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इस्राईल में आम धारणा है कि अमरीका को मध्यपूर्व में ईरान की बढ़ती पैठ से या तो कोई समस्या नहीं है या फिर उसने मान लिया है कि इस प्रक्रिया को रोक या सीमित कर पाना वाशिंग्टन के बस की बात नहीं
Sep २५, २०१९ ०७:४७अमरीका के नियंत्रण से मध्यपूर्व का इलाक़ा निकला जा रहा है। इसका एहसास अमरीकियों को पहले ही हो गया था लेकिन इसकी सबसे ज़्यादा चिंता इस्राईल को परेशान कर रही है।
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ईरान क्यों हमास का समर्थक है, जबकि सऊदी अरब उसका कट्टर दुश्मन क्यों है?
Sep २४, २०१९ १७:३१इस्लामी प्रतिरोधी आंदोलन या हमास की स्थापना 1987 में इस्राईल के ख़िलाफ़ पहले इंतेफ़ाज़ा (फ़िलिस्तीनियों का जनांदोलन) के बाद हुई।
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दुनिया ने ईरान की ताक़त को किया सलाम, राष्ट्रपति रूहानी से मिलने के लिए यूरोपीय नेताओं की लाइन, संयुक्त राष्ट्र में रूहानी स्टार और अरब नेता नौसिखिए कलाकार क्यों बन गए?
Sep २४, २०१९ ०५:३३मंगलवार से संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा का 74वां सालाना अधिवेशन शुरू हो रहा है। यहां फ़ार्स खाड़ी के इलाक़े में जारी तनाव पर बात होगी, जलवायु परिवर्तन भी चर्चा में रहेगा, यमन युद्ध का मुद्दा भी गर्म रहेगा, भारत पाकिस्तान तनाव भी चर्चा में आएगा, वेनेज़ोएला पर अमरीका के प्रतिबंधों की भी बात होगी, ब्रेग्ज़िट के विषय पर भी चर्चा होगी।
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यूरोप और अमरीका में श्वेत नस्लवादी भारत के हिंदू राष्ट्रवादियों का गर्मजोशी से स्वागत क्यों कर रहे हैं?
Sep २३, २०१९ १२:५७श्वेत वर्चस्व (White supremacy) और हिंदुत्वा (Hindu nationalism) की मूल जड़ें 19वीं शताब्दी में 'आर्य जाति' की वर्चस्ववादी विचारधारा से जुड़ी हैं।
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सऊदी अरब के लिए ट्रम्प का सुझाव है कि ईरान से जंग करो हम साथ देंगे! क्या कुछ सौ सैनिक भेजकर वाक़ई अमरीका सऊदी अरब की रक्षा करना चाहता है? आरामको हमले के बाद रक्षा उद्योग में क्रान्ति के लक्षण
Sep २३, २०१९ ०४:२५अरब जगत के प्रख्यात टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः सऊदी अरब के बक़ैक़ और ख़ुरैस में स्थित आरामको तेल प्रतिष्ठानों पर ड्रोन हमलों के बाद अमरीका ने कुछ सौ सैनिक सऊदी अरब भेजने का एलान किया तो इससे सऊदी अरब में भारी निराशा फैल गई।
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अपनों से मिलने के लिए तड़पते बिलखते कश्मीरी, भारत को कश्मीरी नहीं सिर्फ़ कश्मीर चाहिए!
Sep २२, २०१९ १७:४६70 वर्षीय हमीदा बेगम भारतीय प्रशासित कश्मीर से सैकड़ों मील की यात्रा करके आगरा सेंट्रल जेल में अपने बेटे से मिलने पहुंची हैं।
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सेना के ख़ौफ़ को किनारे लगाकर मिस्र के बड़े शहरों में निकल पड़े प्रदर्शनकारी, अपनी क्रान्ति के लिए दुनिया में चर्चित इस देश में क्या होने जा रहा है?
Sep २२, २०१९ ०५:२५मिस्र के क़ाहेरा, इसकंदरिया तथा अन्य बड़े शहरों में अचानक प्रदर्शनों का फूट पड़ना और सरकार हटाने की मांग पर आधारित नारों का हर तरफ़ गूंजना वह घटना है जिसने सबको चौंका दिया क्योंकि वर्ष 2014 में जनरल अब्दुल फ़त्ताह अस्सीसी ने जब से चुनाव जीता है उसके बाद इस प्रकार के प्रदर्शन और सरकार गिराने की मांग के दुर्लभ चीज़ बन गई थी।
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सऊदी अरब को विनाश की दहलीज़ तक ले जाने वाला कौन है, ईरान, अमरीका या इस्राईल? नहीं, आस्तीन का सांप कोई और है
Sep २१, २०१९ १६:२६ख़ुद अपने ही बनाए गए दुश्मनों की अनदेखी करने वाला और अंतिम बूंद तक ख़ून चूसने के लिए तैयार अपने अवसरवादी सहयोगियों से घिरा सऊदी अरब एक ऐसी दलदल में धंसता जा रहा है, जिससे निकलना असंभव नहीं तो कम से कम बहुत कठिन ज़रूर है।
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क्या सऊदी अरब और इमारात सैयद हसन नसरुल्लाह की नसीहत मान कर यमन युद्ध बंद करेंगे? हमें लगता है कि ट्रम्प का अंजाम भी नेतनयाहू जैसा होने जा रहा है, आरामको हमला ट्रम्प के लिए सुनहरा अवसर, बहरैन का दोहन शुरू!
Sep २१, २०१९ ०४:१२अरब जगत के प्रख्यात टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः
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क्या बिन सलमान सऊदी ख़ानदान के आख़िरी बादशाह होंगे? सऊदी तेल प्रतिष्ठानों पर हमला, बिन सलमान के ताबूत पर आख़िरी कील
Sep २०, २०१९ २०:०९14 सितम्बर को सऊदी अरब की दो बड़ी आयल फ़ील्ड पर हमले हुए, यमन के अलहूसियों ने हमलों की ज़िम्मेदारी स्वीकार की किन्तु अजीब बात है कि हमलों की ज़िम्मेदारी लेने वालों को झूठा कहा जा रहा है और आरोप किसी तीसरे पक्ष पर लगाया जा रहा है। आरोप लगाने वाले सीधे नाम भी नहीं लेते और कहते हैं कि ऐसा हमला अंसारुल्लाह के बस की बात नहीं, कोई और लिप्त है।