"अंसारुल्लाह: यदि ज़ायोनी लेबनान में अपनी क्रूरता जारी रखते हैं तो उन्हें कड़ा जवाब मिलेगा।
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पार्स टुडे – यमन के अंसारुल्लाह के एक प्रमुख सदस्य ने ज़ायोनियों को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने लेबनान पर आक्रमण जारी रखा तो उन्हें एक बड़ा जवाब मिलेगा।
(last modified 2026-06-03T13:12:01+00:00 )
Jun ०३, २०२६ १८:३९ Asia/Kolkata
  • "यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के प्रमुख सदस्य मुहम्मद अल-फ़र्राह

पार्स टुडे – यमन के अंसारुल्लाह के एक प्रमुख सदस्य ने ज़ायोनियों को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने लेबनान पर आक्रमण जारी रखा तो उन्हें एक बड़ा जवाब मिलेगा।

पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार लेबनान के प्रतिरोध और जनता के समर्थन में ज़ायोनियों के खिलाफ़ युद्ध में शामिल होने के लिए यमन की आधिकारिक तत्परता की घोषणा के बाद यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के प्रमुख सदस्य मुहम्मद अल-फ़र्राह ने एक बयान में कहा कि ज़ायोनी क़ब्ज़ाधारी शासन, यदि लेबनान में संघर्ष विराम का उल्लंघन करना जारी रखता है और इस देश के खिलाफ अपने क्रूर हमलों को बढ़ाता है, तो उसे एक बड़े और व्यापक जवाब का सामना करना होगा।

 

मुहम्मद अल-फ़र्राह ने जोर देकर कहा कि ज़ायोनी क़ब्ज़ाधारी सेनाएँ, जब तक दक्षिणी लेबनान में रहेंगी उन्हें निशाना बनाया जाता रहेगा और लेबनान में किसी भी प्रकार के आक्रमण का बड़ा और प्रत्युत्तरात्मक जवाब दिया जाएगा।

 

उन्होंने आगे कहा कि ज़ायोनी शासन 2 मार्च से लेकर अब तक ज़मीनी हक़ीक़त को नहीं समझ पाया है और जिन कारकों ने इस शासन को लेबनान पर अपने हमले जारी रखने के लिए और अधिक धृष्ट बना दिया उनमें से एक नवंबर 2024 से मार्च 2026 तक की 15 महीने की दिखावटी संघर्ष विराम अवधि थी, जिसके दौरान यह माना गया था कि लेबनान सरकार दुश्मन के आक्रमण को रोकने की ज़िम्मेदारी लेगी लेकिन वह अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में विफल रही।

 

अंसारुल्लाह आंदोलन के इस अधिकारी ने कहा कि प्रतिरोध धुरी के सदस्य युद्ध के इच्छुक नहीं हैं लेकिन वे जानते हैं कि ज़ायोनी शासन के साथ बातचीत और सामान्यीकरण से क्षेत्र में शांति और स्थिरता नहीं आएगी और यह शासन युद्ध और बल के अलावा किसी अन्य भाषा को नहीं समझता। mm