भविष्य में भारत से सार्थक संबंध की आशा हैः पाकिस्तान
भारत में तैनात पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कहा है कि पाकिस्तान भविष्य में भारत से सार्थक और रचनात्मक संबंध की आशा रखता है और उम्मीद है कि दोनों देशों के नेता गंभीरता और परिपक्वता का प्रदर्शन करते हुए वर्तमान संकट से बाहर निकलने की कोशिश करेंगे।
एक साक्षात्कार में अब्दुल बासित ने कहा कि जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र संघ में कहा है कि पाकिस्तान अपने इस संकल्प को दोहराता है कि वह भारत के साथ सामान्य संबंध चाहता है और सभी मुद्दों को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने का इच्छुक है।
अब्दुल बासित ने कहा कि भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी एन आई ए अब भी उड़ी घटना की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हमला कैसे हुआ जिसमें 18 भारतीय सैनिक मारे गए।
अब्दुल बासित ने कहा कि मेरा सुझाव है कि जांच के बिना जल्दबाज़ी में आरोप लगाना लाभदायक नहीं है, सब ने देखा कि पठानकोट घटना के बाद हमने किस तरह सहयोग किया, चीज़ें सार्थक दिशा में आगे बढ़ रही थीं और अगर वही भावना बाक़ी रखी जाए तो मुझे विश्वास है कि स्थिति को और ख़राब होने से रोका जा सकता है।
पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने कहा कि मैं एक कूटनीति हूं और चाहता हूं कि कूटनीति के माध्यम से जीत हो। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी धरती भारत सहित दुनिया के किसी भी हिस्से में आतंकववाद और हिंसा फैलाने के लिए प्रयोग न होने देने के संकल्प पर अडिग है।
अब्दुल बासित ने कहा कि हमारे संबंध सही दिशा में थे, मैं बहुत आशावान था लेकिन 8 जुलाई को हालात बिल्कुल बदल गए और यह वह अवसर था जब वह प्रक्रिया टूट गई हमें उसी प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने के लिए दोनों देशों के कूटनयिकों पर भारी ज़िम्मेदारी है।
भारत को धमकियां देने वाले पाकिस्तानी संगठनों के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में अब्दुल बासित ने कहा कि इस प्रकार के संगठन दोनों देशों में हैं लेकिन हमारी रणनीति इन संगठनों के भावुक भाषणों पर आधारित नहीं होती और मुझे यक़ीन है कि भारत में भी ऐसा नहीं होता।