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वीडियो रिपोर्टः हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) के नक़्शे क़दम पर चलने वाली महिलाओं का दिल से होता है सम्मान, ईरानी महिलाएं, महिला शक्ति की हैं असली मिसाल
Feb ०३, २०२१ १६:१०) हज़रत फातेमा ज़हरा प्रकाश हैं और प्रकाश का काम अंधेरे को मिटाना है। मैं पर्दा करने और अनिवार्य दायित्वों के प्रति कटिबद्ध नहीं थी। मेरी कोई विशेष आस्था नहीं थी। .... घर एक निशानी है// जब मैंने यात्रा की तो मेरे अंदर एक आध्यात्मिक परिवर्तन उत्पन्न हुआ। जो इंसान प्रेम से ओतप्रोत हो वह कहां जाये। मैंने हज़रत फातेमा ज़हरा स. से कहा कि मैं भटक गयी हूं आप मेरी मदद कीजिये ताकि मैं स्वयं को प्राप्त कर लूं। आपके पास एक मां है जो आपके भटके दिल के लिए मां की भूमिका निभाती है। .... प्रेम को पैदा करने ...
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वीडियो रिपोर्टः "उल्टा चोर कोतवाल को डांटे" कहावत तो सुनी ही होगी अब देख भी लें
Feb ०३, २०२१ १५:०७सब एसे समझौते की बात कर रहे हैं जिसके विवरण से अवगत नहीं हैं। मैं उन दिनों में भी रिपोर्टर था जब जनेवा में परमाणु समझौते पर आरंभिक सहमति बनी थी। अब उस समय को लगभग सात वर्ष बीत रहे हैं// मैं समझता हूं कि परमाणु समझौते के बारे में जनेवा में जो वार्ता हुई थी उसके बारे में बात करना अभी समय से पूर्व है। जो वर्ष बीत गये उनमें अमेरिका ने परमाणु समझौते का उल्लंघन किया। वह परमाणु समझौते से निकल गया। ....जो भी सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2231 के प्रति वचनबद्ध रहना चाहता है अमेरिका उसके खिलाफ ...
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वीडियो रिपोर्टः भारत पहुंचे ईरान के रक्षा मंत्री, बताया यात्रा का उद्देश्य
Feb ०३, २०२१ १५:००स्वतंत्रता प्रभात के तीसरे दिन ईरान के प्रतिरक्षामंत्री अमीर हातेमी भारत के साथ सैनिक, आर्थिक और राजनीतिक सहयोग में वृद्धि के उद्देश्य से बेंगलेरू पहुंचे।... प्रतिरक्षामंत्री कहते हैं कि यह यात्रा भारत के रक्षामंत्री के निमंत्रण पर हो रही है। तय यह है कि इस यात्रा में इनसे मुलाकात होगी और इसी प्रकार हम भारत के कुछ सैनिक और राजनीतिक अधिकारियों से भेंटवार्ता करेंगे। प्रतिरक्षामंत्री ब्रिगेडियर अमीर हातेमी हिंद महासागर के ...
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वीडियो रिपोर्टः क्या जो बाइडन यमन युद्ध के दलदल में फंसे सऊदी अरब को बाहर निकालेंगे? बिन सलमान पर कसता शिकंजा!
Feb ०३, २०२१ ११:५६ट्रम्प अमरीका की सत्ता से बहुत बेइज्ज़त होकर बाहर निकले और उनका स्थान बाइडन ने लिया तो इस बड़े बदलाव के असर भी अब विश्व स्तर पर नज़र आने लगे हैं। विशेष रूप से पश्चिम एशिया के इलाक़े में यह बदलाव साफ़ नज़र आ रहा है जहां पहले से तनाव मौजूद है।
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क्या आप सोच सकते हैं कि भारत की केन्द्र सरकार किसानों को रोकने के लिए क्या- क्या कर रही है?
Feb ०२, २०२१ १८:२८आम आदमी पार्टी ने कहा है कि सरकार ने अल्पमत से विवादित कृषि क़ानूनों को पारित किया है और किसानों की पीड़ाओं के लिए सरकार ही ज़िम्मेदार है
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फ़्रांस पर कोरोना की मार, सरातल में पहुंची अर्थव्यवस्था, कंपनियां हुईं दिलावाया का शिकार और लोग सड़कों पर... वीडियो रिपोर्ट
Feb ०२, २०२१ १४:०१फ़्रांस पर कोरोना की मार, सरातल में पहुंची अर्थव्यवस्था, कंपनियां हुईं दिलावाया का शिकार और लोग सड़कों पर... वीडियो रिपोर्ट
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म्यांमार की सेना ने क्यों पलटा सूची का तख़्ता, शांति का दम भरने वाली सूची का हाथ रोहिंग्या मुसलमानों के ख़ून से सना हुआ है, क्या ग़रीब मुसलमानों की हाय खा गयी सूची को...+ वीडियो रिपोर्ट गयी
Feb ०२, २०२१ ११:४३म्यांमार की सेना ने क्यों पलटा सूची का तख़्ता, शांति का दम भरने वाली सूची का हाथ रोहिंग्या मुसलमानों के ख़ून से सना हुआ है, क्या ग़रीब मुसलमानों की हाय खा गयी सूची को...+ वीडियो रिपोर्ट गयी
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वर्ष 2021-22 के लिए भारत का बजट पेश, वित्तमंत्री ने कहा है कि भारत का सकल घरेलू उत्पाद दो बार माइनस हो गया परंतु मोदी सरकार किसानों की आमदनी को दोगुना करने का प्रयास कर रही हैः सीतारमण
Feb ०१, २०२१ १५:५६भारत की वित्तमंत्री ने आज डिज़िटल बजट पेश करते हुए कहा कि...
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वीडियो रिपोर्टः रूस से आई एक अच्छी ख़बर, रूसी सरकार की ईरानी छात्रों को लेकर क्या है इच्छा?
Feb ०१, २०२१ १५:०१कोरोना की वजह से 11 महीनों तक घरों में बैठने के बाद 40 लाख रूसी छात्रों और हज़ारों ईरानी छात्रों सहित लगभग तीन लाख विदेशी छात्रों की क्लासें दोबारा आरंभ हो रही हैं जो एक अच्छी ख़बर है। ...कोरोना की स्थिति के अपेक्षाकृत बेहतर हो जाने के बाद सात फरवरी से समूचे रूस में इस देश के विश्वविद्यालयों में क्लासें आरंभ हो रही हैं जबकि कोरोना का क़हर फैल जाने और क्लासों के आन लाइन हो जाने के बाद विदेशी छात्रों के स्वदेश लौट जाने का कारण बनी परंतु रूसी सरकार ने ...
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वीडियो रिपोर्टः पवित्र नगर मशहद में आज़ादी के बजे नगाड़े, युवाओं ने बलिदान की खाई सौगंध
Feb ०१, २०२१ १४:४९रविवार पूरे ईरान में स्वतंत्रता प्रभात आरंभ होने का दिन था। इस अवसर पर भव्य पैमाने पर जश्न मनाये जाते हैं और ये इस्लामी क्रांति की सफलता की याद दिलाते हैं। 42 साल पहले इसी प्रकार के दिन में स्वर्गीय इमाम खुमैनी स्वदेश वापस आये थे और उन्होंने एसी इस्लामी व्यवस्था की आधारशिला रखी जिसका ईरानी आज तक अनुसरण कर रहे हैं और यह रास्ता जारी है। हमें स्वयं को दिखाना चाहिये कि हम ईरानी युवा अपने जीवन की अंतिम सांस तक इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता के साथ हैं।