कश्मीर भारत का आंतरिक मामला हैः राजनाथ सिंह
भारत के रक्षा मंत्री ने एक बार भारत प्रशासित कश्मीर के संबंध में अपनी सरकार के रुख को दोहराते हुए कहा है कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है।
प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर से टेलीफ़ोन पर बातचीत की। राजनाथ सिंह ने मार्क एस्पर को अमेरिका का नया रक्षा मंत्री बनने पर बधाई दी। भारत के रक्षा मंत्री ने अपने अमेरिकी समकक्ष के टेलीफ़ोनी वार्ता में यह दावा किया कि भारत की मोदी सरकार द्वारा कश्मीर से धारा 370 समाप्त किए जाने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के साथ-साथ क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी बेहतर होगी। राजनाथ ने अमेरिकी समकक्ष मार्क से कहा कि धारा 370 से संबंधित मुद्दा भारत का आंतरिक मामला है, जिसका उद्देश्य जम्मू और कश्मीर के लोगों का आर्थिक विकास और लोकतंत्र में सुधार करना है।
इस बीच भारतीय मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिकी रक्षा मंत्री ने राजनाथ सिंह से सहमति जताई और कश्मीर को भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मामला बताया। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान को कश्मीर से जुड़े मुद्दों का समाधान आपसी बातचीत से हल करना चाहिए। दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच में रक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग, साझेदारी पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने रक्षा क्षेत्र में सैन्य बलों के बीच में आपसी सहयोग बढ़ाने, रक्षा नीति, रक्षा तकनीति, रक्षा क्षेत्र में शोध और अनुसंधान, प्रोद्यौगिकी क्षेत्र में सहयोग पर बात की।
इससे पहले भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के साथ सोमवार को टेलीफोन पर बातचीत की थी। दोनों के बीच कश्मीर और पाकिस्तान सहित द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मामलों को लेकर बात हुई थी। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने और इसे केंद्रशासित राज्य बनाने के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली बार बातचीत हुई थी।
ज्ञात रहे कि 5 अगस्त को भारत की मोदी सरकार ने इस देश के नियंत्रण वाले कश्मीर को मिला विशेष दर्जा धारा 370 और आर्टिकल 35-ए के समाप्त किए जाने का एलान किया था। कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद मोदी सरकार ने आम लोगों के विरोध को रोकने के लिए पूरे घाटी में कर्फ्यू लगा रखा है और साथ ही टेलीफोन एवं इंटरनेट सुविधाएं भी ठप पड़ी हुईं हैं। (RZ)