"तेहरान से संबंध टूटने के डर से ट्रंप द्वारा ज़ायोनी शासन को काबू में करना"
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पार्स टुडे – अमेरिकी मीडिया 'एक्सियोस' ने रिपोर्ट दी: "अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ संदेशों के आदान-प्रदान में कटौती होने के डर से लेबनान पर हमले के संबंध में ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री को नियंत्रित किया।"
(last modified 2026-06-03T12:32:03+00:00 )
Jun ०३, २०२६ १८:०० Asia/Kolkata
  • "संबंध विच्छेद के भय से ट्रंप ने इजराइल पर लगाम लगाई"

पार्स टुडे – अमेरिकी मीडिया 'एक्सियोस' ने रिपोर्ट दी: "अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ संदेशों के आदान-प्रदान में कटौती होने के डर से लेबनान पर हमले के संबंध में ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री को नियंत्रित किया।"

पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार समाचार वेबसाइट 'एक्सियोस' ने सोमवार रात्रि रिपोर्ट दी: अमेरिकी राष्ट्रपति "डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की चेतावनी के बाद ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री बिन्यामीन नेतन्याहू की बेरूत में लक्ष्यों पर बमबारी करने की योजना को रोक दिया।"

 

एक ज़ायोनी अधिकारी ने एक्सियोस से बातचीत में दावा किया: "बेरूत पर होने वाले नियोजित हमले नहीं होंगे।"

 

इस अमेरिकी मीडिया ने जोर देकर कहा: "नेतन्याहू को नियंत्रित करने का ट्रंप का निर्णय एक स्पष्ट संकेत था कि वह नहीं चाहते कि उनका प्रमुख सहयोगी ईरान के साथ समझौते में बाधा बने।"

 

ज़ायोनी शासन के टेलीविजन चैनल 12 ने भी घोषणा की है कि नेतन्याहू और ट्रंप के बीच बातचीत ने दक्षिणी ज़ाहिये पर हमले के निर्णय में देरी कर दी है और नए संघर्ष विराम को प्राप्त करने के प्रयास जारी हैं।

 

यह उस समय की बात है जब इस्लामिक गणराज्य ईरान के विदेश मंत्रालय ने पहले एक बयान जारी कर कहा था: "संघर्ष विराम के बाद पहले दिनों में लेबनान के खिलाफ आक्रामकता रोकने के लिए ज़ायोनी शासन को मजबूर करने हेतु अमेरिका के घोषित प्रयासों के बावजूद अमेरिका की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी चाहे वह ईरान के खिलाफ संघर्ष विराम के उल्लंघन में हो या लेबनान के खिलाफ इज़राइली शासन द्वारा संघर्ष विराम के उल्लंघन में स्पष्ट है और इस स्थिति के प्रभावों और परिणामों की जिम्मेदारी अमेरिका पर है।" mm