-
दस तस्वीरें, दस घटनाएँ | जमकरान मस्जिद में 15 शाबान की रात से लेकर जापान में भारी हिमपात तक
Feb ०५, २०२६ १९:१२पार्स टुडे- विश्व मीडिया की नज़र में दस महत्वपूर्ण घटनाएँ
-
इराक़ची की कड़ी आलोचना: जर्मनी यूरोप की प्रगति का इंजन बनने के बजाय पीछे हटने का इंजन बन गया है
Feb ०५, २०२६ १८:२३पार्स टुडे- ईरान के विदेश मंत्री ने जर्मनी के चांसलर के ईरान संबंधी रुख को अपरिपक्व और अविकसित बताया और कहा कि ईरान हमेशा जर्मनी के साथ मज़बूत और रचनात्मक संबंध चाहता रहा है।
-
मामोस्ता रुस्तमी: इस्लामी क्रांति रक्षक कोर सेपाह पासदारान ईरान की सुरक्षा की कमरबंद है / लेबनान की एकता संघ के अध्यक्ष: एकता इस्लामी उम्मत की स्थिरता की गारंटी है
Feb ०५, २०२६ १७:३४पार्स टुडे- इस्लामी संप्रदायों को एक दूसरे से निकट करने वाली विश्व असेंबली के सदस्य मामोस्ता फ़ायक़ रुस्तमी ने इस्लामी क्रांति रक्षक कोर सेपाह पासदारान को आतंकवादी घोषित करने की यूरोपीय संघ की कार्रवाई को मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों से परे बताया।
-
अमेरिका ईरान से क्यों हार रहा है?
Feb ०४, २०२६ १५:३२पार्स टुडे – ईरान के खिलाफ वाशिंगटन की नई धमकियों के बीच, अमेरिकी रक्षा विभाग के विश्लेषणों से संकेत मिलता है कि "सेना के अत्यधिक विस्तार", "लॉजिस्टिक सीमाएँ" और "एक साथ कई वैश्विक मोर्चों पर ध्यान केंद्रित करने" के कारण देश के पास ईरान के साथ बड़े पैमाने के संघर्ष की क्षमता नहीं है, और कोई भी सैन्य कार्रवाई वाशिंगटन की वैश्विक सामरिक स्थिति को कमजोर कर सकती है।
-
ख़बर/ ईरान के 20 से अधिक परमाणु उपलब्धियों का अनावरण / लिबरमैन: नेतन्याहू ट्रंप का आज्ञाकारी पालतू कुत्ता है
Feb ०४, २०२६ १४:३६पार्स टुडे - इस्लामी क्रांति की सफलता की वर्षगाँठ के अवसर पर "फज्र दशक" के दौरान, चिकित्सा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और उद्योग के क्षेत्रों में 20 से अधिक उपलब्धियों का अनावरण किया जाएगा।
-
ईरानी मीडिया/ श्री बकाई: वार्ता की योजना बनाई गई / बुरूजेर्दी: अमेरिकी धमकियाँ मनोवैज्ञानिक युद्ध हैं
Feb ०४, २०२६ १३:२२पार्स टुडे - ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा: ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता करने की योजना अगले कुछ दिनों में बनाई गई है।
-
अमेरिकी वर्चस्व के पतन के चौदह पड़ाव, वाशिंगटन की ईरान के साथ पांच दशक की टक्कर की दास्तान
Feb ०३, २०२६ १८:३२पार्स टुडे – पिछले पांच दशकों की ऐतिहासिक घटनाओं पर नजर डालने से पता चलता है कि अमेरिका उस दौर से, जब वह क्रांति-पूर्व ईरान को "स्थिरता का द्वीप" कहता था, आज उस मुकाम पर पहुँच गया है जहाँ उसके सैन्य कमांडर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को एक रणनीतिक खतरा बता रहे हैं, यह वह रास्ता है जिसमें तेहरान ने बार-बार वाशिंगटन की कठिन और नरम सत्ता के समीकरणों को उलट-पलट दिया है।
-
अमेरिका ईरान के प्रति वार्ता और धमकी की दोहरी नीति क्यों अपनाता है?
Feb ०३, २०२६ १७:५७अमेरिका चाहता है कि ईरान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव रहे ताकि उसके परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय रणनीतियों पर नियंत्रण संभव हो।
-
वॉशिंग्टन पोस्ट: ईरान में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता है
Feb ०२, २०२६ १८:१९पार्स टुडे – वॉशिंग्टन पोस्ट अख़बार ने वॉशिंगटन के सहयोगी देशों के सुरक्षा आकलनों का हवाला देते हुए ज़ोर दिया है कि ईरान अब भी प्रभावी मिसाइल क्षमता रखता है और क्षेत्र में अमेरिका के सैन्य हितों को जिनमें 10 से अधिक सैन्य अड्डे और इस देश के हज़ारों सैनिक शामिल हैं, निशाना बनाने में सक्षम है।
-
ग़ाज़ा में हो रहे नरसंहार को रोकने के लिए ईरान की अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कार्रवाई की अपील
Feb ०२, २०२६ १६:३६पार्स टुडे – ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ग़ाज़ा पट्टी में हो रहे नरसंहार को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कार्रवाई की मांग की।