नोटबंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था को बहुत अधिक क्षति पहुंचीः अमरीकी पत्रिका
एक अमरीकी पत्रिका ने लिखा है कि भारतीय प्रधानमंत्री के नोटबंदी के फैसल से भारतीय अर्थव्यवस्था को बहुत ज़्यादा नुक़सान पहुंचा है।
अमेरिका की एक टॉप मैगजीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
इस मैगजीन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नोटबंदी के विघटनकारी प्रयोग की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था में ठहराव आ गया है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि भारत की कैश आधारित अर्थव्यस्था के चलते मोदी के फैसले से भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में सबसे ज्यादा नुक़सान पहुंचा है।
फॉरेन अफेयर्स मैगजीन ने अपने ताजा संस्करण में राइटर जेम्स क्रेबट्री के हवाले से लिखा है कि नोटबंदी ने साबित कर दिया कि ये सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाला एक्सपेरिमेंट था। पत्रिका के अनुसार मोदी प्रशासन को अब अपनी ग़लतियों से सीख लेनी चाहिए।
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि करोड़ों लोगों को 500 और 1000 के नोट बदलने के लिए कैश मशीन और बैंक की लंबी कतारों में लगना पड़ा। इस दौरान ग़रीबों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। भारत की नगदी आधारित अर्थव्यवस्था में कमर्शियल एक्टिविटी ठप्प हो गईं।
उल्लेखनीय है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को भारत में 500 व 1000 के नोट चलन से बाहर करने की घोषणा की थी।