ईरान फ़िलिस्तीनी नेताओं द्वारा वार्ता प्रक्रिया में अपनाई गई किसी भी योजना और निर्णय का समर्थन करेगाः तेहरान
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ईरान के राष्ट्रपति ने हमास आंदोलन के राजनीतिक ब्यूरो प्रमुख के साथ टेलीफोन वार्ता में फ़िलिस्तीनी समूहों के बीच समन्वय स्थापित करने में ख़लील अल-हय्या की भूमिका और प्रबंधन की सराहना की और कहा कि इस्लामिक गणराज्य ईरान फ़िलिस्तीनी नेताओं द्वारा वार्ता प्रक्रिया में अपनाई गई किसी भी योजना, पहल और निर्णय का समर्थन करेगा।
(last modified 2026-08-06T05:41:46+00:00 )
Aug ०५, २०२६ १८:२१ Asia/Kolkata
  • ईरान फ़िलिस्तीनी नेताओं द्वारा वार्ता प्रक्रिया में अपनाई गई किसी भी योजना और निर्णय का समर्थन करेगाः तेहरान

ईरान के राष्ट्रपति ने हमास आंदोलन के राजनीतिक ब्यूरो प्रमुख के साथ टेलीफोन वार्ता में फ़िलिस्तीनी समूहों के बीच समन्वय स्थापित करने में ख़लील अल-हय्या की भूमिका और प्रबंधन की सराहना की और कहा कि इस्लामिक गणराज्य ईरान फ़िलिस्तीनी नेताओं द्वारा वार्ता प्रक्रिया में अपनाई गई किसी भी योजना, पहल और निर्णय का समर्थन करेगा।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने फ़िलिस्तीनी इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के राजनीतिक ब्यूरो प्रमुख ख़लील अल-हय्या के साथ टेलीफोन वार्ता में फ़िलिस्तीनी जनता के ज़ायोनी शासन के अपराधों के सामने धैर्य, दृढ़ता और प्रतिरोध की सराहना करते हुए ज़ोर दिया कि इस्लामिक गणराज्य ईरान के राष्ट्र और अधिकारियों का दिल और आत्मा हमेशा मज़लूम फ़िलिस्तीनी जनता के साथ है और इस्लामिक गणराज्य ईरान यथासंभव फ़िलिस्तीनी जनता का समर्थन और सहायता करेगा।

 

पेज़ेश्कियान ने फ़िलिस्तीनी समूहों के बीच समन्वय स्थापित करने में ख़लील अल-हय्या की भूमिका और प्रबंधन की सराहना की और कहा कि इस्लामिक गणराज्य ईरान फ़िलिस्तीनी नेताओं द्वारा वार्ता प्रक्रिया में अपनाई गई किसी भी योजना, पहल और निर्णय का समर्थन करेगा।

 

उन्होंने ज़ायोनी शासन और अमेरिका के ईरान की धरती पर हालिया आक्रमणों और क्षेत्र की स्थितियों का ज़िक्र करते हुए स्पष्ट किया कि इन कठिनाइयों के बावजूद फ़िलिस्तीन का मुद्दा इस्लामिक गणराज्य ईरान की विदेश नीति में अपनी केंद्रीय स्थिति बनाए हुए है और यह अधिकारियों, नीति-निर्माताओं और इस्लामिक गणराज्य ईरान के नेता की नज़रों से दूर नहीं रहा है और यह अभी भी इस्लामी दुनिया का पहला मुद्दा बना हुआ है।

 

पेज़ेश्कियान ने फ़िलिस्तीनी जनता के लिए स्वास्थ्य, सम्मान और विजय की कामना करते हुए इस्लामिक गणराज्य ईरान के फ़िलिस्तीनी जनता के समर्थन की निरंतरता पर ज़ोर दिया और कहा कि ईरान फ़िलिस्तीनी जनता की मदद करने के लिए किसी भी प्रयास में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

 

ईरान के राष्ट्रपति ने इस्लामी समुदाय के हितों की रक्षा के लिए इस्लामी देशों के बीच एकता, अखंडता और समन्वय को मजबूत करने का भी आह्वान किया।

 

पेज़ेश्कियान ने इस वार्ता के एक अन्य भाग में अन्य फ़िलिस्तीनी मुजाहिदों और अधिकारियों को अपना सलाम पहुँचाने के अनुरोध के साथ कहा कि इस्लामी देशों की एकता और एकजुटता सत्य की असत्य पर विजय का आधार प्रदान कर सकती है।

 

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस्लामिक गणराज्य ईरान हमेशा मज़लूम, प्रतिरोधी और वीर फ़िलिस्तीनी जनता का समर्थक रहा है और रहेगा और इस्लामी देशों के साथ सहयोग बढ़ाकर मौजूदा मतभेदों को कम करने और इस्लामी समुदाय को दुश्मनों के खिलाफ अधिक एकता और अखंडता प्राप्त करने में मदद करने का प्रयास करेगा।

 

इस टेलीफोन वार्ता में ख़लील अल-हय्या ने क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों और अमेरिका तथा ज़ायोनी शासन के इस्लामिक गणराज्य ईरान पर हमलों का ज़िक्र करते हुए ज़ायोनी शासन को क्षेत्र में अस्थिरता और सुरक्षा के लिए खतरे का मुख्य कारण बताया और ज़ोर दिया कि यह शासन अमेरिकी समर्थन के बावजूद पतन की राह पर है।

 

हमास के राजनीतिक ब्यूरो प्रमुख ने खतरों के सामने इस्लामिक गणराज्य ईरान के डटे रहने की प्रशंसा करते हुए कहा कि ईरान क्षेत्र में नए समीकरण स्थापित करने में सफल रहा है, और विश्वास व्यक्त किया कि इस्लामिक गणराज्य ईरान भविष्य में भी अपनी उपलब्धियाँ प्राप्त करता रहेगा, ऐसी उपलब्धियाँ जो ईरान, क्षेत्र और इस्लामी दुनिया के हित में होंगी।

 

ख़लील अल-हय्या ने प्रतिरोध अक्ष के भविष्य के प्रति आशा व्यक्त करते हुए ज़ोर दिया कि यह आंदोलन क्षेत्र के विभिन्न देशों में अंततः अपने लक्ष्यों और आदर्शों को प्राप्त करेगा।

 

हमास आंदोलन के राजनीतिक ब्यूरो प्रमुख ने ग़ज़ा में युद्ध की निरंतरता और वेस्ट बैंक, क़ुद्स और अल-अक्सा मस्जिद की स्थिति का ज़िक्र करते हुए इस्लामिक गणराज्य ईरान के फ़िलिस्तीनी जनता के निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि फ़िलिस्तीनी जनता हमलों और दबावों की निरंतरता के बावजूद अपने आदर्शों और फ़िलिस्तीनी शहीदों के खून पर कायम रहेगी।

 

अल-हय्या ने राजनीतिक वार्ता की प्रक्रिया का ज़िक्र करते हुए कहा कि हमास आंदोलन इस वार्ता को अन्य फ़िलिस्तीनी समूहों की भागीदारी और समन्वय के साथ आगे बढ़ा रहा है और जैसे उसने युद्ध के मैदान में डटे रहने का प्रदर्शन किया है वैसे ही कूटनीति के क्षेत्र में भी वह ज़ायोनी शासन को उन लक्ष्यों को प्राप्त करने की अनुमति नहीं देगा जो वह युद्ध के मैदान में हासिल नहीं कर पाया है।

 

हमास आंदोलन के राजनीतिक ब्यूरो प्रमुख ने फ़िलिस्तीनी जनता के हितों को सुनिश्चित करने के लिए वार्ता प्रक्रिया में इस्लामिक गणराज्य ईरान और ईरानी अधिकारियों के अनुभवों का लाभ उठाने का आह्वान किया और आशा व्यक्त की कि मैदानी प्रतिरोध के साथ-साथ राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयास भी फ़िलिस्तीनी जनता के लक्ष्यों की प्राप्ति का कारण बनेंगे।

 

ख़लील अल-हय्या ने ऑपरेशन तूफान अल-अक्सा का ज़िक्र करते हुए आशा व्यक्त की कि इस प्रक्रिया का अंत फ़िलिस्तीन और पवित्र क़ुद्स की स्वतंत्रता के साथ होगा।

 

हमास आंदोलन के राजनीतिक ब्यूरो प्रमुख ने प्रतिरोध अक्ष के शहीद नेताओं और कमांडरों की स्मृति को सम्मानित करते हुए समान विचारधारा वाले आंदोलनों के बीच सहयोग और एकीकरण जारी रखने पर ज़ोर दिया और कहा कि वह इस्लामी समुदाय की एकता को मजबूत करने के लिए अपनी जिम्मेदारियों के दायरे में प्रयास करेंगे और आशा व्यक्त की कि निकट भविष्य में हमारे देश के राष्ट्रपति से मुलाकात होगी। mm