भारत, अंतर्राष्ट्रीय क़ुरआन मुक़ाबला, एकता का ध्वजवाहक है ईरान
भारत की राजधानी नई दिल्ली में ईरान के वाणिज्य दूतावास में 19वें अंतर्राष्ट्रीय क़ुरआन के मुक़ाबलों का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में क़ारियों और हाफ़िज़े क़ुरआन ने भाग लिया।
इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार नई दिल्ली में ईरान के कल्चरल अटैची अली दहगाही ने गुरुवार को पैग़म्बरे इस्लाम (स) के शुभ जन्म दिवस की बधाई देते हुए कहा कि पवित्र क़ुरआन का मुक़ाबला 19 साल से ईरान के वाणिज्य दूतावास में पैग़म्बरे इस्लाम के जन्म दिन के उपलक्ष्य में आयोजित हो रहा है।
उनका कहना था कि इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद से ही इस्लाम धर्म के सभी मत को एक मंच पर लाने और इस्लामी मतों के बीच एकता और भाईचारा पैदा करना, ईरान की मुख्य नीति है जिसे इस्लामी क्रांति के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी ने पेश किया था और यह नीति इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद से चालीस साल से हमेशा से ईरान की मुख्य नीति बनी हुई है और ईरान मुसलमानों के बीच एकता और भाई चारे पैदा करने का प्रयास कर रहा है।
नई दिल्ली स्थित ईरान के वाणिज्य दूतावास में क़ुरआन का अंतर्राष्ट्रीय मुक़ाबला आयोजित हुआ जिसमें 250 से अधिक क़ारियों और हाफ़िज़े क़ुरआन ने भाग लिया।
ईरान में 12 से 17 रबीउल अव्वल के बीच एकता सप्ताह मनाया जाता है। इसे एकता सप्ताह का नाम स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने इसलिए दिया था क्योंकि सुन्नी मुसलमान, पैग़म्बरे इस्लाम (स) के जन्मदिन को 12 रबीउल अव्वल मानते हैं जबकि शिया मुसलमान इसे 17 रबीउल अव्वल मानते हैं। प्रतिवर्ष रबीउल अव्वल की 12 से 17 रबीउल अव्वल को बड़े उत्साह से यह मनाया जाता है। (AK)