-
धर्म | पाकिस्तानी आलिम: इस्लामी उम्मत, इज़राइल के अपराधों के प्रति लापरवाह न रहे / फ़िलिस्तीन का मुद्दा, मलेशिया के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का केन्द्र बिन्दु
Dec १०, २०२५ १७:०३पार्स-टुडे – इत्तहादे उलेमा महाज़ कराची पाकिस्तान के अध्यक्ष ने कहा कि जबकि इस्लाम के दुश्मन मुसलमानों के विरुद्ध एकजुट हो चुके हैं, कई इस्लामी देशों के नेता ग़फ़लत की नींद में डूबे हुए हैं और साम्राज्यवादी शक्तियों की प्रसन्नता के पीछे भाग रहे हैं।
-
वादा किया गया मोक्षदाता | महदी अलै. और मसीह, एक एलाही सत्य के दो चेहरे
Dec ०९, २०२५ १८:१०पार्स टुडे - अंत समय के मोक्षदाता का विचार मानवता की सबसे गहरी चिंताओं में से एक है एक ऐसी चिंता जो न केवल एक दूर के भविष्य से, बल्कि मनुष्य के वर्तमान जीवन की गुणवत्ता से भी जुड़ी हुई है।
-
एकता, आज इस्लामी उम्मत की अत्यंत आवश्यक ज़रूरत / ग़दीर शिया और अहले-सुन्नत की एकता का कारण
Dec ०६, २०२५ १७:१५पार्स टुडे –लेबनान के विद्वानों की परिषद के अध्यक्ष शेख ग़ाज़ी हुनैनेह ने इस्लामी एकता की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए मुसलमानों से पैग़म्बर (स.) के नैतिक गुणों की ओर लौटने और अत्याचार के सामने एकजुट रहने की अपील की।
-
हम अपने समय का प्रबंधन कैसे करें? इसका जवाब इमाम काज़िम अलै. ने दिया
Nov २९, २०२५ १६:३८पार्स टुडे – ऐसे समय में जब बहुत-से लोग काम और आर्थिक चिंताओं में डूबे हुए हैं, पैग़म्बरे इस्लाम के वंशज इमाम मूसा काज़िम (अ) की एक हदीस एक स्पष्ट नक्शे की तरह हमें जीवन में संतुलन की ओर बुलाती है।
-
शिया-सुन्नी एकता दुश्मनों के मुक़ाबले में प्रतिरोध की मज़बूत नींव / अज्ञानता और संप्रदायता इस्लामी उम्मत के सबसे बड़े दुश्मन
Nov २७, २०२५ १६:३३पार्स टुडे – उत्तरी ख़ुरासान में ईरान की इस्लामी क्रांति के प्रतिनिधि हज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन रज़ा नूरी ने कहा कि मुसलमान समस्याओं का समाधान कर सकते हैं और साझा दुश्मनों के खिलाफ़ दृढ़ रुख अपना सकते हैं।
-
शिया और सुन्नी के बीच रिश्तों को मज़बूत करना: पाकिस्तान की मुस्लिम एकता सभा का केंद्रीय मिशन
Nov २६, २०२५ १५:३६पार्स टुडे – पाकिस्तान मुस्लिम एकता सभा के उपाध्यक्ष ने कहा कि शिया और सुन्नी के बीच रिश्तों को मज़बूत करना इस सभा का मुख्य मिशन है।
-
पैग़म्बरे इस्लाम की बेटी के शैक्षिक ज्ञान के स्थान के बारे में आप क्या जानते हैं?
Nov २५, २०२५ १६:४३पार्स टुडे – पैग़म्बर इस्लाम (स.) की सुपुत्री हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स.) न केवल पूरे मानव समाज के लिए आदर्श चरित्र और नैतिकता का संपूर्ण आदर्श हैं बल्कि इस्लामी स्रोतों में उनके शैक्षिक, धार्मिक और आध्यात्मिक ज्ञान का स्थान भी स्पष्ट रूप से वर्णित है।
-
इस्लाम व्यक्तिगत और सामाजिक ज़िम्मेदारी पर ज़ोर क्यों देता है?
Nov २०, २०२५ १५:०६पार्स टुडे – इस्लाम एक सामाजिक धर्म है जो इंसान की ज़िंदगी के सभी पहलुओं को ध्यान में रखता है, चाहे वह व्यक्तिगत पहलु हो या सामाजिक। इस दृष्टिकोण से, दोनों पहलुओं की अनदेखी के साथ जीवन न तो पूर्ण हो सकता है और न ही सुखद।
-
क्या हज़रत महदी अलैहिस्सलाम और हज़रत ईसा अलै. एक ही समय में प्रकट होंगे?
Nov १९, २०२५ १४:३८पार्स-टुडे – हज़रत महदी अलैहिस्सलाम के प्रकट होने का विषय केवल मुसलमानों के लिए एक बड़ा घटनाक्रम व महापरिवर्तन नहीं है बल्कि हज़रत ईसा (अ.) भी इस महान घटना में उपस्थित रहेंगे।
-
पैग़म्बरे इस्लाम के उत्तराधिकारी हमदर्दी को सर्वोच्च नेकी क्यों मानते हैं?
Nov १८, २०२५ १६:१९पार्सटुडे- अनेक समाजों में नेकी को केवल आर्थिक सहायता या बाहरी दिखावे तक सीमित कर दिया जाता है लेकिन पैग़ंबरे इस्लाम के उत्तराधिकारी, इमाम अली अलैहिस्सलाम की शिक्षाएँ हमारे सामने एक नया द्वार व आयाम खोलती हैं एक ऐसा द्वार जो नेकी को बाहरी सतह से उठाकर मन की गहराइयों तक ले जाता है।