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कभी इस्लामी जगत का नेतृत्व करते थे सऊदी अरब और मिस्र मगर अब यह नेतृत्व संभालते नज़र आ रहे हैं तुर्की और ईरान और अरब देशों के मुखिया बन गए हैं नेतनयाहू!
Oct २८, २०२० ०६:०९हमें इस्राईल के इंटेलीजेन्स मंत्री एली कोहेन का यह बयान सुनकर कोई हैरत नहीं हुई कि इस समय अरब देश इस्राईल से जो समझौते कर रहे हैं वह क्षेत्र में एतिहासिक परिवर्तनों के दायरे में होने वाली घटनाएं हैं जिनके आर्थिक और सामरिक पहलू हैं।
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इराक़ में प्रदर्शनों की नई लहर, खिलाड़ी कौन हैं और लक्ष्य क्या हैं?
Oct २७, २०२० १९:२८इराक़ में एक बार फिर जन प्रदर्शन शुरू हो गए हैं जिन्होंने कुछ स्थानों पर हिंसक रूप धारण कर लिया जिसमें दसियों सुरक्षाकर्मी और आम नागरिक घायल हो गए।
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जर्मनी का दोग़ला रवैयाः पैग़म्बर का अनादर, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, मैक्रां को दिमाग़ का इलाज करने की नसीहत, बर्दाश्त नहीं!
Oct २७, २०२० १७:५२जर्मन सरकार ने फ़्रान्स के राष्ट्रपति की ओर से पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम के अनादर को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बताया है लेकिन अर्दोग़ान की ओर से मैक्रां को मानसिक स्वास्थ्य का टेस्ट देने की नसीहत को अस्वीकार्य बताया है।
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आरएसएस को अचानक भारत ही नहीं पूरे इलाक़े को एकजुट करने का ख़याल क्यों आया?
Oct २७, २०२० १३:०२भारत में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के पैत्रिक संगठन आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत के नागपुर में दिए गए हालिया एक घंटे और कुछ मिनट के भाषण पर अगर ध्यान दिया जाए तो एक चीज़ बहुत साफ़ नज़र आती है और वह चीन के ख़तरे का डर और इस डर से निपटने के लिए अपनी पुरानी विभाजनकारी नीतियों से पीछा छुड़ाने की कोशिश।
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मैक्रां का शुक्रिया जिन्होंने इन कठिन हालात में इस्लामी जगत को एकजुट कर दिया..जवाबी हमले में तीन देश क्यों सबसे आगे और सऊदी अरब क्यों ग़ायब है?
Oct २७, २०२० ०७:२१जब ईरान, तुर्की और पाकिस्तान मुसलमानों और उनकी आस्थाओं पर फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां के भारी प्रहार के ख़िलाफ़ एकजुट हो गए जिनकी कुल आबादी इस्लामी जगत की आबादी का एक तिहाई हिस्सा है, तो इसका मतलब यह है कि मैक्रां की विचारधारा और बेलगाम ज़बान के विध्वंसकारी परिणाम सामने आने लगे हैं जिसका असर केवल फ़्रांस नहीं बल्कि पूरे यूरोप पर पड़ेगा। यही नहीं इससे सलीबी जंगों की शुरुआत का रास्ता तैयार होगा।
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ट्रम्प के बाद का मिडिल ईस्ट, सऊदी अरब और इस्राईल के लिए भयानक सपना, अलकुद्सुलअरबी का ध्यान योग्य जायज़ा
Oct २६, २०२० १६:५७लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र अलकुद्सुल अरबी ने अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव और ट्रम्प की संभावित हार के बाद के हालात का जायज़ा लिया है।
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अमरीका की आंखों के सामने ईरान ने 30 लाख बैरल तेल सीरिया पहुंचाया, अमरीका ने रोकने की हिम्मत क्यों नहीं की? रायुलयौम का धमाकेदार आलेख
Oct २४, २०२० १६:५९लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र रायुल यौम से इस हफ्ते को सीरिया का हफ्ता कहा है क्यों? आप भी जानें।
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यमन, ईरान ने अपना राजदूत भेज दिया, सऊदी अरब अपना राष्ट्रपति नहीं भेज पाया! ईरानी राजदूत कौन से रास्ते से गये? लेबनानी समाचार पत्र का रोचक जायज़ा
Oct २४, २०२० १३:१०ईरान के राजदूत हसन ईरलू पिछले हफ्ते, सनआ पहुंच गये और उन्होंने ईरान व यमन के बीच संबंधो में विस्तार पर बल दिया। ईरान ने पिछले साल तेहरान में यमन के राजदूत इब्राहीम अद्दीलमी को स्वीकार करके अपने इरादे का एलान कर दिया था।
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आंतरिक मुद्दों पर लड़ा जा रहा है राष्ट्रपति चुनाव, क्या सुपर पावर की छवि खो रहा है अमरीका?
Oct २४, २०२० १२:४४अमरीका में इन दिनों राष्ट्रपति चुनाव का दंगल अपने चरम पर है। इस दंगल में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और वर्तमान राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के मुक़ाबले में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार और ओबामा प्रशासन में उप राष्ट्रपति रह चुके जो बाइडन मौजूद हैं।
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ट्रम्प व बायडन की अंतिम डिबेट की छाया में चुनावी नतीजों का आकलन
Oct २४, २०२० १०:०६डेमोक्रेट उम्मदीवार जो बायडन, रिपब्लिकन प्रत्याशी डोनल्ड ट्रम्प के साथ अपनी अंतिम चुनावी डिबेट में भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी बढ़त बाक़ी रखने में सफल रहे और अगर अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव में जनता की राय और प्रजातंत्र को कसौटी माना गया तो फिर बायडन की जीत की प्रतीक्षा में रहना चाहिए।