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ज़ंगेज़ूर कॉरिडोर: शांति का मार्ग या साजिश का पुल?
Aug १७, २०२५ १४:०४पार्स टुडे - हाल के हफ्तों में वाइट हाउस में अज़रबैजान और आर्मेनिया के बीच ज़ंगेज़ूर कॉरिडोर को लेकर हुए समझौते की खबर सामने आई है।
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तेहरान- इरवान संबंधों को मज़बूत करने से लेकर न्यूयॉर्क में इस्राइल-विरोधी प्रदर्शन तक
Aug १७, २०२५ १३:५२पार्स टुडे – ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि तेहरान और इरवान के बीच पुराने रिश्तों की जड़ें इतिहास, संस्कृति और साझा हितों में हैं और "कोई भी इस स्पष्ट मार्ग को बदल नहीं सकता।"
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ग़ज़ा में क़त्लेआम का मज़हबी औचित्य? लिंडसे ग्राहम किस 'भगवान' की बात कर रहे हैं?
Aug १७, २०२५ १२:०७पार्स टुडे – अमेरिकी सीनेटर और युद्धोन्मादी नेता लिंडसे ग्राहम ने इज़रायल को अमेरिकी सहायता कम किए जाने के किसी भी प्रस्ताव का विरोध करते हुए चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर अमेरिका को "ईश्वरीय दंड" भुगतना पड़ सकता है।
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ग़ज़ा में बेगुनाह फिलिस्तीनियों के नरसंहार पर भारत का बिना शर्त इज़राइल का समर्थन
Aug १५, २०२५ १२:५१पार्स टुडे - जबकि पश्चिम के पाखंडी शासन भी जनता के दबाव में ज़ायोनी शासन की आलोचना करने को मजबूर हो गए हैं, भारत की अति-दक्षिणपंथी सरकार अभी भी गर्व से तेल अवीव के साथ खड़ी नज़र आ रही है।
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लैटिन अमेरिकी देशों ने ग़ज़ा पर क़ब्ज़े के इज़राइली प्रस्ताव पर कैसी प्रतिक्रिया दी है?
Aug १५, २०२५ १२:२६पार्स टुडे – अधिकांश लैटिन अमेरिकी देशों ने ग़ज़ा पर सैन्य क़ब्ज़े के ज़ायोनी शासन के प्रस्ताव की स्पष्ट और आलोचनात्मक रूप से निंदा की है। हालांकि, अर्जेंटीना जैसे कुछ देशों ने तेल अवीव का समर्थन करने का रुख अपनाया है।
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यूरोप फिर से सशस्त्र हो रहा है, हथियार कारखानों का क्षेत्रफल 3 गुना बढ़ गया
Aug १५, २०२५ ०८:५२पार्स टुडे - यूक्रेन युद्ध जारी रहने के साथ, यूरोपीय रक्षा उद्योग अभूतपूर्व गति से विस्तार कर रहा है।
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क्या अमेरिका, जलवायु परिवर्तन की अनदेखी करके दुनिया को ख़तरे में डाल रहा है?
Aug १४, २०२५ ११:५०पार्स टुडे - ट्रंप के राष्ट्रपति के दूसरे कार्यकाल में, अमेरिकी सरकार ने पर्यावरण के क़ानूनों को रद्द करके और जलवायु परिवर्तन से निपटने वाली नीतियों को कमजोर करके वस्तुतः जलवायु परिवर्तन की अवधारणा के खिलाफ़ युद्ध की घोषणा कर दी है।
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अरबईन, दुनिया के सबसे बड़े शांतिपूर्ण मार्च के बारे में आप क्या जानते हैं?
Aug १३, २०२५ १४:५७पार्स-टुडे - एक ऐसी दुनिया में, जहां अधिकांश ख़बरें तनाव और युद्ध की कहानी कहती हैं, एक ऐसा आयोजन है जो हर साल दुनिया भर से लाखों लोगों को एक जगह इकट्ठा करता है न विरोध के लिए, न शक्ति के प्रदर्शन के लिए, बल्कि एक मानवीय सच्चाई को याद करने के लिए, यानी अन्याय के विरुद्ध डटे रहने के लिए। इस आयोजन को अरबईन कहा जाता है।
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क्या आम नागरिक डिज़िटल युग में अनजाने में जासूस बन गए हैं?
Aug १३, २०२५ १४:२४पार्स-टुडे – पिछले पच्चीस वर्षों में, डिज़िटल कनेक्टिविटी, जिसमें इंटरनेट और स्मार्टफ़ोन शामिल हैं, दुनिया भर में यहां तक कि संघर्ष क्षेत्रों में भी, व्यापक रूप से फैल गई है।
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वाशिंगटन इस बार फिलिस्तीनियों के दमन पर आँखें क्यों नहीं मूंद पाया?
Aug १३, २०२५ १३:२५पार्सटुडे – अमेरिकी विदेश मंत्रालय की हाल ही में जारी मानवाधिकार रिपोर्ट ने फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा और दमन को स्वीकार किया है।