आदित्य-L 1 सूर्य मिशनः अंतरिक्ष यान सफलतापूर्वक PSLV रॉकेट से अलग
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने शनिवार को कहा कि आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से अपने सफल प्रक्षेपण के बाद पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर निकलते ही आदित्य एल1 अंतरिक्ष यान को कवर करने वाला पेलोड अलग हो गया है।
(last modified 2023-09-03T00:23:51+00:00 )
Sep ०३, २०२३ ०५:५३ Asia/Kolkata
  • आदित्य-L 1 सूर्य मिशनः अंतरिक्ष यान सफलतापूर्वक PSLV रॉकेट से अलग

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने शनिवार को कहा कि आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से अपने सफल प्रक्षेपण के बाद पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर निकलते ही आदित्य एल1 अंतरिक्ष यान को कवर करने वाला पेलोड अलग हो गया है।

इसरो के अनुसार आदित्य-एल1 ऑर्बिटर ले जाने वाले पीएसएलवी के पृथक्करण का तीसरा चरण पूरा हो गया है।

यान ने उपग्रह को ठीक उसकी इच्छित कक्षा में स्थापित कर दिया है। एजेंसी ने कहा कि भारत की पहली सौर वेधशाला ने सूर्य-पृथ्वी एल1 बिंदु के गंतव्य तक अपनी यात्रा शुरू कर दी है। कल आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से आदित्य-एल1 ऑर्बिटर ले जाने वाला पीएसएलवी-सी 57.1 रॉकेट ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी।

आदित्य-एल1 मिशन के चार महीने में अवलोकन बिंदु तक पहुंचने की उम्मीद है। इसे लैग्रेंजियन प्वाइंट 1 (या एल1) के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित किया जाएगा जो सूर्य की दिशा में पृथ्वी से 1.5 मिलियन किमी दूर है।

यह सूर्य का विस्तृत अध्ययन करने के लिए सात अलग-अलग पेलोड ले जाएगा जिनमें से चार सूर्य से प्रकाश का निरीक्षण करेंगे और अन्य तीन प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र के इन-सीटू मापदंडों को मापेंगे। mm