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ब्रिटेन को कोरोना वायरस के एक और नए वेरिएन्ट का सामना, वेल्ज़, मुजतबा क़ासिमज़ादे ने बताया आंखों देखा हाल
Dec २४, २०२० ११:५९ब्रिटिश समाज कोरोना वायरस के नए वेरिएन्ट के सामने आने के झटके से अभी उबरा नहीं था कि दूसरे नये वेरिएंट का उसे सामना है।
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अफ़ग़ान सरकार की ज़रूरतमंद परिवारों को खाद्य पदार्थ की मदद, संसद कर रही है विरोध, वजह...
Dec २४, २०२० ११:४४अफ़ग़ान सरकार ने देश में कोरोना वायरस की फैल रही दूसरी लहर के मद्देनज़र, ज़रूरतमंद परिवारों के लिए खाद्य पदार्ष बांटने की योजना शुरू की है।
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जेल में क़ैद क़ैदियों की पसंदीदा किताब बनता जा रहा पवित्र क़ुरआन, 120 क़ैदियों ने मिलकर लिख डाला पूरा क़ुरआन
Dec २३, २०२० १७:०९यहां पर लोग क़ुरआन से प्रेम पैदा करते हैं। मैं पांचवे पारे को लिख रहा हूं। तुम कितने दिनों से जेल में हो? लगभग दस वर्षों से। यासूज के केन्द्रीय कारागार के क़ैदी, एक सांस्कृतिक योजना के अन्तर्गत पवित्र क़ुरआन, लिखना सीख रहे हैं। जेल में क़ुरआन पढ़ने और लिखाने के कार्यक्रम हम चला रहे हैं। एक सौ बीस लोगों की सहायता से क़ुरआन लिखने का कार्यक्रम आज संपन्न हुआ है। इसी प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों की सहायता से इन्शाल्ला, हम जेलों में सुधार के कामों को आगे बढ़ाएंगे। क़ैदियों ने अब क़ुरआन को अपने ..
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भारतीय किसान मांगों को लेकर अडिग, मोदी सरकार भी पीछे हटने के मूड में नहीं, दिल्ली से शमशाद काज़मी की रिपोर्ट
Dec २३, २०२० १६:२६भारतीय किसानों का कहना है कि तीनों कृषि बिल वापस न होने तक वे अहिंसक ढंग से अपने आन्दोलन को जारी रखेंगे।
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हलाल की रोज़ी में बड़ी बरकत है, हलाल बाज़ार के बढ़ते व्यापार ने दुनिया को हैरत में डाला
Dec २३, २०२० १५:४१एलान किया गया है कि हलाल बाज़ार का दायरा बढ़कर 5 ट्रिलियन डालर तक पहुंच गया है जिमसें खाद्य पदार्थ, पोशाक, दवाएं और पर्यटन आदि सबकुछ शामिल है। हलाल व्यापार का छठा अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन, इस्तांबूल में कोरोना के कारण आन लाइन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में कई देशों के विभिन्न क्षेत्रोंइस सम्मेलन का नारा है, "सबके लिए हलाल और हर आयाम से हराम" .......... अन्तर्राष्ट्रीय हलाल सम्मेलन के आयोजनकर्ताओं को आशा है कि हलाल उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण इसकी वर्तमान वैल्यू दस वर्षों में बढ़कर ...
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सिर पर कफ़न बांधकर निकलते हैं फ़िलिस्तीनी जियाले, शहादत प्रेमी फ़िलिस्तीनी युवक की कार्यवाही से इस्राईली सैनिकों में हड़कंप
Dec २३, २०२० १४:४१फ़िलिस्तीन के प्रतिरोधक गुटों ने शहादत प्रेमी इस कार्यवाही को प्रतिरोध के मार्ग में फ़िलिस्तीनियों के ईमान की निशानी बताया है। ज़ायोनी सैनिकों ने एक साल पहले उसके चचेरे भाई को शहीद कर दिया था। इस शहीद का शव अब भी ज़ायोनी सैनिकों के नियंत्रण में है ...........( ईश्वर हमें धैर्य प्रदान करे। ईश्वर उसकी शहादत को स्वीकार करे और हमें स्वर्ग में उसके साथ रखे.......) कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत मस्जिदुल अक़सा में हथियार लेकर पहुंचना बहुत बड़ी बात है। महमूद की शहादत के बाद ज़ायोनी सैनिकों ने ...
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भारतीयों के दिलों में ईरान के लिए ख़ास स्थान, तभी तो चाय ईरानी हो न हो पर नाम ज़रूर ईरानी चाय का है
Dec २२, २०२० १६:०७सर्दियों की सर्द शाम में एक दिन मैं दिल्ली की एक सड़क के गुज़र रहा था कि हमने एक दुकान पर यह बोर्ड लगा देखा जिसपर लिखा था ईरानी, दम-टी। यानी ईरानी दम की हुई चाय.......इसके कई गाहक थे। चाय के कप मुझे जाने-पहचाने लग रहे थे लेकिन ईरानी चाय की ख़ुशबू वहां नहीं थी। दुकान में चाय की बड़ी केतली और एक बड़ा पतीला चूल्हे पर रखा था जिनमें चाय उबल रही थी-------पिछले साल जब हम हैदराबाद गए थे तो वहां पर कई दुकानों पर मैंने ईरानी चाय बिकते हुए देखी थी जिसमें ...
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ईरान और रूस की दोस्ती पर मौसमों का असर नहीं पड़ने वाला, तेहरान और मास्को ने प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ मिलकर बनाया प्लान
Dec २२, २०२० १५:५७हम रूस को अपना स्ट्रैटेजिक सहयोगी मानते हैं। अन्तर्राष्ट्रीय वातावरण में हम इन संबन्धों को छोटी-मोटी बातों के कारण बदल नहीं सकते। इस विस्तृत भेंटवार्ता में रूस के उप प्रधानमंत्री और वहां के नए पेट्रोलियम मंत्रियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि अन्तर्राष्ट्रीय परिवर्तनों को अनदेखा करते हुए हम ईरान के साथ हर क्षेत्र में दीर्घकालीन सहयोग करने के लिए तैयार हैं। ईरान की संसद का ऊर्जा आयोग भी देश की मूल नीति के अन्तर्गत चाहता है कि अपने पुराने ...
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्याल के छात्रों ने पूरी दुनिया में भारत का नाम रौशन किया है, मोदी, दिल्ली से हमारे संवाददाता शमशाद काज़मी की रिपोर्ट
Dec २२, २०२० १५:४८अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्याल के छात्रों ने पूरी दुनिया में भारत का नाम रौशन किया है, मोदी, दिल्ली से हमारे संवाददाता शमशाद काज़मी की रिपोर्ट
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पवित्र मशहद की तंग गलियों से शहीदों की माओं की दुआओं की आवाज़ें और मस्जिदों से होती लोगों की मदद, कोरोना से मुक़ाबले का अनोखा तरीक़ा
Dec २२, २०२० १३:४४वहां पर बहुत से लोग स्वेच्छा से दूसरों की सहायता करते हैं। (हमारे लिए यही काफ़ी है कि हमें इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम का सेवक कहा जाए-------- हमे सेवा का केन्द्र मस्जिदों को ही बनाना चाहिए। यही कारण है कि एक नारा दिया गया है, "मस्जिद सेवा का केन्द्र") यहां तक कि छात्र भी मैदान में आ गए हैं........हम बीमारों से संपर्क करके उनको सेवाएं देते हैं और आरंभ से ही निष्ठा के साथ उनका उपचार करते हैं। हमारे साथी यहां पर ईश्वर के साथ ...