कश्मीर पर कोई भी वार्ता केवल पाकिस्तान के साथ होगी: जयशंकर
भारत ने कश्मीर मामले में अमरीकी मध्यस्थता का पुनः विरोध किया है।
भारत के विदेशमंत्री ने स्पष्ट किया है कि कश्मीर के मुद्दे पर यदि वार्ता की आवश्यकता हुई तो वह केवल पाकिस्तान के साथ ही होगी। कश्मीर मामले पर मध्यस्थता की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पेशकश के बाद भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने अमेरिकी समकक्ष माइक पोम्पिओ को शुक्रवार को यह स्पष्ट किया कि यदि कश्मीर पर किसी वार्ता की आवश्यकता हुई तो वह केवल पाकिस्तान के साथ होगी और द्विपक्षीय ही होगी। पीटीआई के अनुसार भारत के विदेशमंत्री जयशंकर ने ट्वीट किया कि अमेरिका के विदेश मंत्री पोम्पिओ से क्षेत्रीय मामलों पर विस्तृत वार्ता हुई। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि अमेरिकी समकक्ष पोम्पिओ को स्पष्ट रूप से यह बता दिया गया कि यदि कश्मीर पर किसी वार्ता की आवश्यकता हुई तो वह केवल पाकिस्तान के साथ होगी और यह वार्ता, द्विपक्षीय ही होगी।
ज्ञात रहे कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने जब व्हाइट हाउस में पहली बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से पिछले महीने मुलाकात की थी तब उन्होंने कश्मीर मामले पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की थी। भारत सरकार ने ट्रम्प के इस दावे को खारिज कर दिया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे इस मामले पर मध्यस्थता करने को कहा था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि वह तैयार हैं और कश्मीर मामले पर अमेरिका के इस कदम का स्वागत करते हैं।