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इस्राईल पर क्यों भड़के सऊदी राजकुमार? क्या यह गुज़र जाने वाले बादल हैं या गहरे बदलाव के इशारे? क़तर सऊदी अरब संधि से इसका क्या है संबंध?
Dec ०८, २०२० ०६:१२सऊदी अरब के पूर्व इंटैलीजेन्स चीफ़ और वाशिंग्टन और लंदन में सऊदी अरब के पूर्व राजदूत तुर्की अलफ़ैसल ने बहरैन सम्मेलन में इस्राईल पर बहुत तेज़ हमला कर दिया। तुर्की फ़ैसल के बयान से सऊदी अरब के भीतर भी और इलाक़े के स्तर पर भी लोगों को बड़ा ताज्जुब हुआ।
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क्या ईरान पर हमले के लिए सऊदी अरब ने खोली अपनी वायु सीमा, एक बड़े तूफान से पहले की है यह खामोशी, ईरान की कौन सी शक्ति ने अमरीका की नींद उड़ा दी है? रायुलयौम ने दिये इन सवालों के जवाब
Dec ०७, २०२० १४:००लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र रायुल यौम ने इलाके में जारी कई घटनाओं का विश्लेषण करके चौंकाने वाले नतीजे निकाले हैं जो पढ़ने लायक़ है।
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मोदी सरकार के विवादित नए कृषि क़ानून को लेकर कुछ ऐसे सवाल जिसके जवाब का इंतेज़ार कर रहें किसान! क्या भारत बंद की सफलता नए क़ानून में बदलाव का रास्ता साफ़ करेगा?
Dec ०६, २०२० १६:२०भारत के किसानों ने मोदी सरकार से पूछा है कि जो उनकी सरकार की ओर से नया कृषि क़ानून बनाया गया है क्या भारतीय किसानों की तरफ़ से ऐसा कोई क़ानून बनाने की मांग उठी थी? और क्या किसानों से इस नए क़ानून के बारे कोई सलाह ली गई? किसानों का आरोप है कि मोदी सरकार इसके ज़रिये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) एवं मंडियों की स्थापित व्यवस्था को ख़त्म करना चाह रही है। किसान एमएसपी को क़ानूनी अधिकार बनाए जाने की मांग कर रहे हैं।
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अरब देशों और क़तर के बीच सुलह की ख़बरों को लेकर उठे सवालों का जवाब नहीं!
Dec ०६, २०२० १४:४३अरबों के बीच सुलह और फ़ार्स की खाड़ी के अरब देशों के संकट के समाधान का मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है कि जब न तो सऊदी अरब और क़तर और न ही मध्यस्थ कर रहे अमेरिका की ओर से किसी भी तरह का अब तक कोई स्पष्ट और ठोस बयान इस संबंध में सामने नहीं आया है।
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अमरीका नहीं, ईरान अपनी इन शर्तों पर परमाणु समझौते में अमरीका की वापसी स्वीकार करेगा... रूसी न्यूज़ एजेन्सी का ज़बरदस्त विश्लेषण
Dec ०५, २०२० ०९:३२रूसी न्यूज़ एजेन्सी स्पूतनिक की परशियन सेवा में जो बाइडन द्वारा ईरान के परमाणु समझौते में वापसी और अमरीका की कुछ शर्तों के विषय पर चर्चा की है जो पढ़ने लायक़ है।
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फ़्रांसीसी राष्ट्रपति पर टूट पड़े अर्दोग़ान, बताया देश के लिए एक बोझ...क्या यूरोपीय प्रतिबंधों के एलान से पहले ही जवाबी हमला शुरू कर रहा है तुर्की? तुर्की-क़तर संबंधों के दायरे में इसका क्या है निहितार्थ?
Dec ०५, २०२० ०६:३७तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां के ख़िलाफ़ बड़ा मोर्चा खोल दिया है। आया सोफ़िया मस्जिद में जुमे की नमाज़ अदा करने के बाद अर्दोग़ान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मैं आशा करता हूं कि फ़्रांस को बहुत जल्द राष्ट्रपति मैक्रां के बोझ से निजात मिल जाएगी वरना येलो जैकेट प्रदर्शन रेड जैकेट प्रदर्शन में बदल जाएगा।
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दूसरों के लिए गड्ढा खोद रहे नेतनयाहू ख़ुद ही उसमें गिर पड़े! इस्राईल में राजनीतिक उथल-पुथल, दो वर्षों में चौथी बार चुनाव!
Dec ०३, २०२० १५:२४एक बहुत ही पुरानी कहावत है कि जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है वह ख़ुद ही उसमें गिर जाता है। पश्चिमी एशिया में अमेरिका और यूरोपीय देशों की मदद से जब से अवैध ज़ायोनी शासन अस्तित्व में आया है तब से इस पूरे क्षेत्र में अशांति और असुरक्षा की स्थिति पैदा हो गई है। साथ ही यह अवैध शासन हमेशा अमेरिका की मदद से इस प्रयास में रहता है कि पश्चिमी एशियाई देशों में कभी भी राजनीतिक स्थिरता न होने पाए। लेकिन इधर दो वर्षों से स्वयं इस्राईल में सबसे ज़्यादा राजनीतिक अस्थिरता देखी जा रही है।
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चार साल बाद फिर मिलेंगे...ट्रम्प ने अभी से 2024 में अपनी उम्मीदवारी का कर दिया एलान...क्या इतनी लंबी योजनाबंदी ट्रम्प के स्वभाव से मेल खाती है?
Dec ०३, २०२० १४:४४ट्रम्प लगातार अलग थगल पड़ते जा रहे हैं और उनके क़रीबी समर्थक भी उनका साथ छोड़ रहे हैं मगर इसके बावजूद उनका कहना है कि 2024 में वह फिर राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगे।
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बाइडन ने रूहानी और उनकी टीम को दिया संदेश...हम परमाणु समझौते में लौटेंगे...मगर लगता है कि अब देर हो चुकी है? क्या टारगेट किलिंग की और भी घटनाएं हो सकती हैं?
Dec ०३, २०२० ०६:०५अमरीका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने न्यूयार्क टाइम्ज़ अख़बार के माध्यम से ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी को महत्वपूर्ण संदेश भेजा है कि हम परमाणु समझौते में लौट रहे हैं क्योंकि यह समझौता न होगा तो इलाक़े के देश यानी सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र भी परमाणु दौड़ में लग जाएंगे जिसके ख़तरनाक परिणाम होंगे।
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यमन के जनांदोलन अंसारुल्लाह को आतंकवादी गुट घोषित करना, एक बड़ी ग़लती होगी, लेकिन क्यों?: थिंक टैंक ब्रूकिंग्स
Dec ०२, २०२० १६:२७एक अमेरिकी थिंक टैंक ने डोनल्ड ट्रम्प प्रशासन के नवीनतम क़दम का विरोध करने का कारण बताते हुए कहा है कि, यमन के जनांदोलन असारुल्लाह को आतंकवादी गुट घोषित करने की व्हाइट हाउस की संभावित योजना एक बड़ी ग़लती होगी।