चांद पर निर्माण के लिए भारतीय वैज्ञानिकों का अनोखा अविष्कार
भारतीय वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने चांद की सतह से मिलती जुलती सामग्री से विशेष ईंटों का निर्माण किया है।
भारतीय विज्ञान संस्थान (IIS) ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ मिलकर स्पेस ब्रिक्स या "अंतरिक्ष ईंटों" का निर्माण किया है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इन ईंटों का निर्माण नासा द्वारा चांद से लाए गए नमूनों के आधार पर किया गया है।
उनका यह भी कहना है कि इस उद्धृत आविष्कार से चांद पर भविष्य की निर्माण परियोजनाओं में मदद मिलेगी।
शोधकर्ताओं का कहना है कि इन ईंटों को "चांद की सतह पर मौजूद मिट्टी के जैसी सामग्री" से बनाया गया है, जो नासा के अपोलो मिशन द्वारा लाए गए नमूनों से 99.6 प्रतिशत तक मेल खाती हैं।
यह इस बात का संकेत है कि भारत, चंद्रमा के रहस्यों से पर्दा उठाने की दौड़ में शामिल होना चाहता है।
जनवरी की शुरुआत में भारतीय अंतरिक्ष मिशन ने कहा था कि वह 2020 में चांद पर अपना तीसरा मिशन भेजेगा।
भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रमों में से एक गगनयान मानव मिशन है। उसे आशा है कि 2022 तक इस मिशन को लॉन्च किया जा सकता है। ISRO ने इस मिशन के लिए पहले से ही 4 सदस्यों का चयन कर लिया है, जिन्हें प्रशिक्षण के लिए रूस भेजा जाएगा। msm