भारत और रूस में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर
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रूस के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री ने राजनैतिक, आर्थिक और सैन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में विस्तार के कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Jun ०३, २०१७ ०७:१६ Asia/Kolkata
  • भारत और रूस में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर

रूस के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री ने राजनैतिक, आर्थिक और सैन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में विस्तार के कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

इतरतास समाचार एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार रूस के राष्ट्रपति विलादीमीर पुतीन ने शुक्रवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कांफ़्रेंस में कहा कि दोनों देश हथियारों के उत्पादन में अपने सहयोग जारी रखने पर सहमत हुए हैं।

उन्होंने बल दिया कि मास्को और नई दिल्ली के बीच सैन्य और रक्षा सहयोग केवल भारत के लिए विभिन्न प्रकार के आधुनिक हथियारों की सप्लाई तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि दूसरे आधुनिकतम हथियारों का उत्पादन भी किया जा रहा है।

भारत और रूस के राष्ट्राध्यक्षों ने इसी प्रकार इस बैठक में मास्को के सहयोग से तीसरे परमाणु बिजली घर के निर्माण पर भी सहमति व्यक्त की है।

विलादीमीर पुतीन ने भारतीय प्रधानमंत्री से अपनी मुलाक़ात को सार्थक और मैत्रीपूर्ण बताया और कहा कि भारत और रूस के राष्ट्राध्यक्षों की वार्षिक बैठक, समस्त क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में विस्तार के मार्गों की समीक्षा के लिए बेहतरीन अवसर है।

दूसरी ओर सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनामिक फोरम (एसपीआईईएफ) में भाषण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मोदी ने आतंकवाद को मानवता का शत्रु बताया और विश्व समुदाय का आह्वान किया कि वह आतंकवाद के खतरे से मुक़ाबले के लिए साथ आए।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि विश्व को अच्छे आतंकवाद और बुरे आतंकवाद की चर्चा से आगे बढ़ना चाहिए तथा आतंकवादियों के वित्तपोषण, हथियारों की आपूर्ति और आतंकवादियों के संचार के तरीकों पर रोक लगानी चाहिए।

उन्होंने एसपीआईईएफ में अपने संबोधन के बाद एक बैठक में कहा कि  आतंकवादी हथियारों का निर्माण नहीं करते लेकिन कुछ देश उन्हें बंदूकों की आपूर्ति करते हैं।

इसी तरह से आतंकवादी मुद्रा नहीं छापते लेकिन कुछ देश धनशोधन के माध्यम से उनका वित्तपोषण सुगम बनाते हैं। आतंकवादियों के पास अपनी संचार प्रणाली या सोशल मीडिया नेटवर्क नहीं होता लेकिन कुछ देश उससे उनकी मदद करते हैं।

नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की उपस्थिति में संयुक्त राष्ट्र संघ पर निशाना साधते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र के समक्ष आतंकवाद और आतंकवादियों की मदद करने वालों को लेकर परिभाषा संबन्धी एक प्रस्ताव 40 साल से लंबित है इसके लिए केवल समर्थन दिखाया गया। कोई चर्चा या कोई निर्णय नहीं हुआ। (AK)