भारत ने रद्द किया इस्राईल से 50 करोड़ डाॅलर का रक्षा सौदा
https://parstoday.ir/hi/news/india-i55299-भारत_ने_रद्द_किया_इस्राईल_से_50_करोड़_डाॅलर_का_रक्षा_सौदा
भारत ने इस्राईली की एक कंपनी के साथ 50 करोड़ डालर के रक्षा सौदे को रद्द कर दिया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ०५, २०१८ १६:४७ Asia/Kolkata

भारत ने इस्राईली की एक कंपनी के साथ 50 करोड़ डालर के रक्षा सौदे को रद्द कर दिया है।

विशेष बात यह है कि नेतनयाहू के भारत दौरे से कुछ ही पहले 50 करोड़ डाॅलर का यह रक्षा समझौता रद्द किया गया है।  नेतनयाहू जनवरी के मध्य में अपनी पहली भारत यात्रा पर आ रहे हैं।  इस्राईल की राफेल एडवांस डिफेंस सिस्टम लिमिटेड के प्रवक्ता ने कहा है कि उनकी कंपनी को भारत की ओर से एक तरफ़ा तरीक़े से स्पाइक समझौते के रद्द किये जाने की सूचना मिली है।   राफेल की ओर से यह कहा गया है कि यह बात ध्यान दिलाए जाने योग्य है कि राफेल की ओर से सभी मांगों पर सहमत होने के बावजूद इस समझौते को रद्द कर दिया गया।  राफेल के बयान में यह कहा गया है कि यह कंपनी रक्षा समझौता रद्द होने के बावजूद भारत के साथ काम करना जारी रखेगी क्योंकि भारत एक महत्वपूर्ण बाज़ार है।

भारत, ज़ायोनी शासन के हथियारों का एक बहुत बड़ा ख़रीदार है।  हालिया कुछ वर्षों के दौरान भारत ने लगभग प्रतिवर्ष इस्राईल से एक अरब डाॅलर के हथियारों की ख़रीदारी की है।विशेष बात यह है कि भारत की ओर से इस्राईल के साथ 50 करोड़ डाॅलर के रक्षा समझौते को निरस्त करने की ख़बर एेसे समय में सार्वजनिक हुई है कि इस्राईल ने हथियारों के निर्यात को अपनी अर्थव्यवस्था में प्रमुखता दे रखी है।  भारत के अधिकारियों का कहना है कि स्पाइक टैंक रोधी मिसाइलों का निर्माण अब देश में ही किया जाएगा।  इससे पहले भारत के रक्षामंत्री की ओर से यह कहा जा चुका है कि देश में रक्षा से संबन्धित हथियारों का लगभग 40 प्रतिशत भाग ही भारत में बनाया जाता है।  भारत सरकार का मानना है कि देश के भीतर की क्षमताओं को मज़बूत करके देश की आवश्यकता के हथियारों को बनाया जा सकता है बल्कि एक दीर्घकालीन योजना के अन्तर्गत हथियारों का निर्यात भी संभव है।  हालांकि जानकारों का कहना है कि भारत की ओर से स्वयं को हथियारों का निर्यातक देश बनाने की स्थिति में क्षेत्र में चिंता बढ़ने के साथ ही कुछ पड़ोसी देशों की ओर से हथियारों की प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।