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कश्मीर की उस काली रात की कहानी जब अंधेरे कमरे में लगाए गए बिजली के झटके!
Sep १७, २०१९ ११:४१भारत प्रशासित कश्मीर में जारी तनाव और हिंसा का उद्देश्य केवल कश्मीर की जनता में डर और भय का माहौल पैदा करना है। आम लोगों को विरोध-प्रदर्शनों से दूर रखा जा रहा है। कश्मीर की आम जनता इस समय बहुत ही दबाव में जीवन गुज़ारने के लिए मजबूर है और यह मजबूरी उन्होंने ने चुनी है बल्कि यह इस देश की सरकार की ओर से थोपी गई मजबूरी है। यह सब कहना है एक भारतीय अधिकारी का।
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ड्रोन हमले के बारे में अंसारुल्लाह के सैनिक प्रवक्ता ने चौंका देने वाली जानकारियां दीं, इमारात पर अब तक हमला क्यों नहीं हुआ? क्या सऊदी अरब की तरफ़ से ईरान पर हमला करेंगे ट्रम्प?
Sep १७, २०१९ ०६:१४अरब जगत के टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ा अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पेयो ने सऊदी अरब के बक़ैक़ इलाक़े में दुनिया के बहुत बड़े तेल प्रतिष्ठान पर बड़ा ड्रोन हमला होते ही ईरान पर आरोप लगा दिया कि वह इस हमले में लिप्त है।
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आख़िर सऊदी अरब अमेरिकी मदद के बावजूद यमनियों के जवाबी हमले क्यों नहीं रोक पा रहा है? इस दुनिया में मानवता से ज़्यादा अर्थव्यवस्था का महत्व!
Sep १६, २०१९ १४:०३सऊदी अरब और उसके सहयोगियों द्वारा वर्षों से यमन पर किए जा रहे पाश्विक हमलों के जवाब में जब यमन ने हमला किया तो अब पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। ऐसा लगता है कि इस दुनिया में मानवता से अधिक अर्थव्यवस्था का महत्व है इसीलिए सऊदी अरब और उसके सहयोगियों द्वारा लगभग पांच वर्षों से यमन के आम नागिरकों, बच्चों और महिलाओं का नरसंहार किया जा रहा है लेकिन दुनिया के तथाकथित मानवाधिकार का दावा करने वाले चुप्पी साधे हुए हैं।
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एक महत्वपूर्ण सवाल जो ईरान और रूस के राष्ट्रपति तुर्की से पूछेंगे, अर्दोगान के पास अपने घटक चरमपंथी संगठनों को बचाने का क्या है रास्ता? लावरोफ़ ने सही कहा कि सीरिया युद्ध ख़त्म हो चुका है
Sep १६, २०१९ १३:५२एक महत्वपूर्ण सवाल जो ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी और रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतीन अपने तुर्क समकक्ष रजब तैयब अर्दोग़ान से ज़रूर पूछेंगे वह यह होगा कि सीरिया के उत्तरी इलाक़े इदलिब का वर्तमान संकट समाप्त समाप्त करवाने के लिए उनके पास क्या प्रस्ताव है?
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दुनिया और भारत के मुसलमानों की बिगड़ती स्थिति का कौन है ज़िम्मेदार? पूरी दुनिया के मुसलमानों के पास है एक ऐसा मंत्र जो उन्हें फिर से उभार सकता है!
Sep १६, २०१९ १२:३०भारत दुनिया के किसी भी देश में मुसलमानों की तीसरी सबसे ज़्यादा बड़ी आबादी वाला देश है। भारतीय मुसलमानों में जितनी विविधता देखने को मिलती है वह किसी और देश के मुसलमानों में नहीं दिखने को मिलती है।
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सऊदी अरब के सबसे बड़े आयलफ़ील्ड पर हमला, इसी का डर सबको था, क्यों?
Sep १६, २०१९ ०४:१४अमरीकी वेबसाइट ब्लूमबर्ग का कहना है कि मध्यपूर्व की जियो पोलिटिक्स एक बार फिर उस दौर में पहुंच गई है कि वह तेल मंडियों से अपना इंतेक़ाम लेने लगी है। इसी का डर हर किसी को था। बक़ैक़ आयल फ़ील्ड और छावनी की वायु रक्षा व्यवस्था को यमनी ड्रोन विमानों ने भेद दिया। यह आयल फ़ील्ड और यहां स्थापित रिफ़ाइनरियां सऊदी अरब के तेल सेक्टर का सबसे प्रमुख इन्फ़्रास्ट्रक्चर समझी जाती हैं।
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ज़माना बदल गया है, अत्याचाग्रस्त लोगों पर जो चाहे जितना ज़ुल्म करे लेकिन उसको जवाब देने का अधिकार नहीं है! यमनियों के ख़ून से होली खेलने वाले अब चीख़ क्यों रहे हैं?
Sep १५, २०१९ १४:२३सऊदी अरब के दो तेल संयंत्रों पर शनिवार को हुए हमले के बाद से पूरे इलाक़े में तनाव की स्थिति बन गई है। इस जवाबी कार्यवाही को यमनी सेना और स्वयंसेवी बलों ने सऊदी गठबंधन के पाश्विक हमलों के जवाब में किया है।
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ईरान के राष्ट्रपति से क्यों हाथ मिलाना चाहते हैं ट्रम्प? जॉन बोल्टन को हटाने के पीछे क्या है कारण?
Sep १५, २०१९ १२:३३सैन फ्रांसिस्को विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प को आगामी 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति के साथ फ़ोटो खिंचवाने की ज़रूरत है और वह इसके लिए बहुत प्रयास कर रहे हैं।
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सऊदी अरब के भीतर तेल प्रतिष्ठानों पर बहुत बड़ा हमला करके अंसारुल्लाह ने नया समीकरण स्थापित कर दिया है, क्या हमलावर ड्रोन, बहरैन, क़तीफ़ या इराक़ से उड़े थे? हमला तब हुआ है जब आरामको अपने शेयर बेचने की तैयारी में थी!
Sep १५, २०१९ ००:२८अरब जगत के विख्यात टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जाएज़ा। इसमें तो कोई हैरत की बात नहीं है कि सऊदी अरब के नागरिक रक्षा विभाग ने मेहनत करके उस आग पर नियंत्रण पा लिया जो पूर्वी सऊदी अरब में बहरैन की सीमा के क़रीब स्थित बक़ैक़ और ख़रैस नामक आयल फ़ील्ड्स में बड़ी तेल रिफ़ाइनरियों पर ड्रोन हमले के कारण लगी थी।
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हिंदी, एक ऐसी भाषा जो आज भी अकेली है, न जाने कितनी बार राजनीतिक रोटियां सेकी गईं पर यह.....
Sep १४, २०१९ १५:२९14 सितम्बर को भारत में हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस दिन संविधान सभा ने हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया था।