कश्मीर में तैनात की जाएगी रोबोट आर्मीः भारत
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भारतीय सेना ने कश्मीर घाटी में आतंक के समूल नाश के लिए अपनी "रोबो आर्मी" को उतारने की तैयारी कर ली है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov १७, २०१९ ०७:२४ Asia/Kolkata
  • कश्मीर में तैनात की जाएगी रोबोट आर्मीः भारत

भारतीय सेना ने कश्मीर घाटी में आतंक के समूल नाश के लिए अपनी "रोबो आर्मी" को उतारने की तैयारी कर ली है।

भारतीय सेना के अधिकारियों के अनुसार यह रोबोट, आतंकियों के गुप्त ठिकाने में घुसकर न केवल उनकी सही स्थिति बताएंगे बल्कि उन्हें तबाह करने में भी सक्षम होंगे।  विशेष बात यह है कि रोबो आर्मी को इसी माह के अंत तक कश्मीर में उतार दिया जाएगा।

जागरण के अनुसार यह रोबोट आतंक प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय सेना की आतंकरोधी यूनिट और सुरक्षाबलों के लिए सहायक सिद्ध होंगे। इसके साथ ही इन रोबोट की तैनाती के साथ ही सेना को पूरी तरह से हाईटेक बनाने के कार्य में भी गति आ जाएगी। बताया जा रहा है कि दुश्मन की घुसपैठ को विफल बनाने में यह रोबोट काफी कारगर सिद्ध होंगे।  संबधित अधिकारियों ने बताया की सेना को बदलते परिवेश की आवश्यक्ताओं के अनुरूप अत्याधुनिक बनाने का प्रयास चल रहा है। इसी के अन्तर्गत भारतीय रक्षा मंत्रालय पहले चरण में 550 रोबोटिक्स सर्वेलांस यूनिट खरीद रहा है और इन्हें जल्द सेना को सौंपने की तैयारी है। संबधित अधिकारियों ने बताया कि यह रोबोट किसी भी आतंकरोधी अभियान के दौरान आतंकियों पर हमला भी करने में सहायक होंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में सुरक्षा बलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती उनकी सही संख्या और उनके पास उपलब्ध हथियारों की पूरी जानकारी लेने की होती है। यह रोबोट ऑपरेशन के दौरान किसी भी मकान या अन्य आतंकी ठिकाने में आसानी से घुसकर वहां की गतिविधियों का पूरा ब्योरा लेने में सक्षम होगा। इसके अलावा वीडियोग्राफी के माध्यम से आतंकियों की सही लोकेशन पता करने में भी मदद करेगा। प्रत्येक यूनिट में एक लांचिंग सिंस्टम, एक ट्रांसमिशन सिस्टम और दिन-रात तस्वीरें लेने में समर्थ एचडी कैमरा भी होगा। यह रोबोट किसी भी मकान या इमारत से करीब 200 मीटर की दूरी तक स्पष्ट वीडियो फुटेज भी भेज सकते हैं।  यह रोबोट, नियंत्रण रेखा पर निगरानी और फिर उसके आसपास ऐसी किसी जगह पर छानबीन कर सकते हैं जहां घुसपैठियों के दस्तों के छिपे होने की आशंका हो।  बताया गया है कि रोबोटिक्स सर्वेलांस यूनिट को संचालित करने के लिए सैन्याधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाना है। सेना की प्रत्येक बटालियन में सात से आठ अधिकारियों व जवानों को इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सेना अधिकारियों ने बताया कि अगले चरण में सेना दुश्मन के घर में घुसकर मार करने में सक्षम आरसीवी अर्थात रोबोटिक युद्धक वाहन खरीदने पर भी विचार कर रही है। रिमोट से संचालित होने वाले युद्धक वाहन, भारतीय सेना की ताकत को और आधार देंगे। लक्ष्य है कि 2030 तक भारतीय सेना को दुनिया की सबसे घातक व समर्थ सेना बनाया जाए।  यह रोबोट करीब 25 साल तक सेवा में उपलब्ध रहेंगे। सबसे पहले इन्हें जम्मू कश्मीर के आतंक प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। ये आतंकरोधी अभियानों में सुरक्षाबलों को होने वाले नुकसान से भी बचाएंगे। यह रोबोट, जवाबी कार्रवाही के लिए 360 डिग्री घूमकर भी निशाना बना सकते हैं।  इसके अलावा किसी जगह विशेष की वीडियोग्राफी करके वहां के हालात के बारे में तुरंत अपडेट करने की दक्षता भी इसमें है। यह रोबोट सीढ़ी चढ़ने, बम धमाकों व गोलाबारी के दौरान लगने वाले झटकों को सहने में पूरी तरह से समर्थ है।  बताया जा रहा है कि यह लड़ाकू रोबोट, पानी के नीचे 20 मीटर की गहराई तक भी काम कर सकते हैं। पानी के भीतर से ही यह ग्रेनेड को निर्धारित लक्ष्य पर दाग कर वहां से तुरंत लौट सकते हैं।