ईरान के सुन्नी धर्मगुरु: कुर्दिस्तान के लोगों की धार्मिक मूल्यों के प्रति निष्ठा शहीद नेता के अंतिम संस्कार समारोह में प्रकट हुई
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पार्स टुडे – ईरान के एक सुन्नी धर्मगुरु ने पश्चिमी ईरान में कुर्दिस्तान प्रांत के लोगों की क्रांति के शहीद नेता को विदाई और अंतिम संस्कार समारोह में व्यापक भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा: "कुर्दिस्तान प्रांत के लोगों – शिया और सुन्नी दोनों – की इस समारोह में उत्साहपूर्ण और जागरूक उपस्थिति, इस्लामी क्रांति के आदर्शों के साथ एक नई प्रतिज्ञा है, और इस क्षेत्र के लोगों की धार्मिक और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति गहरी निष्ठा को दर्शाती है।"
(last modified 2026-07-07T11:30:54+00:00 )
Jul ०७, २०२६ १६:५८ Asia/Kolkata
  • ईरान के सुन्नी धर्मगुरु मामोस्ता ताहा महमूदी
    ईरान के सुन्नी धर्मगुरु मामोस्ता ताहा महमूदी

पार्स टुडे – ईरान के एक सुन्नी धर्मगुरु ने पश्चिमी ईरान में कुर्दिस्तान प्रांत के लोगों की क्रांति के शहीद नेता को विदाई और अंतिम संस्कार समारोह में व्यापक भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा: "कुर्दिस्तान प्रांत के लोगों – शिया और सुन्नी दोनों – की इस समारोह में उत्साहपूर्ण और जागरूक उपस्थिति, इस्लामी क्रांति के आदर्शों के साथ एक नई प्रतिज्ञा है, और इस क्षेत्र के लोगों की धार्मिक और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति गहरी निष्ठा को दर्शाती है।"

पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, मामोस्ता ताहा महमूदी ने मंगलवार को IRNA (ईरानी समाचार एजेंसी) के संवाददाता से बात करते हुए कुर्दिस्तान प्रांत के धर्मगुरुओं, विद्वानों और लोगों की दिवंगत क्रांति नेता को विदाई और अंतिम संस्कार समारोह में व्यापक उपस्थिति की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय एकता का प्रतीक और इस्लामी क्रांति के आदर्शों तथा समाज के एकीकृत मूल्यों के साथ एक नई प्रतिज्ञा बताया।

उन्होंने आगे कहा: "कुर्दिस्तान प्रांत के लोगों ने राष्ट्र के शहीद नेता (क़ाइद-ए-शहीद-ए-उम्मत) को विदाई और अंतिम संस्कार समारोह में व्यापक उपस्थिति के साथ, उस उच्च-पदस्थ व्यक्तित्व और इस्लामी ईरान के प्रति अपने प्रेम और निष्ठा को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।"

सक्केज़ के बड़े इस्लामी केंद्र के प्रमुख ने समाज के विभिन्न वर्गों – शिया और सुन्नी – की एक साथ उपस्थिति को एकता और सद्भाव का प्रतीक बताते हुए इस बात पर जोर दिया: "इस्लामी संप्रदायों के बीच एकता, संवेदनशील परिस्थितियों से निपटने और चुनौतियों का मुकाबला करने में ईरान की सबसे महत्वपूर्ण पूंजियों में से एक है।"

मामोस्ता महमूदी ने याद दिलाया: "क्रांति के शहीद नेता का पवित्र रक्त, राष्ट्र, ईरान के सशस्त्र बलों और इस्लामी व्यवस्था के बीच एकता और सामंजस्य को और अधिक मजबूत करेगा, और दुश्मन इस एकता और सद्भाव से डरता है।" (AK)
 

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