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इन दिनों ईश्वर अपने बंदों को माफ़ करने के लिए बहाना ढूंढ रहा है
Feb २५, २०२६ १५:२२पार्स टुडे- ईरान के पवित्र नगर क़ुम स्थित धार्मिक शिक्षा केन्द्र में नैतिकता के प्रोफेसर ने कहा: ईश्वर सदैव अपने बंदों को क्षमा करने के लिए बहाना ढूंढ रहा है और छिपी हुई नेअमतों तथा टली हुई बलाओं पर ध्यान देना, इंसान के जीवन और ईश्वरीय दया के प्रति दृष्टिकोण को बदल सकता है।
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मलेशिया में मुसलमानों की एकता पर सम्मेलन, इस्लामी जगत की एकजुटता के लिए नया रोडमैप
Jan २२, २०२६ १३:१८पार्स टुडे- इस्लामी धर्म के विभिन्न संप्रदायों को एक दूसरे से निकट लाने की असेंम्बली की आम बैठक दक्षिण–पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों से आए उलेमा, विचारकों और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित हुई।
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ईदे मअबसः मानव जीवन में एक निर्णायक मोड़
Jan १९, २०२६ १३:११पार्स टुडे- इस्लाम के पैग़म्बर की घोषणा यानी नबूवत की आधिकारिक शुरुआत को इतिहास का एक निर्णायक मोड़ कहा जा सकता है। ऐसा घटनाक्रम जिसने तिलावत, तज़किया, शिक्षा और हिकमत पर आधारित होकर मानव की वैचारिक और सामाजिक संरचनाओं को बदल दिया।
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ईरान के अहले-सुन्नत के नेता | अमेरिका की साज़िशों का मुक़ाबला करने का एकमात्र रास्ता इस्लामी दुनिया की एकता है
Jan ११, २०२६ ११:३८पार्सटुडे - मजलिस-ए-ख़ुब्रगान-ए-रहबरी में कुर्दिस्तान प्रांत के प्रतिनिधि ने ज़ोर देकर कहा कि अमेरिका के मानवाधिकार संबंधी दावे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का एक बहाना हैं।
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इमाम महदी अलै. (अज) और नबी ईसा (अ) के ज़ुहूर के दौर का मुख्य स्तंभ
Dec ३१, २०२५ १३:०८पार्स-टुडे- “बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम” जो क़ुरआन और अन्य पवित्र ग्रंथों में ईश्वर के वचन की शुरुआत है केवल एक आरंभ नहीं है बल्कि यह एक वैश्विक घोषणा है जो बताती है कि ईश्वरीय रहमत हर नजात आंदोलन की धुरी है।
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पाकिस्तान में 'ख़ातून-ए-जन्नत' सम्मेलन/ आक़क़ला के सुन्नी इमाम जुमे: इस्लामी एकता एक धार्मिक और सामाजिक आवश्यकता है
Dec ३०, २०२५ १४:०२पार्सटुडे - शिया और सुन्नी विद्वानों की उपस्थिति के साथ पाकिस्तान में 'ख़ातून-ए-जन्नत' सम्मेलन आयोजित किया गया।
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रग़ाएब की रात को "इच्छाओं की रात" क्यों कहा जाता है?
Dec २७, २०२५ १२:५९इस्लामी परंपरा में मान्यता है कि रजब महीने के पहले गुरुवार की रात को एलाही दया के द्वार खुल जाते हैं और ईश्वर विशेष रूप से उदारता दिखाते हुए विश्वासियों की प्रार्थनाओं व इच्छाओं को क्षमा और स्वीकार करता है।
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सभ्यता के शिक्षक, इमाम बाक़िर ने ज्ञान और समाज के नेटवर्क का पुनर्निर्माण कैसे किया?
Dec २२, २०२५ १३:०६इमाम बाक़िर (अ.) ने वैज्ञानिक प्रतिभाओं का प्रशिक्षण देकर इस्लामी मूल्यों को जीवित रखा और उमवियों द्वारा इस्लामी शिक्षाओं में की जा रही विकृतियों को रोक दिया।
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महामुक्तिदाता| एकता, हज़रत इमाम महदी अलै. और हज़रत ईसा नबी की प्रतीक्षा करने वालों के कार्य की अनिवार्य शर्त
Dec २०, २०२५ १३:४९पार्सटुडे- सक्रिय प्रतीक्षा के लिए योजना-निर्माण, समन्वय और सामूहिक कार्रवाई आवश्यक है, प्रतीक्षारतों के बीच एकता कोई नारा नहीं, बल्कि समाज को तैयार करने का एक व्यावहारिक साधन है।
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ईर्ष्या व हसद का परिणाम क्या है? इमाम अली (अ) ने उत्तर दिया
Dec १८, २०२५ ०९:३१पार्सटुडे- ऐसे समय में जब सामाजिक और आर्थिक प्रतिस्पर्धाएँ कभी-कभी ईर्ष्या और द्वेष में बदल जाती हैं, इस्लाम के पैग़म्बर के वसी और उत्तराधिकारी इमाम अली अलैहिस्सलाम का एक कथन चेतावनी और स्पष्ट मार्गदर्शन के रूप में हमें अपने आचरण और दिलों पर पुनर्विचार करने के लिए बुलाता है।