बीएसएफ में भ्रष्टाचार के खिलाफ मैंने भी आवाज़ उठाई थीः मुरारीलाल
BSF के एक रिटायर इंस्पेक्टर मुरारीलाल ने बताया कि उसने भी राशन में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी जिसके कारण उसे बहुत यातनाएं दी गईं।
उन्होंने कहा कि बाद में साज़िश रचकर उन्हें पागल घोषित किया गया। मुरारीलाल ने कहा कि BSF के सिस्टम में ख़ामियां कोई नई बात नहीं है। उनका कहना है कि BSF सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने वाले जवानों को तरह-तरह की यातनाएं दी जाती हैं। रेवाड़ी के अहरोद गांव निवासी BSF से इंस्पेक्टर पद से रिटायर मुरारीलाल ने बताया की जो तेज बहादुर ने आरोप लगाए हैं वे बिल्कुल सही है।
मुरारीलाल ने भी नौकरी के दौरान जब सिस्टम के खिलाफ़ आवाज़ उठाई तो उसे तरह-तरह की यातनाएं दी गईं और मेंटली डिस्टर्ब घोषित कर दिया गया। उसे परेशान करने के लिए उसके खिलाफ सात केस लगा दिए और बार-बार बदली की जाती रही। रिटायर होने के बाद भी मुरारीलाल BSF के सिस्टम के खिलाफ कोर्ट व पत्राचार के माध्यम से अपनी लड़ाई जारी रखे हुए हैं। मुरारीलाल का मानना है कि तेज बहादुर को भी सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने के जुर्म में BSF के अधिकारी पागल करार दे देंगे और सिस्टम को सुधरने की बजाए उसे ही गलत साबित करने का प्रयास करेंगे।
ज्ञात रहे कि बीएसएफ के खाने के मुद्दे पर आवाज़ उठाने वाले जवान तेजबहादुर यादव के वीडियो के वायरल होने के बाद उसके समर्थन में कुछ पूर्व सैनिक सामने आ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जवान तेज बहादुर के सनसनीखेज खुलासे के बाद भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस बारे में रिपोर्ट तलब की है।