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क्या हालिया जंग ने अमरीका और इस्राईल के इस ख़ौफ़ को साकार कर दिया कि हमास दूसरा हिज़्बुल्लाह बन गया है? हिज़्बुल्लाह एक स्कूल हैं जहां इस्राईल को शिकस्त देने का तरीक़ा सिखाया जाता है!
May २४, २०२१ १६:१३इस्राईलियों की इस समय पूरी कोशिश यही है कि किसी तरह ग़ज़्ज़ा युद्ध में मिलने वाली शर्मनाक हार पर पर्दा पड़ जाए। इसी चक्कर में वह फिर से मस्जिदुल अक़सा पर हमले कर रहे हैं, बैतुल मुक़द्दस में शैख़ जर्राह मुहल्ले के फ़िलिस्तीनियों को निशाना बना रहे हैं। यह हक़ीक़त में आग से खेलने की कोशिश है जिसके बेहद ख़तरनाक परिणाम हो सकते हैं।
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कॉर्नेट मिसाइलों को गज़्ज़ा तक पहुंचाने में शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी की क्या थी भूमिका? पूरी कहानी हिज़्बुल्लाह महासचिव सैयद नसरुल्लाह की ज़बानी
May २४, २०२१ ०५:३१12 दिनों के युद्ध के दौरान गज़्ज़ा पर इस्राईल के ज़मीनी हमले को रोकने में कॉर्नेट एंटी टैंक मिसाइल सिस्टम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए दुश्मन और उसके समर्थक इस बात पर अध्धयन कर रहे हैं कि कॉर्नेट मिसाइलें गज़्ज़ा तक कैसे पहुंचीं और किसने इसे पहुंचाने में सबसे अहम भूमिका निभाई है।
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ज़मीन के नीचे बिछा है सुरंगों का मज़बूत जाल, फ़िलिस्तीनी संगठनों ने इस तरह बनाए अभेद्य मोर्चे जहां नाकारा हो गए शक्तिशाली इस्राईली बम
May २३, २०२१ १६:१६इस्राईली सेना में इतिहास विभाग के पूर्व प्रमुख शाओल शाय ने सुरंगों के संकट के बारे में बात की है और उनका कहना है कि यह विषय फ़िलिस्तीनी संगठनों से भविष्य की किसी भी जंग में इस्राईल के सामने बहुत बड़ा संकट बन जाएगा।
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जंगबंदी के एलान के बाद ग़ज़्ज़ा में फ़तह का जश्न, इस्राईल में भारी सन्नाटा...हमास की उपलब्धियां गिनने लगे इस्राईली, नेतनयाहू भीषण अंदरूनी हमलों के निशाने पर
May २१, २०२१ १३:३४इस्राईल और फ़िलिस्तीनियों के बीच युद्ध विराम लागू हो चुका है जिसके बाद ग़ज़्ज़ा में तो विजय का जश्न मनाया जा रहा है लेकिन इस्राईल में बोझिल सन्नाटा छाया हुआ है।
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दक्षिणी लेबनान से इस्राईली इलाक़ों पर चार मिसाइलों से हमला क्या इस्राईल को घेरने की तैयारी है? ईरान ने एलान क्यों कर दिया कि वह फ़िलिस्तीनियों की मदद कर रहा है?
May २०, २०२१ १४:५०दक्षिणी लेबनान में बड़ी गहमागहमी है। वहां स्थित फ़िलिस्तीनी संगठन ग़ज़्ज़ा और वेस्ट बैंक में अपने भाइयों के समर्थन में मिसाइल फ़ायर कर रहे हैं। बुधवार को हैफ़ा और अका पर दक्षिणी लेबनान से चार मिसाइल फ़ायर किए जाने का यही एक तर्क हमारी समझ में आता है।
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कोरोना से मौतों का आंकड़ा जैसे जैसे बढ़ रहा है, पीएम मोदी की लोकप्रियता तेज़ी से गिरती जा रही है!
May १९, २०२१ १२:२५भारत में कोरोना वायरस की महामारी ने वह हालात पैदा कर दिए हैं जिसका अनुमान या आशंका दुनिया के वैज्ञानिकों को पहले से ही थी, अब यह अलग बात है कि भारत की सरकार इस आशंका को नकारने और बेबुनियाद बताने पर तुली हुई थी।
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भारत के कट्टरपंथी, ग़ज़्ज़ा पर वहशियाना इस्राईली बमबारी का समर्थन क्यों करते हैं? अलजज़ीरा का जायज़ा
May १८, २०२१ १३:५९अवैध क़ब्ज़े वाले पूर्वी बैतुल मुक़द्दस में इस्राईल ने जो दमनकारी कार्यवाहियां कीं और इसके बाद ग़ज़्ज़ा पट्टी पर जो बमबारी की उसकी भर्त्सना पूरी दुनिया में की गई, मगर इस दमनकारी कार्यवाही को भारत में सरकार समर्थक धड़े की ओर से भरपूर समर्थन मिला। लोगों ने फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ इस्राईल की नीतियों को आत्म रक्षा का नाम दिया और इसका समर्थन किया।
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फ़िलिस्तीनियों के एक राकेट को हवा में ध्वस्त करने के लिए दसियों हज़ार डालर के मिसाइल इस्तेमाल कर रहा है इस्राईल, युद्ध चलता रहा तो आर्थिक बोझ से झुक जाएगी कमर
May १७, २०२१ १५:११इस्राईली सेना ने कहा है कि सात दिन की लड़ाई में फ़िलिस्तीन के हमास और जेहादे इस्लामी संगठनों ने 3100 मिसाइल ग़ज़्ज़ा पट्टी से इस्राईली इलाक़ों पर फ़ायर किए हैं।
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जार्डन की सीमा से इस्राईली इलाक़ों में घुस गए दो जवान मंज़िल थी क़ुद्स, इस्राईली सुरक्षा व इंटैलीजेन्स एजेंसियों की छवि को भारी धचका, क्या जार्डन का मोर्चा भी गर्मा रहा है?
May १७, २०२१ १२:४६दुनिया भर में अलग अलग नागरिकता वाले हज़ारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर निकले और उन्होंने फ़िलिस्तीनी संगठनों के मिसाइलों का समर्थन किया, इस्राईली हमलों में गज़्ज़ावासियों के नरसंहार की आलोचना की, फ़िलिस्तीनी ध्वज उठाया, इस्राईली ध्वज जलाया, इस्राईल के ख़िलाफ़ ही नहीं बल्कि इस्राईल से सांठ गांठ करने वाली अरब सरकारों के ख़िलाफ़ भी नारे लगाए।
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हमास का लोहा तो इस्राईली मीडिया ने भी माना...फ़िलिस्तीनियों का दिबका डांस क्यों चर्चा में आया? वह इस्राईली मल्बा जो अब कभी इमारत का रूप नहीं ले सकेगा!
May १६, २०२१ १५:१३जब हम टीवी पर देखते हैं कि सैकड़ों की संख्या में इस्राईली पुरुष, महिलाएं और बच्चे सुरक्षित ठिकाने की तलाश में भाग रहे हैं ताकि बिजली की तरह तेल अबीब पर गिरने वाले फ़िलिस्तीनी संगठनों के मिसाइलों से ख़ुद को बचा सकें तो हमारे मन में यही सवाल चकराने लगता है कि क्या यही वह महान इस्राईल है जिस पर नेतनयाहू सारी दुनिया के सामने इतना इतरा रहे थे? क्या यह शासन अपना अस्तित्व बाक़ी रख पाएगा?