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जनरल क़ासिम सुलेमानी की ट्रम्प ने क्यों कराई थी हत्या? एक ऐसी वजह जो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री मोदी को एक जैसा बनाती है!
Aug ०६, २०२३ १९:२०हाल में ही एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प कोई चमत्कारी नेता नहीं थे जैसा अक्सर कहा जाता है, बल्कि वे एक ऐसे नेता हैं कि जिन्होंने नस्ली-भेदभाव, रंगभेद और नफ़रती राजनीति को बढ़ावा दिया है।
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भारत की पहचान बनता बिल्डोज़र, ऑन द स्पाट फ़ैसला करती सरकारें, नई प्रथा ने संविधान की उठाई अर्थी! जल्द लगेंगे अदालतों पर ताले!
Aug ०६, २०२३ १७:२४भारत में वह दिन दूर नहीं है कि जब इस देश की अदालतों और न्यायपालिकाओं पर ताले लगे होंगे। क्योंकि जिस तेज़ी से अदालतों और जजों की जगह बिल्डोज़र ले रहा है उससे तो ऐसा ही महसूस होने लगा है। सत्ता में बैठे लोग ऑन द स्पाट फ़ैसले कर रहे हैं। ऐसा दिखने लगा है कि इस देश का संविधान और क़ानून सत्ताधारियों की उंगलियों के इशारों पर नाच रहा है। अब तो ऐसा लगने लगा है कि बिल्डोज़र, ही भारत में किसी भी जुर्म की सज़ा के तौर पर परिवर्तित हो गया है, बस शर्त यह है कि आरोपी मुसलमान या फिर सत्ताधारी पार्टी का विरोधी ह
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क्या आप जानते हैं कि आशूरा का आंदोलन क्यों अमर हो गया? अरबईन के मौक़े पर कर्बला में ऐसा क्या दिखता है कि जिसका बयान करना असंभव है!
Aug ०६, २०२३ १६:१३जैसे-जैसे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का चेहलुम क़रीब आता है, उनके चाहने वालों में एक विशेष प्रकार का जोश और जज़्बा जागने लगता है। पैग़म्बरे इस्लाम (स) के पवित्र परिजनों के कथनों में बताया गया है कि मोमिन की एक निशानी, अरबईन की ज़ियारत है। इमाम हुसैन के चेहलुम के दिन करबला में उपस्थिति का अपना एक विशेष महत्व है। इस दिन करबला में जो चीज़ दिखाई देती है उसका बयान करना संभव ही नहीं। क्योंकि उसको देखने के लिए अरबईन के मौक़े पर कर्बला में होना और अपनी आंखों से देखना ज़रूरी है।
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इस समय इराक़ और कुवैत के बीच सीमा विवाद ने सिर क्यों उठाया?
Aug ०५, २०२३ २०:२८हाल ही में कुवैत के विदेशमंत्री की बग़दाद यात्रा और बग़दाद में अपने इराक़ी समकक्ष के साथ प्रेस कांफ़्रेंस में उनके बयान ने कुवैत और इराक़ के बीच सीमा विवाद को एक बार फिर हवा दे दी है। इराक़ और कुवैत के बीच सीमा विवाद बहुत पुराना है लेकिन सवाल यह है कि इस समय इस विषय पर क्यों ख़ास ध्यान दिया जाने लगा।
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इस्राईल की सबसे बड़ी ताक़त समझी जाने वाली सेना, क्या अब सबसे बड़ी कमज़ोरी बनती जा रही है?
Aug ०२, २०२३ १९:३६इस्राईली संसद द्वारा पिछले हफ़्ते सुप्रीम कोर्ट की शक्ति को सीमित करने वाला एक विवादास्पद क़ानून पारित करने के बाद, धुर-दक्षिणपंथी ज़ायोनी वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोत्रिच ने एक रेडियो साक्षात्कार में कहा कि यह वोट दर असल, तर्कसंगतता के मानक पर नहीं था, बल्कि यह सेना में सेवा से इनकार करने पर वोट था सेना।
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इंडिया को हराने के लिए दंगे कराने ज़रूरी, क्या इस सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं भगवा आतंकी?
Aug ०१, २०२३ १५:२१भारत एक महादेश है। यह अपने अंदर पूर्वोत्तर से लेकर सुदूर दक्षिण तक भौगोलिक, भाषाई, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्तर पर स्थानीय अस्मिता की भावनाएं समेटे है। पिछले कुछ वर्षों से भारत के संघीय ढांचे पर लगातार हमला हो रहा है। धर्म, भाषा और संस्कृति के आधार पर राज्य प्रायोजित विभाजन और हमले किए जा रहे हैं। मणिपुर, भारत के संघीय ढांचे पर हो रहे हमले का पहला पीड़ित है। वहीं यह आग अब हरियाणा तक पहुंच चुकी है और 2024 के चुनाव आते-आते पूरे देश को अपनी लपटों में समेट लेगी।
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क्या भारत में अगर आप हिन्दू और बीजेपी नेता हैं तो रेप कर सकते हैं? मध्य प्रदेश में हर दिन एक नई निर्भया का जन्म!
Jul ३०, २०२३ १४:४८मध्य प्रदेश में अब शायद ही कोई दिन ऐसा बीतता हो कि जब वहां से बलात्कार की कोई ख़बर सामने न आती हो। इधर दो दिनों में दो रेप की घटना ऐसी हुई हैं कि जिसने आम लोगों को झकझोर कर रख दिया है। पहली घटना मंदिर में हुई है तो दूसरी सरकारी स्कूल में। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आख़िर बच्चियां अब कहां सुरक्षित हैं?
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फ़िलिस्तीनी जियालों की साहसिक कार्यवाही से फ़िलिस्तीनियों में भर गया जोश, इस्राईल की दरिंदगी का 24 घंटे के भीतर दे दिया जवाब, अब आगे क्या होने वाला है?
Jun २१, २०२३ १८:३७फ़िलिस्तीन में वेस्ट बैंक के जेनिन शहर पर इस्राईल के वहशियाना हमले का इंतेक़ाम 24 घंटे से भी कम समय में लेते हुए तीन फ़िलिस्तीनी जियालों की टीम ने नाबलुस शहर के क़रीब ईली नाम की ज़ोयनी बस्ती के बाहर हमला कर दिया और 4 ज़ायोनियों को मौत के घाट उतार दिया और सात को घायल कर दिया। घायलों में कई की हालत नाज़ुक है।
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अमरीका ने मोदी को अब तक स्टेट विज़िट के लिए आमंत्रित क्यों नहीं किया था और अब क्यों किया है?
Jun २०, २०२३ १९:०८यह पहली बार नहीं है, जब भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी अमरीका की यात्रा कर रहे हों, वह इससे पहले भी कई बार अमरीका जा चुके हैं, लेकिन यह पहली बार है कि जब वह प्रधान मंत्री बनने के बाद अमरीकी राष्ट्रपति के निमंत्रण पर इस देश की यात्रा कर रहे हैं।
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दुनिया की अगली महाशक्ति वह नहीं है, जिसके बारे में आप सोच रहे हैं
Jun २०, २०२३ १६:३९क्या होगा, जब दुनिया एकध्रुवीय, द्विध्रुवीय या बहुध्रुवीय नहीं रह जाएगी? यहां यह सवाल उठता है कि अभी दुनिया को कौन चला रहा है?