मोदी सरकार की एक और नोटबंदी, 2000 के नोट सर्कुलेशन से बाहर
2016 में विवादित नोटबंदी के बाद एक बार फिर मोदी सरकार ने 2000 रुपए के नोटों को सर्कुलेशन से बाहर करने का एलान किया है।
8 नवंबर 2016 की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीवी पर अपने संबोधन में नोटबंदी की घोषणा करते हुए कहा था कि रात 12 बजे के बाद से 500 और 1000 रुपए के नोट नहीं चलेंगे।
अचानक उठाए जाने वाले इस क़दम की वजह बताते हुए मोदी सरकार ने कहा था कि इससे काले धन को समाप्त करने और आतंकवाद पर क़ाबू पाने में मदद मिलेगी।
500 और 1000 के पुराने नोटों की जगह मोदी सरकार ने 2000 रुपए और 500 रुपए के नए नोट जारी करने की घोषणा की थी।
लेकिन अब 19 मई को भारतीय रिज़र्व बैंक ने एक बयान जारी करके कहा है कि 2000 के नोट सर्कुलेशन से बाहर हो रहे हैं और सिर्फ़ 30 सितंबर 2023 तक इन्हें बैंकों में जमा कराया जा सकता है।
बयान में कहा गया है कि लोग 2000 के नोट अपने बैंक खाते में जमा कर सकते हैं या किसी भी बैंक की शाख़ा में जाकर अपने नोट बदल सकते हैं।
कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने एक बार फिर मोदी सरकार के इस फ़ैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि 2000 के नोट कभी भी क्लीन नोट नहीं थे। लोगों ने इसका इस्तेमाल सिर्फ़ काले धन को इकट्ठा करने में किया है। अब इस नए एलान से स्पष्ट हो गया है कि नोटबंदी ने अपना चक्र पूरा कर लिया है।
आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस फ़ैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि पहले उन्होंने कहा कि 2000 का नोट लाने से भ्रष्टाचार बंद होगा। लेकिन अब बोल रहे हैं 2000 का नोट बंद करने से भ्रष्टाचार ख़त्म होगा। इसलिए हम कहते हैं, पीएम पढ़ा लिखा होना चाहिए। msm