विभिन्न मामलों में ईरान-भारत की एक नीति
भारत दौरे पर गए विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने अपनी भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज से नई दिल्ली में मुलाक़ात के बाद कहा कि दोनों देशों के दृष्टिकोण बहुत से मामलों में समन्वित व एक जैसे हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह की बातचीत व विचारों का आदान प्रदान तेहरान-नई दिल्ली के लिए बहुत ज़रूरी है।
ईरान के कूटनीति तंत्र के प्रमुख जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि इस भेंट में जेसीपीओए की अहमियत और ईरान के इस समझौते में वर्णित अपने हितों की प्राप्ति पर बल दिया गया और ईरान ने भी बताया कि परमाणु मामले में हालिया कार्यवाही जेसीपीओए के परिप्रेक्ष्य में की गयी है।
उन्होंने क्षेत्र की कुछ घटनाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईरान ने अमरीकी सरकार में अतिवादी लोगों की विध्वसंक गतिविधियों का पहले ही अंदाज़ा कर लिया था और ये लोग क्षेत्र में किसी न किसी तरह से तनाव पैदा करने की कोशिश में हैं।
ईरानी विदेश मंत्री ने ऊर्जा, चाबहार बंदरगाह, अफ़ग़ानिस्तान के हालात और द्विपक्षीय संबंध को अपनी भारतीय समकक्ष के साथ बैठक के विषय बताए और कहा कि इस बैठक में दोनों पक्षों ने आपसी लेन-देन का दायरा बढ़ाने पर बल दिया।
दूसरी ओर विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने न्यूज़ एजेंसी एनआईए से इंटरव्यू में इस बात का उल्लेख करते हुए कि ईरान ने हमेशा अपनी रक्षा की है, कहा कि अमरीका बिना किसी वजह के ईरान के साथ तनाव बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि अमरीका ने अनावश्यक रूप से तनाव बढ़ाया है। ईरान तनाव नहीं चाहता लेकिन अपनी रक्षा के लिए तय्यार है।(MAQ/N)