अब धर्म के नाम पर ख़ून बहाने वालों से निपटेंगे मदरसे
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मदरसे, आतंकवाद का अड्डा नहीं बल्कि आतंकवाद और कट्टरपंथ के विरुद्ध आवाज़ उठाने के केंद्र हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Aug ०९, २०१६ १५:२९ Asia/Kolkata
  • अब धर्म के नाम पर ख़ून बहाने वालों से निपटेंगे मदरसे

मदरसे, आतंकवाद का अड्डा नहीं बल्कि आतंकवाद और कट्टरपंथ के विरुद्ध आवाज़ उठाने के केंद्र हैं।

भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के बरेली शहर के एक मदरसे ने आतंकवाद के विरुद्ध कोर्स शुरू करने का फ़ैसला किया है। बरेली के मदरसे सुन्नियत जामिया रिज़विया मंज़र-ए-इस्लाम नामक एक मदरसे ने दो साल का ‘एंटी टेरेरिज़्म कोर्स’ शुरू किया है।

 

भारतीय समाचार पत्र हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़ बरेली के इस मदरसे में मुस्लिम विद्वान, छात्रों को बताएंगे कि किस तरह इस्लाम और दूसरे धर्मों के कट्टरपंथी और चरमपंथी लोग अपनी नापाक करतूतों को समाज में फैलाने के लिए अलग अलग धर्मों का चोला पहनकर उसका सहारा लेते हैं।

 

मदरसे का कहना है कि हमारे वाहां आतंकी गुटों की पृष्ठभूमि के बारे में भी बताया जाएगा और साथ ही यह भी बताया जाएगा कि किस तरह आतंकवाद का सहारा लेकर इस्लाम का नाम इस्तेमाल करके पूरी दुनिया में इस्लाम को बदनाम करने की साज़िश रची जा रही है।

 

मदरसे के ज़िम्मेदारों ने बताया कि हम ‘एंटी टेरेरिज़्म कोर्स’ के माध्यम से अपने छात्रों को यह भी बताएंगे कि किस तरह भारत में सक्रिय कुछ संगठन, धर्म के नाम पर निर्दोष लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

 

मदरसा चलाने वाली दरगाह-आला हज़रत संस्था के प्रवक्ता ने बताया कि मदरसों को ‘आतंकवाद की नर्सरी’ बताने वाले कई बयानों के बाद उनके मदरसे ने आतंकवाद विरोधी कोर्स पढ़ाने का फ़ैसला लिया है।

 

इस मदरसे के प्रवक्ता के अनुसार “एंटी टेरेरिज़्म कोर्स” पढ़ाने का एक उद्देश्य यह भी है कि हम अपने छात्रों को बता सकें कि कैसे ‘दुनियाभर में आतंकी अपनी अमानवीय हरकतों को सही ठहराने के लिए धार्मिक ग्रंथों का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कोर्स आतंकियों पर पलटवार है इसलिए हमने मदरसे में पढ़ाये जाने वाले इस कोर्स का नाम ‘एंटी टेरेरिज़्म कोर्स” रखा है। (RZ)