रूस में मिलेंगे भारत तथा पाकिस्तान के सैनिक
https://parstoday.ir/hi/news/india-i66243-रूस_में_मिलेंगे_भारत_तथा_पाकिस्तान_के_सैनिक
भारत और पाकिस्तान की सेनाएं रूस में आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेने जा रही है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul १५, २०१८ ११:५३ Asia/Kolkata
  • रूस में मिलेंगे भारत तथा पाकिस्तान के सैनिक

भारत और पाकिस्तान की सेनाएं रूस में आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेने जा रही है।

शंघाई सहयोग संगठन, "एससीओ" की तरफ से इस संयुक्त युद्धाभ्यास का आयोजन रूसी शहर चेल्याबिंस्क में किया जा रहा है।

नई दुनिया के अनुसार यह पहली बार है जब भारत और पाकिस्तान की सेनाएं, एससीओ के झंडा तले आतंकवाद विरोधी साझा सैनिक अभ्यास में 22 से 29 अगस्त के बीच भाग लेंगी।  भारत की आजादी के बाद ऐसा पहली बार होगा, जब एक-दूसरे को दुश्मन समझने वाले देशों की सेनाएं आतंकवाद विरोधी साझा सैन्य अभ्यास में अपने सैनिक साथ उतारेंगी।

पीस मिशन-2018 के नाम से आयोजित इस अभ्यास में रूस, पाकिस्तान, चीन, भारत, क़िरक़ीज़िस्तान, उज़बेकिस्तान, ताजिकिस्तान और क़ज़ाक़िस्तान के तीन हजार से अधिक सैनिक भाग लेंगे। इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में भारतीय थलसेना की 5-राजपूत रेजिमेंट के दो सौ सैनिकों को भेजा जाएगा।  साझा अभ्यास में भाग लेने वाली भारतीय सैन्य टुकड़ी की अगुवाई ब्रिगेडियर रैंक के अफसर करेंगे।

आतंकवाद के खिलाफ इस साझा सैन्य अभ्यास की रूपरेखा शंघाई सहयोग संगठन "एससीओ" ने तैयार की है।  ज्ञात रहे कि एससीओ, चीन के प्रभाव वाली एक सुरक्षा संस्था है।

सुत्रों के मुताबिक, यह सैन्य युद्धाभ्यास रूस में चेल्याबिंस्क के उराल पहाड़ों पर आयोजित की जाएगी, इस संयुक्त अभ्यास का मक़सद शांति की स्थापना करना और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के लिए संगठन के आठ देशों के बीच एक-दूसरे का सहयोग करना है।

भारत और पाकिस्तान दोनों देश साल 2005 में इस संगठन के अस्थायी सदस्य बने थे और उन्हें पूर्णकालिक सदस्यता पिछले साल ही मिली है। एससीओ का साझा सैन्य अभ्यास साल में दो बार आयोजित होता है। इस संगठन के दो अन्य भागीदार देश भारत और चीन के सैनिक, पहले भी साझा सैन्य अभ्यास करते रहे हैं।  सितंबर 2018 में इस साल भारत और चीन के सैनिकों के बीच द्विपक्षीय अभ्यास करने की योजना है जिसे बीते साल डोकलाम में तनाव की वजह से रद्द कर दिया गया था।