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ईरान की बर्बादी का सपना देखने वाले अमेरिका का तबाही की ओर बढ़ता क़दम
Dec १४, २०२२ १५:५३सीरिया, इराक , लेबनान में सीधी जंग में मार खाने के बाद अमरीका ने अब ईरान के भीतर वैचारिक जंग शुरू कर दी है।
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दुनिया को तबाही के मुहाने पर पहुंचाने वाले अमेरिका पर कब लगेंगे प्रतिबंध, यूक्रेन युद्ध की आग बुझने नहीं दे रहा है वाशिंग्टन
Dec १४, २०२२ १४:३०अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन को पैट्रियॉट मिसाइल डिफेंस सिस्टम देने का मन बनाया है। रूस के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिका का यह फ़ैसला यूक्रेन जंग की आग में घी डालने जैसा ही है। वैसे इस बात में भी कोई शक नहीं है कि आज दुनिया के किसी भी कोने में अशांति है तो उसका मुख्य ज़िम्मेदार अमेरिका ही है।
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सऊदी अरब में बिन सलमान क्यों विरोधियों के घरों पर चला रहे हैं बुलडोज़र?
Dec १४, २०२२ १२:३१सऊदी अरब, क़तीफ़ के शीया मुसलमानों के घरों को तबाह व बर्बाद करने की योजना पर तेज़ी से बढ़ रहा है और वह शीया मुसलमानों के घरों पर निराधार बुनियादों और बहानों से बुलडोज़र चला रहा है। सऊदी अरब का आले सऊद शासन, शीया मुसलमानों की धार्मिक और सांस्कृतिक मीरास को भी तबाह करने की योजना पर काम कर रहा है।
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आख़िरकार अमेरिका ने स्वीकार की दंगाईयों के समर्थन की बात, ईरान में अशांति की आग लगाने वाले अब होने लगे हैं बेनक़ाब, यूक्रेन की चोट का तेहरान से बदला
Dec ११, २०२२ १८:५४ईरान में इसी साल सितंबर के महीने में एक कुर्द लड़की की मौत का बहाना बनाकर जिस तरह योजनाबद्ध तरीक़े से देश के अलग-अलग शहरों में दंगे शुरू हुए और अशांति का माहौल बनने लगा था उससे यह साफ अंदाज़ा लगाया जा सकता था कि यह कोई अचानक से हुई घटना नहीं है बल्कि इसकी प्लानिंग बहुत पहले ही तैयार की जा चुकी थी। इस बात में कोई शक नहीं है कि ईरानी पुलिस ने जितनी सहनशीलता के साथ दंगाईयों और उपद्रवियों का मुक़ाबला किया है वह सराहनीय है।
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इस बार नाबलुस में दिखी नए फ़िलिस्तीनी संगठन अरीनल उसूद की हनक, इस्राईल की नाक के नीचे फ़ौलाद की दीवर बनकर उभरा फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध
Dec ११, २०२२ ०८:०२फ़िलिस्तीन के वेस्ट बैंक इलाक़े के नाबलुस शहर में अचानक अरीनल उसूद नाम के फ़िलिस्तीनी संगठन ने हथियारों के साथ दोबारा सामने आकर सब को चौंका दिया।
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प्रतिबंधों के ज़रिए भारत और ईरान के मधुर संबंधों में कड़वाहट पैदा करने की व्हाइट हाउस में बैठे मदारियों की कोशिश, तेहरान और दिल्ली के बीच किस बात को लेकर खड़ा हो गया है विवाद?
Dec १०, २०२२ १४:५५एक ओर अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगी ईरान पर तरह-तरह के प्रतिबंध लगाकर जहां तेहरान पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं वहीं अब उन्होंने दंगों और अराजकता की साज़िश के बाद ईरान विरोधी एक और नीति अपनाई है और वह है इस देश के दूसरे देशों के साथ बने मज़बूत संबंधों में दरार डालना। इस बात में कोई शक नहीं है कि ईरान और भारत प्राचीन काल से एक मित्र देश रहे हैं और दोनों देशों के रिश्ते इतने गहरे हैं कि आग लगाने वालों ने कई बार इन संबंधों में आग लगाने की कोशिश की लेकिन वह हमेशा असफल ही रहे।
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ईरान की तरफ़ से वार्ता की दावत पर क्यों ख़ामोश है सऊदी अरब?
Dec ०६, २०२२ १६:१६इस्लामी गणराज्य ईरान की तरफ़ से आपसी संबंधों को बेहतर बनाने और वार्ता का सिलसिला आगे बढ़ाने की दावत पर सऊदी अरब की ओर से कोई जवाब दिखाई नहीं दे रहा है बल्कि यह देखने में आ रहा है कि सऊदी अरब की सरकार ईरान के भीतर होने वाले दंगों का खुलकर समर्थन तो नहीं कर रही है मगर सऊदी अरब के पैसे से चलने वाले टीवी चैनलों को शायद इशारा कर दिया गया है कि वे ईरान में अशांति, हिंसा और दंगों का मुद्दा बढ़ चढ़ कर उठाएं और उसे हवा दें।
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छह दिसम्बर बाबरी मस्जिद की शहादत, राहुल की भारत जोड़ो यात्रा, क्या यह भूल सुधार का प्रयास है?
Dec ०६, २०२२ ११:४८छह दिसम्बर की तारीख़ भारत ही नहीं, दक्षिणी एशिया ही नहीं बल्कि किसी हद तक विश्व स्तर पर एक बड़ी घटना की याद दिलाती है और वो है बाबरी मस्जिद की शहादत।
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क्या रूस के पास युद्ध जारी रखने के लिए पर्याप्त पैसा है?
Dec ०५, २०२२ १५:५६यूक्रेन पर रूस के हमले को 9 महीने बीत रहे हैं, और अब तक दोनों ओर से हज़ारों सैनिकों की मौत हो चुकी है।
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मुग़लों के ज़माने का भारत, जो दुनिया का सबसे अमीर देश था, ब्रिटिश राज में कैसे दुनिया का सबसे ग़रीब देश बन गया? चौंका देने वाले आंकड़े
Dec ०५, २०२२ १४:२२दो साल पहले ब्रिटेन में हुए एक सर्वे में 32 फ़ीसद ब्रितानी नागरिकों ने कहा था कि उन्हें देश के औपनिवेशिक इतिहास पर गर्व है।