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कठिनाइयों का मुक़ाबला कैसे करें? पैग़म्बरे इस्लाम के पवित्र परिजनों की सिफ़ारिशें
Feb १९, २०२५ ११:०८पार्सटुडे- कठिनाइयां इंसानों की ज़िन्दगी का भाग हैं और वह तूफ़ान की भांति हैं जिनसे भागना असंभव है। पैग़म्बरे इस्लाम के पवित्र परिजनों ने इस संबंध में सब्र व धैर्य से काम लेने की बहुत सिफ़ारिश की है।
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दूसरों के ग़ुलाम न बनो कि अल्लाह ने तुम्हें आज़ाद पैदा किया है, आज़ादी के बारे में पैग़म्बरे इस्लाम के परिजनों की आठ हदीसें
Feb १८, २०२५ १२:३२पार्सटुडे- (आज़ादी) अपमान के बंधन से इंसान की एक प्रकार की मुक्ति व रिहाई है और पैग़म्बरे इस्लाम के पवित्र व सज्जन परिजनों ने इस विषय पर बहुत बल दिया है।
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"पैग़म्बर स्पष्ट तर्क और बुद्धि अल्लाह की आंतरिक हुज्जत है" इमाम मूसा काज़िम अलै. की जीवनी और उनके कुछ कथनों पर एक दृष्टि
Jan २६, २०२५ १४:१६पार्सटुडे- इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम पैग़म्बरे इस्लाम के पवित्र परिजनों में से एक हैं। वह हिजरी क़मरी की दूसरी सदी की महान हस्ती हैं। इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम ने बहुत से राजनीतिक और सामाजिक कार्यों को स्पष्ट करने की बुनियाद रखी और लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया।
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अली बिन अबीतालिब पैग़म्बरे इस्लाम के वसी व उत्तराधिकारी कौन हैं और अहलेबैत के अनुयाई उन्हें क्यों अपना इमाम मानते हैं?
Jan १७, २०२५ १५:५८पार्सटुडे- अली बिन अबीतालिब अलैहिस्सलाम मुसलमानों के पहले इमाम हैं। वह पैग़म्बरे इस्लाम के परिजनों के अनुयाइयों के पहले इमाम, सहाबी, रावी, पैग़म्बरे इस्लाम के चाचा के बेटे और उनके दामाद, वहि अर्थात ईश्वरीय संदेश के लिखने वाले हैं जबकि सुन्नी मुसलमानों के निकट वह चौथे ख़लीफ़ा हैं और शिया उन्हें पहला ख़लीफ़ा मानते हैं।
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अल्लाह ज़ालिम और उससे बदला लेगा जो मज़लूम की मदद न करे (चुनिन्दा आठ हदीसें)
Dec १८, २०२४ १२:०२पार्सटुडे- पैग़म्बरे इस्लाम फ़रमाते हैं" मज़लूम की बद्दुआ से डरो यद्यपि वह काफ़िर ही क्यों न हो, क्योंकि मज़लूम की बद्दुआ के सामने कोई रुकावट नहीं है।
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पैग़म्बरे इस्लाम की सुपुत्री हज़रत फ़ातेमा ज़हरा स. के बारे में आप क्या जानते हैं?
Dec ०७, २०२४ १८:०६पार्सटुडे- प्रसिद्ध किताब सही बुख़ारी में पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद स. और हज़रत ख़दीजा स. की बेटी हज़रत फ़ातेमा सलामुल्लाह अलैहा को जन्नत की महिलाओं की सरदार बताया गया है।
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दर्शनशास्त्र का एक अध्ययनकर्ताः इमाम ख़ुमैनी रह. ने भौतिक प्रगति के साथ अध्यात्म और नैतिकता की सुरक्षा पर बल दिया था
Dec ०२, २०२४ १३:४९एक अध्ययनकर्ता का कहना है कि आपसी समझबूझ इस्लामी संस्कृति के प्रचार- प्रसार का रास्ता व मार्ग है और एक विचार व धारणा को फ़ैलाने का सबसे बेहतरीन रास्ता जंग व विवाद नहीं है बल्कि चिंतन- मनन करने वालों के साथ सिद्धांतिक व तार्किक वार्ता है।
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महामुक्तिदाता इमाम महदी अलैहिस्सलाम के बारे में अहले सुन्नत का दृष्टिकोण शियों के दृष्टिकोण की भांति है
Dec ०१, २०२४ १५:५०पार्सटुडे- महामुक्तिदाता इमाम महदी अलैहिस्सलाम के बारे में अहले सुन्नत के यहां जो हदीसें बयान की गयी हैं उनकी संख्या 100 से अधिक है और इन समस्त हदीसों में इमाम ज़मान अलैहिस्सलाम के ज़ुहूर की ओर संकेत किया गया है।
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मशहूर ईरानी दर्शनशास्त्रीः बुद्धि से बड़ी कोई चीज़ नहीं है और समूचा क़ुरआन बुद्धि के अनुसार है
Nov २९, २०२४ १६:०९पार्सटुडे- उस्ताद (ग़ुलाम हुसैन इब्राहीमी दीनानी) ईरान के एक मशहूर दर्शनशास्त्री कहते हैं कि आज के इंसान की समस्या यह है कि अधिकांश लोग अपनी इच्छाओं के पीछे भागते हैं और ज्ञान की उपेक्षा करते हैं।
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दुनिया के विवाद का आधार सत्य – असत्य, सईदीः मानवता महामुक्तिदाता के इंतेज़ार में है
Nov २१, २०२४ १४:२२पार्सटुडे- ईरान की सशस्त्र सेना के सर्वोच्च कमांडर के राजनीतिक और आस्था संबंधी मामलों के कार्यालय के प्रमुख ने कहा है कि आज Artificial intelligence का प्रयोग विश्व साम्राज्य अपने हितों के लिए कर रहा है और हमें इस बात का ज्ञान होना चाहिये कि हमें किस प्रकार के दुश्मन का सामना है।