एक्स (ट्विटर) यूज़र्स का संदेश: अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ संघर्ष में, हम ईरान के साथ हैं
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पनामा में अमेरिकी झंडा जलाते हुए एक तस्वीर
पार्सटुडे - सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) के यूज़र्स ने ईरान में असुरक्षा और अशांति फैलाने में अमेरिका और ज़ायोनी शासन की साजिशों की ओर इशारा करते हुए घोषणा की कि अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ संघर्ष में, वे ईरान के साथ हैं।
जब अमेरिका और ज़ायोनी शासन से जुड़े तत्व आर्थिक और पेशेवर विरोधों का फायदा उठा रहे थे, तब ईरान के कुछ शहरों में असुरक्षा और आतंकी हमलों का माहौल बन गया। सुरक्षा बलों की शहादत, सार्वजनिक संपत्ति की क्षति और धार्मिक व शैक्षणिक केंद्रों में आग लगाने की घटनाओं ने जनता की भावनाओं को आहत किया और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए लाखों लोगों के मैदान में उतरने का मार्ग प्रशस्त किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के यूज़र्स ने भी ईरान की घटनाओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिस पर पार्सटुडे की इस रिपोर्ट में नज़र डाली गई है।
'सीरियन गर्ल' उपनाम वाले एक सोशल मीडिया एक्टिविस्ट ने तेहरान के आज़ादी टावर की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए ईरान में अशांति फैलाने के लिए अमेरिका और इज़राइल को धिक्कार भेजा। उन्होंने लिखा: दुनिया के लोगों का अमेरिका, इज़राइल और उनके कृत्रिम 'रिवॉल्यूशन' के लिए संदेश है: धिक्कार है।
'The Saviour' नामक एक अन्य यूज़र ने ईरान की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा: "अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ लड़ाई में दुनिया ईरान के साथ है।"
सोशल मीडिया एक्टिविस्ट 'मारियो नवफल' ने भी पश्चिम के वादों पर अविश्वास पर ज़ोर दिया। उन्होंने लिखा: "पश्चिम पर भरोसा मत करो; अपने दुश्मनों के खिलाफ ईरानी लोगों की दृढ़ता उनकी वास्तविक स्वतंत्रता को दर्शाती है। दुश्मनों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता केवल ईरान के विनाश को विलंबित करेगा।"
सोशल मीडिया यूज़र 'किम डॉटकॉम' ने गाजा की तबाही की तस्वीरें साझा करते हुए, ईरान में मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में ज़ायोनी अधिकारियों के बयानों का मज़ाक उड़ाया। उन्होंने लिखा: इज़राइल, जिसने गाजा को तबाह किया और हजारों लोगों को शहीद किया, चिंतित है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर सकता है।"
सोशल मीडिया एक्टिविस्ट 'डेविड मिलर' ने फिलिस्तीनी लोगों और प्रतिरोध अक्ष का समर्थन करने में इस्लामिक गणराज्य ईरान की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने लिखा: केवल ईरान ही फिलिस्तीन, प्रतिरोध अक्ष और वास्तव में इस ग्रह पर सभ्यता को बचा सकता है।
'लॉर्ड बीबो' नामक सोशल मीडिया एक्टिविस्ट ने ईरान के बारे में झूठी रिपोर्ट फैलाने के लिए अमेरिका और ज़ायोनी शासन द्वारा तथाकथित मानवाधिकार संगठनों को वित्तीय सहायता दिए जाने का जिक्र किया। उन्होंने लिखा: ईरान के बारे में रिपोर्टिंग करने वाले कई मानवाधिकार संगठन इज़राइल और अमेरिका द्वारा वित्त पोषित हैं। इज़राइल द्वारा समर्थित आतंकवादी ईरान में हिंसा कर रहे हैं और एम्बुलेंस व फायर ट्रकों में आग लगा रहे हैं।
सोशल मीडिया एक्टिविस्ट 'फुरकान गोजुकरा' ने इज़राइल को अमेरिकी सैन्य समर्थन और ईरान पर हमले के ज़ायोनी अधिकारियों के दावों का हवाला देते हुए लिखा: "कम से कम एक बार तो इज़राइल को अकेले ईरान के खिलाफ कार्रवाई करने दो, ताकि देखा जा सके कि नतीजा क्या होता है। (AK)
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