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अमरीका ने तुर्की के ख़िलाफ़ छेड़ दी बड़ी लड़ाई, प्रतिनिध सभा में तुर्की पर प्रतिबंधों का बिल पास, क्या होगा तुर्की का जवाब? क्या इस बार तुर्क लीरा ख़ुद को संभाल पाएगा?
Oct ३१, २०१९ ०६:१६अमरीकी प्रंतिनिधि सभा ने 16 के मुक़ाबले में 405 वोटों से एक प्रस्ताव पारित करके यह पुष्टि की कि आर्मीनियन्स का क़त्ले आम हुआ था और साथ ही राष्ट्रपति ट्रम्प की ओर से तुर्की पर लगाए गए कई प्रतिबंधों को भी स्वीकृति दे दी। तुर्की से इम्पोर्ट किए जाने वाले फ़ौलाद और स्टील पर अमरीका ने कस्टम ड्यूटी भी बढ़ा दी है।
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मोदी भारत के लोकतंत्र को ख़तरे में डालने के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था को भी नुक़सान पहुंचा रहे हैं
Oct ३०, २०१९ १५:३४इकोनॉमिस्ट पत्रिका ने अपने एक आर्टिकल में भारतारीय प्रधान मंत्री के नेतृत्व में हिंदुत्व पार्टी बीजेपी की सरकार की नीतियों को देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे के लिए घातक क़रार दिया है।
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हरीरी ने इस्तीफ़ा प्रदर्शनों के कारण दिया या बाहरी दबाव में? क्या वह राजनैतिक शून्य शुरू हो गया जिसकी चेतावनी सैयद नसरुल्लाह ने दी थी? गृह युद्ध की कितनी आशंका है?
Oct ३०, २०१९ ०६:४२अरब जगत के जाने माने टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः लेबनान के प्रधानमंत्री सअद अलहरीरी के त्यागपत्र पर लेबनान की सड़कों के साथ ही अरब दुनिया में भी खुशी मनाई गई साथ ही इसे ज़िम्मेदारियों से भागने वाला क़दम भी कहा गया जिससे कोई हल नहीं निकलेगा बल्कि संकट और बढ़ेगा।
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इस्राईल को हो चला है ख़तरे का एहसास, जनता से विश्वास की भीख मांग रहे हैं नेतनयाहू, चीफ़ आफ़ आर्मी स्टाफ़ को डर है कि एक साथ कई मोर्चे से इस्राईल पर शुरू हो सकते हैं हमले!
Oct २९, २०१९ ०९:१५इस्राईल के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू फ़ेक न्यूज़ फैलाने के मास्टर समझे जाते हैं। वह अपने व्यक्तिगत और राजनैतिक स्वार्थ के लिए ख़ुद भी और अपने क़रीबी लोगों के माध्यम से भी झूठी ख़बरें बड़ी आसानी से फैलाते हैं।
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ट्रम्प ने औपचारिक रूप से माना कि वह सीरिया का तेल और गैस चुरा रहे हैं, अमरीकी राष्ट्रपति ने कंपनियों से कहा है कि वह इस आमदनी को संभालें! अमरीकी राष्ट्रपति और माफ़ियाओं में क्या फ़र्क़ रह गया है?!
Oct २८, २०१९ १७:२९हम तो यह समझ रहे थे कि सीरिया में दैरुज़्ज़ूर के पूर्वी इलाक़ों में तेल और गैस के भंडारों पर अगर अमरीकी सेनाएं और टैंक क़ब्जा करके बैठे हैं तो उद्देश्य यह है कि उन्हें आतंकी संगठन दाइश के क़ब्ज़े में जाने से रोका जाए जिसने तेल और गैस से होने वाली आमदनी की मदद से अपनी ताक़त काफ़ी बढ़ा ली थी।
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बग़दादी को क्या वाक़ई अमरीका ने मार दिया या पहले की तरह फिर ड्रामा कर रहा है? सद्दाम और क़ज़्ज़ाफ़ी के शव तो हमने देखे बिन लादेन और बग़दादी के शव क्यों नहीं दिखाए गए? दाइश का भविष्य क्या होगा?
Oct २८, २०१९ ०५:५९अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः हमें यह नहीं पता था कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प अदाकारी भी अच्छी कर लेते हैं। इसका पता उनकी हालिया प्रेस कान्फ़्रेन्स से चला जिसमें उन्होंने दाइश के सरग़ना अबू बक्र बग़दादी के मारे जाने की घोषणा की।
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इस्राईल व अरबों के संबंधों को प्रकट करने पर आग्रह क्यों? क्या नेतनयाहू ने रियाज़ में बिन सलमान से मुलाक़ात की है?
Oct २७, २०१९ १२:५६इस्राईली संचार माध्यमों ने सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ ज़ायोनी शासन के अधिकारियों की मुलाक़ातों में वृद्धि की ख़बर दी है।
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आइए नार्वे से सीखें! यह सीखें कि युद्ध की आग भड़काने और जलाए रखने पर निवेश करने के बजाए वर्तमान और भावी पीढ़ियों के लिए कैसे निवेश किया जाए?! सीखें कि 20 करोड़ डालर को 1000 अरब डालर कैसे बनाया जाए?!
Oct २७, २०१९ ०७:१३आज हम नार्वेजियन सावरेन वेल्थ फ़ंड की बात अगर करना चाहते हैं तो इसका यह मतलब नहीं कि हम इराक़ और लेबनान में हो रहे प्रदर्शनों को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं, हमारा उद्देश्य यह है कि हम आगे की ओर देखें और सावधान करना चाहते हैं कि कहीं यह प्रदर्शन उन तेल संपन्न धनी देशों में न पहुंच जाएं जहां की सरकारों ने देश का पैसा दोनों हाथों से लुटाया और बर्बाद किया है।
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सीरिया में फिर अपनी सैनिक उपस्थिति मज़बूत करने के चक्कर में पड़ गया अमरीका, क्या कुर्दों ने सीरिया और रूस दोनों को धोखा दिया? यह धोखा सीरिया और तुर्की को एक दूसरे से क़रीब कर सकता है?
Oct २६, २०१९ ०७:००अरब दुनिया के मशहूर टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने पूर्वोत्तरी सीरिया से अपने सैनिक बाहर निकालने के फ़ैसले से पलटी मारी है और रक्षा मंत्री मार्क इस्पर ने कहा है कि हसका तथा पूर्वी दैरुज़्ज़ूर के इलाक़ों में तेल और गैस के भंडारों की रक्षा के लिए अमरीकी सैनिकों की उपस्थिति बढ़ाई जाएगी ताकि यह भंडार दाइश के हाथ न लग जाएं।
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किसे अपनी नीतियां बदलना चाहिए... सऊदी अरब को या ईरान को ? कैसे फंसाया अमरीका ने सऊदी अरब को ? क्या होगा नया युद्ध? प्रसिद्ध पत्रकार महमूद अलब़ाज़ी ने दिये इन सवालों के जवाब
Oct २५, २०१९ १२:०६अरब जगत के प्रतिष्ठित पत्रकार और यूनिस्को के सदस्य प्रोफेर महमूद अलबाज़ी ने सऊदी अरब और ईरान के संबंधों में आने वाले उतार- चढ़ाव का गहराई से जायज़ा लिया है।