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9/11 हमले की ऐसी क्या चीज़ है जिससे आज भी अमेरिकियों की जान जा रही है?
Sep ११, २०१९ १०:५४11 सितंबर 2001 को न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में जब वर्ल्ड ट्रेंड सेंटर के दोनों टावर गिरे तो धूल का बड़ा गुबार छा गया। यह गुबार कई हफ्तों तक मौजूद रहा। जिन लोगों ने इस गुबार में सांस ली, वे आज कैंसर और अन्य ख़तरनाक बीमारियों से जूझ रहे हैं।
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बोल्टन को बर्ख़ास्त करवाने में तालेबान मुल्लाओं की क्या रही भूमिका? उनके जाने पर मध्यपूर्व में सबसे अधिक दुखी कौन होगा? क्या अब ट्रम्प और रूहानी की मुलाक़ात की तैयारी शुरू होने जा रही है? अरब पत्रकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ा
Sep ११, २०१९ ०३:१२जान बोल्टन तेहरान में इस्लामी गणतंत्र शासन को बदलने का अपना ख़्वाब पूरा किए बग़ैर ही अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का पद छोड़कर चले गए हैं।
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आख़िर भारत में मॉब लिंचिंग का सिलसिला क्यों थमने का नाम नहीं ले रहा है? लिंचिंग में शामिल लोग क्या सोचकर इस तरह के अपराध में शामिल होते हैं?
Sep १०, २०१९ १३:४२अपराध जितना भी जघन्य हो आरोपी को सज़ा देना क़ानून का काम है न कि समाज और भीड़ का। न्याय मिलने में चाहे जितना समय लगे या ग़लतियां भी हों, जनता द्वारा क़ानून हाथ में लेने को न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता है।
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मोहर्रम में बंटने वाले तबर्रुक में हलीम बहुत ख़ास है, हलीम कब और कैसे बना और कहां से आया?
Sep १०, २०१९ ११:२७अच्छा खाना किसे पसंद नहीं और यदि आपका संबंध दिल्ली, हैदराबाद, लखनऊ या फिर कराची से है तो चाहे आप खाने-पीने के लिए उत्सुक हों या न हों, बिरयानी और हलीम का उल्लेख आते ही अपकी भूख ज़रूर जाग उठेगी। यह तो अधिकतर लोग जानते हैं कि बिरयानी बनाने का श्रेय मुग़ल रानी मुमताज़ महल के सिर जाता है लेकिन बहुत कम लोगों को यह पता है कि हलीम की शुरुआत कहां से हुई है?
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कुछ घंटों के भीतर तीन घटनाए, जो बता रही हैं कि इस्राईल को थका कर मार देने वाली लड़ाई तीन मोर्चों पर शुरू हो गई है! दक्षिणी दमिश्क़ से इस्राईल पर मिसाइल फ़ायर किए जाने का क्या अर्थ है? अरब टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ा
Sep १०, २०१९ ०४:००हालिया कुछ घंटों के भीतर तीन घटनाएं इस प्रकार की हुई हैं जो आने वाले हालात की बहुत स्पष्ट तसवीर पेश कर सकती हैं। यह घटनाएं इस्राईल के भीतर हिज़्बुल्लाह द्वारा बक्तरबंद गाड़ी को ध्वस्त किए जाने के एक सप्ताह से भी कम समय बाद हुई हैं।
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ड्रोन गिरने के बाद इस्राईल पर गिरा दूसरा बम, अध्ययन में साफ़ हुई तसवीर कि ईरान के नेतृत्व वाला इस्लामी प्रतिरोध मोर्चा इस्राईल के अस्तित्व के लिए ख़तरा बन चुका है!
Sep ०९, २०१९ १३:५४इस्राईल के प्रसिद्ध थिंक टैंक बेगिन अस्सादात केन्द्र ने एक अध्ययन प्रकाशित किया है जिसमें साफ़ शब्दों कहा गया है कि इस्राईल की उत्तरी और दक्षिणी सीमाओं पर जो मोर्चा कार्यरत है जिसमें सीरिया, हिज़्बुल्लाह, जेहादे इस्लामी और हमास उपस्थित हैं वह सीरियाई को थका कर ख़त्म कर देने वाली लंबी लड़ाई की बुनियाद रख रहा है।
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सैयद हसन नसरुल्लाह का एक और वादा पूरा हुआ, लेबनान के आसमान में इस्राईली ड्रोन ध्वस्त, नेतनयाहू लौह पुरुष की छवि बनाने की कोशिश में मूर्ख इंसान की छवि बना बैठे!
Sep ०९, २०१९ ११:२६लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन ने इस्राईल का ड्रोन विमान मार गिराया। इस घटना को एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में इसलिए देखा जा रहा है कि इससे साबित हो गया है कि लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन ने वायु रक्षा के क्षेत्र में अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
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फ़ार्स खाड़ी के संकट को हल करने के लिए मचल उठा ट्रम्प का दिल, क्या इस्राईल के हितों की फ़िक्र सता रही है? कमज़ोर बैसाखियों की क्या कहानी है?
Sep ०९, २०१९ ०६:३५इस समय अमीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प फ़ार्स खाड़ी में क़तर के साथ सऊदी अरब, इमारात बहरैन और मिस्र के संकट को हल करवाने की कोशिश में बहुत मेहनत से लग गए हैं। क़तर का इन चार देशों ने जून 2017 से परिवेष्टन कर रखा है। इस बीच क़तर ने अमरीका से अपने संबंधों को नई गति देने की कोशिश की है।
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क्या इस्राईल के मीरकावा टैंकों की तरह ड्रोन विमानों का हौवा भी हिज़्बुल्लाह ही समाप्त करेगा? दक्षिणी बैरूत में गिरने वाले दोनों ड्रोन विमानों की ख़ुफ़िया सच्चाई क्या है? अरब जगत के प्रख्यात टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ा
Sep ०८, २०१९ ०४:२४हिज़्बुल्लाह और अवैध इस्राईली शासन के बीच शायद अगला टकराव लेबनान की वायु सीमा में होगा। इससे पहले अधिकतर टकराव अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन के इलाक़ों में होते रहे हैं। शायद इस्राईल ने दक्षिणी बैरूत के ज़ाहिया इलाक़े में अपने दो ड्रोन विमान भेजकर एक नई लड़ाई की शुरुआत कर दी है।
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हिंदुत्वा और ज़ायोनीवाद एक सिक्के के दो रुख़, भारत के इस्राईल के कट्टर विरोधी से सबसे अच्छा दोस्त बनने तक का सफ़र
Sep ०७, २०१९ १४:५०हिंदुत्व और ज़ायोनीवाद दोनों ही एक ऐसी संस्कृति, एक ऐसी जाति और एक ऐसे धर्म वाले महत्वाकांक्षी राष्ट्र का निर्माण करना चाहते हैं, जिसका विश्व पर वर्चस्व हो।