का उत्साह और शहीद इमाम ख़ामेनेई के लिए तड़प

पार्स टुडे –इराक़ में इस्लामी क्रांति के शहीद नेता के पार्थिव शरीर के जनाज़े के समय की घोषणा के बाद अरब उपयोगकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर इस आयोजन का व्यापक स्वागत किया।

पार्स टुडे के अनुसार बहरीन की एक नागरिक 'रवान अल-हाशिमी' ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने पेज पर लिखा:

"हम धीरे-धीरे प्रिय इराक की यात्रा के लिए तैयार हो रहे हैं ताकि आयतुल्लाह ख़ामेनेई को सबसे भव्य जनाजा समारोह भेंट कर सकें। वफादारी और प्रेम का जनाजा..."

 

एक अन्य उपयोगकर्ता 'रोला हुसैन' ने अपने पेज पर लिखा:

"एक शरीर हमसे दूर चला गया लेकिन विचार और स्कूल अभी भी बना हुआ है। मेरे सरदार तुम्हारा जाना हमारी आत्मा में हजारों हजार क्रांतिकारी आत्माएँ विरासत में छोड़ गया।"

 

एक अन्य अरब उपयोगकर्ता 'अमल अल-विलाया' ने लिखा:

"वह केवल एक कमांडर नहीं थे बल्कि उम्मत की आवाज़ थे जिन्होंने सत्य के मामले में कोई समझौता नहीं किया। उनकी उपस्थिति हमारे दिलों में बनी रहेगी।"

 

'अबू यहया अल-शहारी' एक अन्य अरब उपयोगकर्ता है जिसने अपने पेज पर लिखा:

"हे इराक़ के वीर और वफादार पुत्रों, इमाम, कमांडर और इस्लामी उम्मत के गौरव के जनाजे में उपस्थित होने के मामले में कोई कमी न करें क्योंकि उन्होंने कभी भी इराक के प्रति कोई कमी नहीं की। निर्धारित समय पर उपस्थित रहें।"

 

इसके अलावा 'इब्न अल-खज़अली अल-क़ाएद' नामक उपयोगकर्ता ने लिखा:

"जनाजे में हमारी उपस्थिति केवल एक कर्तव्य नहीं है बल्कि यह एक स्पष्ट घोषणा है कि इमाम का मार्ग जारी है और उनका रक्त हमारे भीतर स्वतंत्रता की आग को भड़काता है। निर्धारित समय पर उपस्थित रहें ताकि हम सत्य के नारों से चौकों को भर सकें और दुश्मन को साबित कर सकें कि जिस उम्मत का नेतृत्व शहीद करते हैं वह कभी विफल नहीं होगी।"

 

'नूर हुस्ना' नामक उपयोगकर्ता ने भी अपने पेज पर लिखा:

"सूर्य ग्रहण के लिए तैयार हो जाओ, काले वस्त्र पहनो, शोक के झंडे फहराओ और सार्वजनिक शोक की घोषणा करो क्योंकि अली (अ.स.) के शिया चंद्रमा का जनाजा निकालना चाहते हैं।"

 

क्रांति के शहीद नेता के लिए विदेशी उपयोगकर्ताओं की तड़प

 

हाल के दिनों में शहीद आयतुल्लाह सैय्यद अली ख़ामेनेई के पार्थिव शरीर की विदाई और जनाजे के समारोह की पूर्व संध्या पर विदेशी उपयोगकर्ताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर सैकड़ों संदेश, नोट्स और चित्र प्रकाशित करके, क्रांति के शहीद नेता का सम्मान किया है और ईरान तथा क्षेत्र के घटनाक्रमों में उनकी भूमिका के बारे में बात की है। कुछ उपयोगकर्ताओं ने शहीद नेता की पवित्र आत्मा के लिए प्रार्थना करते हुए, उन्हें 'नेता', 'मार्गदर्शक' और 'पिता' के रूप में याद किया और जोर देकर कहा कि उनका नाम और विचार उनके लिए प्रेरणादायक रहे हैं।

 

एक उपयोगकर्ता ने लिखा:

"हमारे ज़माने के अली हमारे शक्तिशाली और मज़लूम नेता, वह चले गए और उनके जाने के साथ  मानो इस राष्ट्र की शांति का एक हिस्सा हमेशा के लिए बुझ गया; इतनी गहरी विदाई कि शब्द इसके भार को व्यक्त करने में असमर्थ हैं, और केवल मौन को उनकी उपस्थिति में छोड़ देते हैं... #या_लिसारात_अल-ख़ामेनेई #ख़ामेनेई_हर_किसी_के_लिए"

 

एक अन्य उपयोगकर्ता ने लिखा:

"आयतुल्लाह #ख़ामेनेई ने ईरान के सम्मान के मार्ग में हर कदम उठाया और साबित किया कि किसी देश की शक्ति उसके लोगों की गैरत और संकल्प से निर्धारित होती है। ईरान आज उन क्षणों का ऋणी है, जब वह खड़े रहे ताकि हम खड़े रह सकें।"

 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के एक अन्य उपयोगकर्ता ने लिखा:

"अद्वितीय चेहरा, अनुपम रत्न, अपने समय का अद्वितीय नेता, महान और प्रतिष्ठित मुजाहिद, अंतर्राष्ट्रीय अपराधियों के खिलाफ ईरानी लोगों की पीड़ा व मज़लूमियत का प्रतीक है। उनके लिए न्याय की माँग करना, हर शहीद और दोनों युद्धों के हर पीड़ित के लिए न्याय की माँग करना है। लब्बैक या ख़ामेनेई – लब्बैक या ख़ामेनेई! हाँ, हम नहीं भूलेंगे। हम भूल नहीं सकते।"

 

इस बीच इराकी राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने जोर देकर कहा कि क्रांति के शहीद नेता के पार्थिव शरीर का जनाजा इराक में आयोजित करना, एक ऐतिहासिक घटना है और इराकी और ईरानी लोगों के बीच घनिष्ठ संबंधों को दर्शाता है। mm