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दाइश, अलक़ायदा और अन्य आतंकवादी गुटों का असली चेहरा आया सामने, केवल मुसलमानों के नरसंहार की योजना का नाम है इस्लामी आतंकवाद!
Oct २५, २०२३ ११:२९पिछले कुछ दशकों से पूरी दुनिया में आतंकवाद की ऐसी लहर चली कि हर कोई उससे ख़ुद को प्रभावित होता हुआ देख रहा था। वहीं ख़ास बात यह थी कि इस आतंकवाद के साथ इस्लाम का शब्द भी जोड़ दिया गया था। देखते ही देखते अंतर्राष्ट्रीय मंच पर इस्लामी आतंकवाद को लेकर चर्चा होने लगी। इसका असर यह हुआ कि विश्वभर में लोग मुसलमानों को आतंकी के तौर पर देखने लगे। लेकिन इस आतंकवाद ने अगर सबसे ज़्यादा किसी को नुक़सान पहुंचाया तो वह कोई और नहीं बल्कि मुसलमान और इस्लामी देश ही हैं।
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अकेले दौड़कर पहले स्थान पर आना चाहती हैं आजकल की सरकारें! लोकतंत्र का दावा करने वाले केवल सरकारी तंत्र के हैं सहारे
Oct १७, २०२३ १६:०९आजकल अगर पूरी दुनिया पर नज़र डाली जाए तो शायद ही कुछ देश ही मिलेंगे कि जहां सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था से चल रही है। नहीं तो ज़्यादातर देशों और राज्यों की स्थिति देखने से पता चलता है कि वहां की सरकारें केवल और केवल सरकारी तंत्र और बल के सहारे ही अपना काम कर रही होती हैं। उदाहरण के तौर पर देश का संविधान यह कहता है कि अगर कोई शांति के साथ अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन करना चाहता है तो उसको इस बात की पूरी आज़ादी होगी। लेकिन ज़मीन पर बिल्कुल ऐसा नहीं है।
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फ़िलिस्तीन अभी ज़िन्दा है, अलअक़्सा तूफ़ान ने बहुत सारी तस्वीरों को किया साफ़, एक झटके में नेतन्याहू का सपना हुआ चकनाचूर!
Oct १७, २०२३ १३:२४एक ओर 75 वर्षों से फ़िलिस्तीनी जनता का ख़ून बहाने वाला अवैध आतंकी शासन इस्राईल है और दूसरी ओर सात दशक पहले दर-दर भटक रहे यहूदियों को सिर छिपाने के लिए अपनी जगह देने वाले दयालु, बाहदुर, धैर्यवान और इस समय दुनिया की सबसे पीड़ित फ़िलिस्तीनी जनता है। हंसी के साथ-साथ शर्म आती है उन नेताओं, पत्रकारों और संस्थाओं पर जो फ़िलिस्तीन के संघर्षकर्ताओं को आतंकवादी और इस्राईली आतंकियों को आत्मरक्षा करने वाले सिपाही बता रहे हैं।
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आतंकवाद से मुक़ाबले के नाम पर आतंक के सबसे बड़े समर्थक बने अमेरिका और यूरोपीय देश! हमास और इस्राईल युद्ध में बिकाऊ मीडिया की भी खुली पोल
Oct १६, २०२३ १५:३३हमास और इस्राईल के बीच भयानक युद्ध चल रहा है। इस युद्ध के नुक़सान का अंदाज़ा भी नहीं लगाया जा सकता। नुक़सान दोनों तरफ हो रहा है। फ़र्क़ सिर्फ इतना है कि इस्राईल के पास नवीनतम हथियार, लाखों प्रशिक्षित सैनिक, एक रक्षा प्रणाली के साथ-साथ विश्व शक्तियां उसका समर्थन कर रही हैं। दूसरी तरफ, केवल हमास है, जिसके पास हज़ारों सैनिक हैं। कोई नई तकनीक नहीं, कोई नए हथियार नहीं, कोई रक्षा प्रणाली नहीं।
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राष्ट्र संघ को भंग कर देना ही बेहतर, फ़िलिस्तीनियों के नरसंहार पर बेबस अंतर्राष्ट्रीय संगठन, ग़ाज़ा में 2200 से अधिक मौतें
Oct १४, २०२३ १४:५३इस समय इस्राईल जिस प्रकार गाज़ा पर पाश्विक हमले कर रहा है और फ़िलिस्तीनियों को नरसंहार कर रहा है उससे यह बात साफ़ हो गई है कि क्योंकि उसको अमेरिका का समर्थन हासिल है इसलिए संयुक्त राष्ट्र संघ केवल खेद प्रकट करने के अलावा कुछ भी नहीं कर पा रहा है।
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हसन नसरुल्लाह के बयान से इस्राईल में मची खलबली, हम पूरी तरह तैयार हैं!
Oct १४, २०२३ ११:५४हिज़्बुल्लाह महासचिव ने इस्लामी गणराज्य ईरान के विदेश मंत्री के साथ मुलाक़ात में स्पष्ट रूप से यह कहा है कि हम पूरी तरह तैयार हैं और सारे विकल्प मेज़ पर मौजूद हैं।
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पूरे भारत में फ़िलिस्तीन के समर्थन में रैलियां, इस्राईल और अमेरिका मुर्दाबाद के नारों से गूंजा गांधी का देश+ वीडियो
Oct १३, २०२३ १४:०५इस समय इस्राईल अमेरिका के साथ मिलकर फ़िलिस्तीन की जनता का नरसंहार कर रहा है। वहीं यूरोपीय देश भी आतंकी ज़ायोनी शासन के समर्थन में खड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। जबकि दुनिया भर के न्याय प्रेमी लोग फ़िलिस्तीनी राष्ट्र का समर्थन कर रहे हैं। इस बीच शुक्रवार को भारत समेत पूरी दुनिया में लाखों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और मज़लूम फ़िलिस्तीनी जनता के समर्थन में नारे लगाए।
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आयतुल्लाह शेख़ ज़कज़की का ईरान में हुआ ज़ोरदार स्वागत, इमाम मेहदी (अ) के ज़हूर को लेकर कही बड़ी बात+ वीडियो
Oct ११, २०२३ १४:१९नाइजीरिया के इस्लामी आंदोलन के प्रमुख अयातुल्लाह शेख़ इब्राहीम ज़कज़की और उनकी पत्नी को लेकर एक विमान बुधवार सुबह इमाम ख़ुमैनी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। जहां उनका ज़ोरदार स्वागत हुआ।
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ईरानी राष्ट्रपति ने एक बार फिर पवित्र क़ुरआन का अनादर करने वालों को लिया आड़े हाथों, इस्लामी देशों के राष्ट्राध्यक्षों की दिया संदेश
Oct ०३, २०२३ ०६:१५इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति पैग़म्बरे इस्लाम (स) के शुभ जन्म दिवस के अवसर और एकता सप्ताह के उपलक्ष्य पर इस्लामी देशों के राष्ट्राध्यक्षों और जनता को मुबारकबाद दी है।
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ईरान के ख़िलाफ़ उसके दो पड़ोसी देशों की भयानक योजना! तेहरान ने कहा हमारी सेना किसी भी स्थिति से मुक़ाबले के लिए पूरी तरह तैयार!
Sep ३०, २०२३ १५:३०काकेशस एक रणनीतिक क्षेत्र है, जो कैस्पियन सागर के पश्चिम और काला सागर के पूर्व के बीच स्थित है, इसके उत्तर पश्चिम में ईरान और उत्तर में रूसी संघ की सीमा है, यह एक असहज और संवेदनशील क्षेत्र है जो युद्ध की शुरुआत के बाद से अस्थिर बना हुआ है। नवंबर 2020 में आज़रबाइजान गणराज्य और आर्मेनिया के बीच हुए दूसरे युद्ध से यह और अस्थिर बना हुआ है।