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आज कहां हैं नोबल पुरस्कार जीतने वाले?... क्या कोरोना पश्चिम को उसकी वास्तविक हैसियत से अवगत कराने के लिए आया है?
Apr १३, २०२० १४:१९हम यहां नोबल पुरस्कार के लिए उचित कैंडीडेट चुनने की प्रक्रिया और मापदंडों पर सवाल नहीं उठाना चाहते बल्कि इस पुरस्कार पर एक अलग पहलू से नज़र डालना चाहते हैं जो कोरोना वायरस ने गंभीर संकट उत्पन्न करके हमारे सामने ला दिया है।
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कोरोना वायरस, संक्रमित किए बग़ैर भी कैसे ले रहा है भारतीयों की जान, कोरोना के मरीज़ों को तरजीह के चलते नज़रअंदाज़ हो गए हैं कैंसर जैसी बीमारियों के पेशेंट!
Apr १३, २०२० १२:०१गंभीर रूप से बीमार शाहजहां के घरवालों के पास कोई रास्ता नहीं बचा, उन्हें अस्पताल से बीमार को वापस ले जाना पड़ा क्योंकि कोरोना के बीमारों के इलाज के लिए अस्पताल को उनके बेड की ज़रूरत थी।
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कोरोना के खिलाफ इस्राईल का अनोखा हथियार ... न्यूयार्क टाइम्ज ने खोला राज़ … ईरान से भी है कनेक्शन ...
Apr १३, २०२० ११:०५न्यूयार्क टाइम्ज़ की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस्राईल किस तरह से कोरोना के खिलाफ अलग क़िस्म का हथियार प्रयोग कर रहा है।
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इमारात ने बदला स्वर, ईरान और सीरिया के बारे में दोस्ती की बातें, क्या पश्चिमी एशिया नई दिशा में बढ़ना चाहता है?
Apr १३, २०२० ०७:१०हमें यह तो नहीं लगता कि कोरोना वायरस की महामारी और इमारात-सीरिया संबंधों में हो रहे हालिया परिवर्तनों में कोई गहरा संबंध है क्योंकि दोनों देशों के संबंधों के ख़राब होने के जो कारण थे वह अब ख़त्म हो चुके हैं और दूसरी ओर वह एलायंस भी टूट चुका है जिसने सीरिया को निशाना बनाया था।
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कोरोना वायरस का वैक्सीनः आख़िर यह कब बनकर तैयार होगा? क्या होती है इसकी प्रक्रिया? तैयार हो गया तो पहले किस देश को मिलेगा?
Apr १२, २०२० १६:१३हम कब यह ख़बर सुनेंगे कि कोरोना वायरस का वैक्सीन तैयार हो गया है? सरकार में उच्च पदों पर बैठे वैज्ञानिक सलाहकार जैसे ब्रिटेन के सर पैट्रिक वैलेन्स और उनके अमरीकी समकक्ष एंथनी फ़ाउची तो बार बार कह रहे हैं कि कोविड-19 या कोरोना वायरस का टीका बनने में 12 से 18 महीने लग जाएंगे मगर दूसरी ओर कुछ वैज्ञानिक जिनमें वह वैज्ञानिक भी शामिल हैं जो वैक्सीन तैयार करने पर शोध कार्य कर रहे हैं, कहते हैं कि यह वैक्सीन जून तक तैयार हो जाएगा। किस की बात सही है?
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क्या भारत के अच्छे दिनों के बजाए बुरे दिन आने वाले हैं? विश्व बैंक का दावा, 40 साल में सबसे बुरा दौर देख सकती है भारतीय अर्थव्यवस्था!
Apr १२, २०२० १६:१२वर्ष 2014 की बात है भारत में आम चुनाव होने वाले थे, सभी पार्टियां चुनाव के मैदान में अपनी पूरी ताक़त झोंके हुए थीं, लेकिन इन सबके बीच एक आवाज़ जो सबसे ज़्यादा आ रही थी “वह थी अच्छे दिन आने वाले हैं।” इस नारे का जादू ऐसा चला कि सातवां वर्ष जारी है और इस नारे को देना वाला व्यक्ति दिल्ली के सिंहासन पर बैठा हुआ है। भारत की जनता आज भी उस नारे को व्यवहारिक होते देखने की चाहत लिए बैठी हुई है।
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क्या दुआ इलाज के मार्ग में सहायक है? दुआओं ने बीमारों को हौसलों के साथ दी नई ज़िन्दगी, दुआ के असर पर लगी मुहर
Apr १२, २०२० १४:२७इस समय पूरी दुनिया कोरोना जैसे घातक वायरस से जूझ रही है। जहां पूरी दुनिया कोरोना वायरस की दवा बनाने का प्रयास कर रही है वहीं इलाज में दुआ के असर को लेकर भी शोध हो रहा है।
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कोरोना की तबाही पर अमरीकी सेनेटर ने बयान किया अपना आभासः हम गिर रहे हैं, हम डूब रहें हैं और किसी को इस गहरे गढ़े की तह नहीं दिखाई दे रही है,
Apr १२, २०२० १३:१९अमरीकी अख़बार न्यूयार्क टाइम्ज़ ने अपने संपादकीय में लिखा है कि हालिया कुछ हफ़्तों के भीतर अमरीकी अर्थ व्यवस्था को जो नुक़सान पहुंचा है वह बेहद विनाशकारी है।
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कोरोना वायरस की आड़ में आख़िर क्यों फैलाई जा रही हैं मुस्लिम विरोधी भावनाएं? कट्टरपंथी हिन्दू विचारधारा कहीं इस बात का कारण तो नहीं बन रही है?
Apr १२, २०२० १२:१२एक ओर इस समय पूरी दुनिया जहां कोरोना वायरस जैसी महामारी से बुरी तरह जूझ रही है वहीं भारत में मरकज़ निज़ामुद्दीन में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के मिलने वाले प्रकरण का इस्तेमाल मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ नफरत और हिंसा भड़काने के लिए किया जा रहा है। इसमें राजनेताओं, सरकारों, मीडिया और सोशल मीडिया, सब की भूमिका पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं।
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कोरोना के दौर में कहां खड़ा है धर्म? अलअरबी जदीद की रोचक रिपोर्ट
Apr १२, २०२० ०९:२५पूरी दुनिया में कोरोना फैल चुका है इस दौरान सब से बड़ा सवाल यह है कि धर्म और मज़हब कहां है? और उसकी भूमिका क्या है?