भारत ने अमेरिका को फिर दिया झटका, ईरान को दी बड़ी राहत
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ईरान से तेल आयात को लेकर भारत ने एक महत्वपूर्ण फ़ैसला लिया है। भारत ने ईरान को रुपये में होने वाले भुगतान को विदहोल्डिंग टैक्स से छूट दे दी है। इस निर्णय के बाद अब भारतीय कंपनियों द्वारा 1.5 अरब डॉलर के पेमेंट का सेटलमेंट हो पाएगा।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ०१, २०१९ ११:३० Asia/Kolkata
  • भारत ने अमेरिका को फिर दिया झटका, ईरान को दी बड़ी राहत

ईरान से तेल आयात को लेकर भारत ने एक महत्वपूर्ण फ़ैसला लिया है। भारत ने ईरान को रुपये में होने वाले भुगतान को विदहोल्डिंग टैक्स से छूट दे दी है। इस निर्णय के बाद अब भारतीय कंपनियों द्वारा 1.5 अरब डॉलर के पेमेंट का सेटलमेंट हो पाएगा।

भारतीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक़ अमेरिका द्वारा इस्लामी गणतंत्र ईरान पर लगाए गए एकपक्षीय अत्याचारपूर्ण प्रतिबंधों के बीच नई दिल्ली सरकार की ओर से विदहोल्डिंग टैक्स में छूट ईरान के लिए भारत द्वारा दी जाने वाली एक बड़ी राहत माना जा रहा है। भारतीय वित्त मंत्रायल ने नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी (NIOC) को रुपये में हुए भुगतान में भारी-भरकम विदहोल्डिंग टैक्स से मुक्त कर दिया है। रोएटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यह राहत 28 दिसंबर को दी गई है लेकिन 5 नवंबर से ही प्रभावी मानी जाएगी। 

भारत द्वारा किए गए इस फ़ैसले के बाद अब भारतीय रिफाइनरियां, नैशनल ईरानियन ऑयल कंपनी (NIOC)  के साथ लंबित 1.5 अरब डॉलर के पेमेंट का सेटलमेंट कर जल्द ही कर पाएंगी। अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए एकपक्षीय प्रतिबंधों के बाद ईरान और भारत ने 2 नवंबर को एक समझौता किया था, जिसके अंतर्गत दोनों देशों ने अपने तेल व्यापार के भुगतान को रुपये में भारत के सरकारी यूको बैंक के माध्यम से करने का फ़ैसला किया था।  हालांकि किसी भी विदेशी कंपनी को भारतीय बैंकों में जमा अपनी आय पर भारी टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। 40 प्रतिशत विदहोल्डिंग टैक्स के अलावा अन्य चार्ज मिलाकर यह 42.5 फ़ीसदी बैठता है। अब भारत ने ईरान को विदहोल्डिंग टैक्स से मुक्त कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि चीन के बाद भारत ईरान के तेल का दूसरा सबसे बड़ा ग्राहक है। अमेरिकी प्रतिबंध प्रभावी होने के बाद से ही भारत ने ईरान को रुपये में भुगतान देना शुरू कर दिया था। भारतीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के जॉइंट सेक्रटरी संजय सुधीर का कहना है कि इस नए बदलाव के बाद भारतीय रिफ़ाइनरियों को भुगतान में आने वाली बाधाओं से राहत मिलेगी। ईरान के तेल की सबसे बड़ी भारतीय खरीदार कंपनी इंडियन ऑइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनकी कंपनी ईरान को 2019 के आरंभ से भुगतान शुरू कर देगी। (RZ)