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क्या राजनेता अल्लाह की इस नेअमत को समझते हैं? छठे इमाम की एक हदीस की शरह
May २७, २०२४ १२:४७पार्सटुडेः शियों के छठे इमाम फ़रमाते हैं" वह ख़ुशनसीब है जो अल्लाह की नेअमतों को कुफ्र में नहीं बदलता है और ख़ुशनसीब वे लोग हैं जो अल्लाह के लिए एक दूसरे से प्रेम करते हैं।
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दूसरों के अंदर न ऐब व कमी तलाश करो न दूसरों का मज़ाक़ उड़ाओ/ विभिन्न जातियों व क़ौमों के मध्य शांति के लिए एक क़ुरआनी आदेश
May २६, २०२४ १०:१४पार्सटुडे- प्रसिद्ध ईरानी शायर मौलवी अपने शेरों और पैग़म्बरे इस्लाम की हदीस को बयान करते हुए कहते हैं कि कुछ लोग दूसरों की कमियों व ऐबों से पर्दा उठाते और दूसरों से बयान करते हैं परंतु अपनी कमियों और ऐबों के संबंध में अंधे होते हैं।
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उनके साथ नम्री से पेश आओ/बुज़ुर्गों का सम्मान करने पर पैग़म्बरे इस्लाम और उनके पवित्र परिजनों के कुछ मशविरे
May १२, २०२४ १५:२१पार्सटुडे – हज़रत इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम ने फ़रमाया: बुज़ुर्गों का सम्मान करो क्योंकि वे बूढ़े हैं, उसके साथ शांति, नर्मी और आहिस्ता व्यवहार करो और उसका मान-सम्मान भी बढ़ाओ।
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लोगों की ज़रूरतें पूरी करो/ इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम की 11 ख़ूबसूरत सिफ़ारिशें
May ०५, २०२४ ०८:१७पार्सटुडे – हज़रत इमाम जाफ़र सादिक अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैं: जो कोई लोगों के मामलों की ज़िम्मेदारी अपने हाथ में ले लेता है, न्याय करता है, लोगों के लिए अपने घर के दरवाज़े खुला रखता है, किसी को नुक़सान नहीं पहुंचाता और लोगों की समस्याओं को दूर करता है, सर्वशक्तिमान ईश्वर की ज़िम्मेदारी है कि वह उसे प्रलय के लिए भय और डर से सुरक्षित रखे और उसे स्वर्ग में ले जाए।
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लेबर डे, मज़दूरों के अधिकारों के बारे में शिया मुसलमानों के इमामों की 4 सिफ़ारिशें
May ०१, २०२४ १०:२८इस्लामी शिक्षाओं के मुताबिक़, मज़दूरों की क्षमताओं का विकास, एक ज़िम्मेदारी है। हदीस में है कि अगर कोई किसी मज़दूर पर अत्याचार करे, उसकी मज़दूरी या वेतन के बारे में अन्याय करेगा, तो उसके सभी पुण्य बर्बाद हो जाएंगे।
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न्याय के लिए उठ खड़े हों: न्याय के बारे में पवित्र क़ुरआन की 8 महत्वपूर्ण आयतें जिसके बारे में आपको ज़रूर जानना चाहिए
Apr २९, २०२४ १५:४८पार्सटुडेः पवित्र क़ुरआन के दृष्टिकोण से, सृष्टि की दुनिया में, अस्तित्व की रचना न्याय पर आधारित है, और इसमें उत्पीड़न और अन्याय के लिए कोई जगह नहीं है और क़ानून की दुनिया में न्याय को ईश्वरीय दूतों के मिशन के तीन महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक माना जाता है। न्यायपूर्ण दृष्टि से हर चीज़ अपनी सही जगह पर होनी चाहिए और हर असली मालिक को उसका अधिकार मिलना चाहिए।
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मां तुझे सलाम, क्यों अपनी मां की क़द्र करनी चाहिए, मां के बारे में इस्लाम क्या कहता है?
Apr २५, २०२४ १५:१०पार्स टूडे – सभी ईश्वरीय धर्मों में मां का सम्माननीय और उच्च स्थान है और हर कोई उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखता है और उनकी महानता के साथ जोड़कर की उन्हें याद करता है। इस्लाम धर्म में भी इस विषय पर बहुत अधिक बल दिया गया है।
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मौत के बाद एक मुकम्मल जीवन, आयतुल्लाह ख़ामेनई के दो उपदेश
Apr १६, २०२४ ०९:४०हमारे इस जीवन के बाद का जीवन, ज़्यादा मुकम्मल है। इस जीवन में हम शरीर की चार दीवारी में सीमित हैं।