मलेशिया में मुसलमानों की एकता पर सम्मेलन, इस्लामी जगत की एकजुटता के लिए नया रोडमैप
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पार्स टुडे- इस्लामी धर्म के विभिन्न संप्रदायों को एक दूसरे से निकट लाने की असेंम्बली की आम बैठक दक्षिण–पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों से आए उलेमा, विचारकों और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित हुई।
(last modified 2026-01-25T04:31:04+00:00 )
Jan २२, २०२६ १३:१८ Asia/Kolkata
  • वर्ल्ड अहले बैत असेंम्बली के महासचिव  हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हामिद शहरियारी
    वर्ल्ड अहले बैत असेंम्बली के महासचिव  हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हामिद शहरियारी

पार्स टुडे- इस्लामी धर्म के विभिन्न संप्रदायों को एक दूसरे से निकट लाने की असेंम्बली की आम बैठक दक्षिण–पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों से आए उलेमा, विचारकों और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित हुई।

मलेशिया में आयोजित इस आम बैठक में ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड, मलेशिया और ईरान से गये उलेमा, चिंतक और बुद्धिजीवी शामिल हुए और इस्लामी जगत में एकता और समन्वय को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

 

पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार इस बैठक में मज्मा-ए-आलमी तक़रीब-ए-मज़ाहिब-ए-इस्लामी के महासचिव हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हामिद शहरियारी ने इस संस्था का सात-बिंदुओं वाला रणनीतिक दस्तावेज़ प्रस्तुत किया। यह दस्तावेज़ इस्लामी उम्मत और साझा सभ्यतागत पहचान को केंद्र में रखते हुए, उम्मत के वैज्ञानिक मार्गदर्शन, बुद्धिजीवी नेटवर्किंग, ज्ञान के संयुक्त उत्पादन, मज़हबी मतभेदों में कमी, तकफ़ीरी धाराओं का मुक़ाबला, सामाजिक सशक्तिकरण, मीडिया और कला की भूमिका तथा इस्लामी जगत में संस्थागत और सभ्यतागत समन्वय पर बल देता है।

 

इसी बैठक में उपस्थित पंद्रह उलेमा और विचारकों को मज्मा-ए-आलमी तक़रीब-ए-मज़ाहिब-एइस्लामी की आम सभा के सदस्य के रूप में चुना गया।

 

इस बैठक में मलेशियाई इस्लामी संगठन की सलाहकार परिषद के अध्यक्ष मोहम्मद अज़मी अब्दुलहमीद ने इस्लामी जगत की मौजूदा परिस्थितियों की ओर संकेत करते हुए कहा: इस्लामी मज़ाहिब की तक़रीब कोई अस्थायी आवश्यकता नहीं है बल्कि यह एक धार्मिक कर्तव्य और सभी मुसलमानों की साझा ज़िम्मेदारी है।

 

मज्मा-ए-आलमी तक़रीब-ए-मज़ाहिब-ए-इस्लामी की सर्वोच्च परिषद के अध्यक्ष और अहले-सुन्नत के विद्वान मौलवी इसहाक़ मदनी ने भी इस्लामी एकता को सुदृढ़ करने में उलेमा की भूमिका पर ज़ोर देते हुए, रचनात्मक संवाद के विस्तार, इस्लामी मज़ाहिब के बीच आपसी सम्मान और उग्र तथा विभाजनकारी धाराओं के मुक़ाबले की आवश्यकता पर बल दिया।

 

बैठक के अंत में हुज्जतुल इस्लाम हामिद शहरियारी ने एक आदेश के माध्यम से, मलेशिया में ईरान के इस्लामी गणराज्य के सांस्कृतिक सलाहकार हबीब-रेज़ा अरज़ानी को दक्षिण–पूर्व एशिया क्षेत्र में मज्मा-ए-आलमी तक़रीब-ए-मज़ाहिब-ए-इस्लामी की आम सभा का पहला प्रतिनिधि नियुक्त किया। MM