May १७, २०२४ १४:४४ Asia/Kolkata
  • इस्राईली अपराधों को रोकने के लिए हमें उसके ईंधन की सप्लाई को काटना होगा, लेकिन कैसे?

ग़ज़ा में हालिया नस्लकुशी से पहले शेवरॉन कंपनी की तेल और गैस पाइपलाइनों सुरक्षा के लिए गश्त करने वाले इस्राईली सैनिकों ने फ़िलिस्तीनी मछुआरों पर सीधे गोलियां बरसाई थीं और कई को गिरफ़्तार कर लिया था।

2020 में इस्राईली लड़ाकू विमानों को जेपी-8 जेट फ़्यूल की आपूर्ति के लिए अमरीका ने 3 बिलियन डॉलर की लागत का एक समझौता किया था।

डेटाडेस्क की एक हालिया रिपोर्ट से पता चला है कि अक्तूबर 2023 के बाद जेपी-8 जेट ईंधन से भरे 3 अमरीकी टैंकर इस्राईल के लिए रवाना हुए थे।

टेक्सास के कॉर्पस क्रिस्टी में स्थित वैलेरो एनर्जी रिफ़ाइनरी इस ईंधन की आपूर्तिकर्ता है। जब हम यह रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, उस वक़्त भी एक अन्य टैंकर ओवरसीज़ सन कोस्ट भूमध्य सागर में इस्राईल की ओर जा रहा है।

जेट ईंधन की आपूर्ति और उसके परिवहन मार्ग को बंद करना, ज़ोयनी युद्ध मशीन को रोकने के लिए महत्वपूर्ण क़दम हो सकता है।

बंदरगाहों में हड़ताल, कार्यकर्ताओं को संगठित करना, बंदरगाहों के कर्मचारियों द्वारा जहाज़ों को सेवाएं प्रदान नहीं करना और ट्रेड यूनियनों द्वारा जहाज़ों को लंगर डालने से रोकना ग़ज़ा में नरसंहार को रोकने में मदद कर सकता है।

इसके अलावा, इस्राईल की ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश को रोकने से इस शासन की विस्तारवादी नीतियों पर क़ाबू पाने में मदद मिलेगी।

हालिया वर्षों में फ़िलिस्तीन के पानियों से चोरी की गई गैस के उत्पादन और निर्यात से इस्राईल ने काफ़ी पैसा कमाया है।

इन परियोजनाओं का इस्तेमाल, इस्राईल को वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक रणनीतिक क्षेत्र के रूप में स्थापित करना और उसकी अर्थव्यवस्था के लिए राजस्व उत्पन्न करने के लिए किया जाता है। इस पैसे को उसके 23.4 बिलियन डॉलर के वार्षिक सैन्य बजट में इंजैक्ट किया जाता है।

इस्राईल के ऊर्जा उद्योग में निवेश को रोकना

गैस संरचना की सीधे तौर पर अवैध क़ब्ज़े और औपनिवेशिक हिंसा में भूमिका है। उन 12 कंपनियों में निवेश को रोका जाना चाहिए, जो अक्तूबर 2023 में ग़ज़ा के तट पर गैस की खोज में सामिल हैं।

बीपी, ऐनी और डाना पेट्रोलियम जैसी कंपनियों ने न सिर्फ़ इस्राईल की औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व निवेश किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के उल्लंघन में सीधे तौर पर भूमिका निभाई है। इस निवेश ने फ़िलिस्तीनी प्राकृतिक संसाधनों में अरबों डॉलर की आय को ख़तरे में डाल दिया है।

निवेश को रोकना, इस कॉरपोरेट लूटमार को उजागर करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।

फ़िलिस्तीन के लिए यूके एनर्जी एम्बार्गो (जिसने बीपी को लक्षित किया है) या शेवरॉन आउट ऑफ़ पेलिस्टाइन जैसे समूह आज ज़मीनी स्तर पर इस ज़िम्मेदारी को अदा कर रहे हैं। उनकी कार्यप्रणाली इस्राईल और इस्राईली ऊर्जा कंपनियों में निवेश करने वालों के लिए राजनीतिक लागत को बढ़ा देना है।

यह संगठन जनता में जागरुकता फैलाकर तेल, गैस और औपनिवेशिक क़ब्जे के बीच के संबंधों को उजागर कर रहे हैं।

इस तरह के समूहों और छात्र आंदोलनों को इतालवी सरकारी कंपनियों Eni, Total Energies और ग्रीक के स्वामित्व वाली Energean के ख़िलाफ़ इसी तरह का अभियान चलाने की ज़रूरत है। जो इस्राईल द्वारा फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों से तेल और गैस चुराने का परमिट हासिल कर चुकी हैं।  

कार्यकर्ताओं को यूरोपीय संघ को भी निशाना बनाना चाहिए, जिसने इस्राईली गैस के निर्यात का महत्वपूर्ण भाग ख़रीदा है और ग़ज़ा में नरसंहार के दौरान इस्राईल की ओर से उसकी खेप प्राप्त की है।

जहाज़ों को रोकना

इस्राईली गैस ले जाने वाले टैंकर नियमित रूप से बेल्जियम, वेल्स, मार्सिले, टस्कनी और रेवेना में रुकते हैं। अगर यूरोपीय कार्यकर्ता इस्राईल से आयात की जाने वाली गैस की लागत को बढ़ा दें और इन जहाज़ों को रोक दें तो उस पर ऊर्जा प्रतिबंध लगाया सकता है और उसकी युद्ध मशीन में डाले जाने वाले धन पर रोक लगाई जा सकती है।

इस्राईल में निवेश पर प्रतिबंधों विशेष रूप से ईंधन के क्षेत्र में प्रतिबंधों से फ़िलिस्तीनियों के नरसंहार को रोकने में मदद मिल सकती है।

इस क्षेत्र में सक्रिय समूहों में से एक डिसरुप्ट पावर ग्रूप है। यह इस्राईल के अपराधों का विरोधी समूह है, जो इस्राईल की युद्ध और नरसंहार मशीन में भूमिका निभाने वाले वैश्विक ऊर्जा स्रोतों की जांच करता है। msm

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