एक्स उपयोगकर्ताओं ने ट्रम्प को संबोधित करते हुए कहा: ईरान नहीं, अमेरिकियों को बचाओ
https://parstoday.ir/hi/news/world-i142190-एक्स_उपयोगकर्ताओं_ने_ट्रम्प_को_संबोधित_करते_हुए_कहा_ईरान_नहीं_अमेरिकियों_को_बचाओ
पार्स टुडे - सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के उपयोगकर्ताओं ने संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति 'डोनाल्ड ट्रम्प' के ईरान की जनता को बचाने के दावे को विषय बनाया है।
(last modified 2026-01-07T09:59:10+00:00 )
Jan ०६, २०२६ १४:५१ Asia/Kolkata
  • संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प
    संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प

पार्स टुडे - सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के उपयोगकर्ताओं ने संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति 'डोनाल्ड ट्रम्प' के ईरान की जनता को बचाने के दावे को विषय बनाया है।

संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति 'डोनाल्ड ट्रम्प' ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा: यदि ईरान की सुरक्षा बल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाते हैं तो संयुक्त राज्य अमेरिका 'गोली चलाने के लिए तैयार' होगा। ट्रम्प के इस दावे का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के उपयोगकर्ताओं ने जवाब दिया है जिस पर पार्स टुडे के इस लेख में नज़र डाली गई है।

 

'सुमित राज' सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के एक उपयोगकर्ता ने इस दावे के पीछे ट्रम्प के उद्देश्य की व्याख्या की। उन्होंने लिखा: "अमेरिका का उद्देश्य बचाव नहीं है, अमेरिका का उद्देश्य ईरान का तेल और गैस है।"

 

'ब्लैक' नामक एक अन्य उपयोगकर्ता ने ईरान से अमेरिका को स्कूलों में गोलीबारी से मुक्त करने का आग्रह किया। उन्होंने लिखा: "ट्रम्प हर मुद्दे में हस्तक्षेप क्यों करता है। ईरान को ही अमेरिका को स्कूलों में गोलीबारी से मुक्त करना चाहिए।"

 

'सैयद मोहम्मद मरंदी' एक्स प्लेटफॉर्म के एक ईरानी उपयोगकर्ता ने भी लिखा: "अमेरिकी शासन हर चीज़ के बारे में झूठ बोलता है ताकि वह हत्या और लूटपाट कर सके। अमेरिका बड़ा शैतान है।"

 

'हैडू' नामक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के एक अन्य उपयोगकर्ता ने एक संदेश में इजरायली शासन द्वारा गाजा के लोगों के नरसंहार में ट्रम्प की सहभागिता की ओर इशारा किया। उन्होंने लिखा: "क्या ट्रम्प ने कभी गाजा में मारे गए निर्दोष नागरिकों और बच्चों को बचाने के लिए कुछ किया है, नहीं, वह नरसंहार का सहयोगी है और अभी भी इजरायल को हथियार दे रहा है।"

 

'मनीष दाबी' नामक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के एक सक्रिय उपयोगकर्ता ने भी अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हमले का जिक्र किया। उन्होंने लिखा: "ट्रम्प का ईरान की जनता की मदद करने का दावा उस समय है जब अमेरिका वेनेजुएला के साथ संघर्ष में है और इस देश के वैध राष्ट्रपति का अपहरण कर लिया है।"

 

'माइंड पल्स' एक्स प्लेटफॉर्म के एक अन्य उपयोगकर्ता ने ईरान के बारे में ट्रम्प के बयानों को स्पष्ट खतरा बताया। उन्होंने लिखा: "यह मामला प्रदर्शनकारियों को बचाने का नहीं है। यह मामला अमेरिका के हस्तक्षेप के अधिकार को बनाए रखने का है। भाषा जानबूझकर अस्पष्ट है, कारक अनिर्दिष्ट है और खतरा स्पष्ट है। 'मानवाधिकार' एक बहाना है।"

 

'अबूहंटर' एक अन्य उपयोगकर्ता था जिसने लिखा: "अमेरिका को सबसे पहले अपनी जनता की देखभाल करनी चाहिए। ईरान की जनता के लिए अचानक इतनी सहानुभूति क्यों? यह उनका राष्ट्र है, उनका कानून है, वे ईरानी इस मामले को संभालेंगे। यह शैतान के लिए एक और युद्ध का मतलब है।"

 

इसी संदर्भ में, 'ओक्स नंबर' ने लिखा: "यह आदमी हमेशा अन्य देशों के मामलों में हस्तक्षेप क्यों करना चाहता है? क्या उसके पास खुद अपनी जनता नहीं है जिसकी देखभाल करनी है?" mm